मुजफ्फरनगर: अपने 17 साल के न्यायिक करियर में 35 मामलों में मृत्युदंड की सजा सुना चुके अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर चर्चा में हैं। मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में तैनात रहे दिवाकर को अब फैमिली कोर्ट में अपर प्रधान न्यायाधीश बनाया गया है। वह जिले में ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। मुजफ्फरनगर में पिछले पांच महीनों के दौरान वह 10 मामलों में 23 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में तीन न्यायिक अधिकारियों की…
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पुलिस स्टेशनों में 24×7 CCTV जरूरी, खराब हो तो हर गतिविधि की GD में होगी एंट्री; इलाहाबाद HC का सख्त आदेश
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पुलिस स्टेशनों में CCTV सिस्टम 24 घंटे और साल के 365 दिन चालू रहना चाहिए। अगर किसी वजह से निगरानी व्यवस्था काम नहीं कर रही है, तो पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे और पूछताछ या गिरफ्तारी के लिए थाने लाए गए हर व्यक्ति की जानकारी तुरंत जनरल डायरी (GD) में दर्ज करनी होगी। यह टिप्पणी जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने राघवेंद्र दुबे…
Read Moreइलाहाबाद हाई कोर्ट सबसे ज्यादा दबाव में! 52 जजों के पद खाली, 12 लाख से अधिक मामले लंबित; संसद में सरकार ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े
नई दिल्ली: देश की न्यायिक व्यवस्था में जजों की कमी और बढ़ते लंबित मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में विस्तृत जानकारी दी है। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक देश की 25 हाई कोर्ट में कुल 1,122 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 781 जज कार्यरत हैं, जबकि 341 पद अब भी रिक्त हैं। सबसे अधिक 52 रिक्त पद इलाहाबाद हाई कोर्ट में हैं, जहां 12 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। देश के हाई कोर्ट में हर तीसरा पद खाली राज्यसभा में कानून मंत्री…
Read More‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी से भी नहीं जागी शर्म’, भ्रष्टाचार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी; दोषियों को मृत्युदंड की वकालत
प्रयागराज: भ्रष्टाचार को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश में ईमानदारी का स्तर इस हद तक गिर चुका है कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का विवाद भी लोगों को शर्मिंदा नहीं कर सका। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार के दोषियों के लिए मृत्युदंड जैसे कठोर प्रावधान पर भी विचार किया जाना चाहिए। भ्रष्टाचार पर न्यायालय की तीखी टिप्पणी न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने हमीरपुर के फैमुद्दीन और दो अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान 51 पन्नों का अलग फैसला…
Read Moreगैंगस्टर एक्ट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, अपराध की कमाई साबित किए बिना नहीं होगी संपत्ति कुर्क
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति को जब्त करने से पहले राज्य सरकार के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि वह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है। अदालत ने कहा कि केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज होना संपत्ति कुर्क करने का आधार नहीं बन सकता। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने देवरिया निवासी कमलेश्वर प्रताप उर्फ अप्पू की अपील स्वीकार करते हुए उनके मकान और…
Read Moreतलाक के 30 दिन बाद की दूसरी शादी, फिर भी मिला गुजारा-भत्ता? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट से मांगा जवाब
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली महिला को मासिक भरण-पोषण दिए जाने के फैमिली कोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि दूसरी शादी के बाद पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती। मामले में हाई कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया है कि दूसरी शादी की जानकारी होने के बावजूद भरण-पोषण का आदेश किस आधार पर पारित किया गया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती…
Read Moreकेवल दो केस से नहीं लगेगा ‘गुंडा’ का ठप्पा, हाई कोर्ट ने रद्द किए प्रशासन के आदेश, दिया बड़ा कानूनी संदेश
लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल दो आपराधिक मुकदमों में नाम आने के आधार पर किसी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत गुंडा घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को गुंडा घोषित करने के लिए उसका आदतन अपराधी होना आवश्यक है। एक या दो मामलों में संलिप्तता भर से यह नहीं माना जा सकता कि वह समाज के लिए स्थायी खतरा है। हाई कोर्ट ने रद्द किए प्रशासन के दोनों…
Read More‘प्रधानों को प्रशासक बनाकर नहीं रखा जा सकता…’ इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की नियुक्तियां डिवीजन बेंच के पूर्व आदेशों के उल्लंघन और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकती हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में किसी प्रकार की अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया है। मामले…
Read Moreहाई कोर्ट की सख्ती के आगे झुका नगर निगम, मेयर की शक्तियां फ्रीज होते ही जारी हुआ पार्षद शपथ ग्रहण का आदेश
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में नगर निगम और मेयर कार्यालय से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा मेयर सुषमा खर्कवाल की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां फ्रीज किए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया। कोर्ट की सख्ती के तुरंत बाद नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी के शपथ ग्रहण का आदेश जारी कर दिया गया है। नगर निगम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक फैजुल्लागंज वार्ड से निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी का शपथ ग्रहण रविवार सुबह…
Read Moreअब्बास अंसारी को हाई कोर्ट से राहत, विधानसभा सदस्यता होगी बहाल
मऊ सदर से विधायक और पूर्व बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके दो साल की सज़ा पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे उनकी रद्द की गई विधानसभा सदस्यता भी अब बहाल हो जाएगी। क्या है पूरा मामला? मामला है 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान का। 3 मार्च 2022, मऊ के पहाड़पुर में एक चुनावी सभा के दौरान अब्बास अंसारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर कहा था: “अब चुनाव के बाद हिसाब होगा, एक-एक को देख…
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