आग सिर्फ घर में नहीं लगी थी…सवालों में भी धधक उठी थी। और जब राख हटाई गई…तो सिर्फ दीवारें नहीं, सिस्टम भी काला दिखा। जस्टिस Yashwant Varma ने अपने पद से इस्तीफा देकर एक बड़ा सियासी और न्यायिक भूचाल खड़ा कर दिया है। इस्तीफा सीधे राष्ट्रपति Droupadi Murmu को भेजा गया। टाइमिंग ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। जब जज ही कटघरे में हो… तो फैसले कौन देगा? कैश कांड: आग में छुपी कहानी यह मामला तब सुर्खियों में आया जब उनके दिल्ली स्थित आवास में आग लग गई।…
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हनीट्रैप पर हाई कोर्ट: अब नहीं रुके तो समाज ही फंस जाएगा जाल में
समाज में अपराध का चेहरा बदल चुका है। अब बंदूक नहीं, कैमरा चलता है… और धमकी गोली की नहीं, वीडियो की होती है।इसी बदलते अपराधी ट्रेंड पर Allahabad High Court ने सख्त चेतावनी दी है—अगर ‘हनीट्रैप’ जैसे गिरोहों पर अभी लगाम नहीं लगी, तो सभ्य समाज खुद एक जाल में फंस जाएगा। कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: “यह सिर्फ अपराध नहीं, सामाजिक खतरा” हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं का इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग और वसूली करने वाले गिरोह अब संगठित अपराध का रूप ले चुके हैं।यह कोई छोटा-मोटा…
Read More27 साल बाद बरी हुए Raj Babbar! 1996 केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
एक फिल्म होती है… जहां हीरो अंत में जीतता है। और एक real life होती है… जहां climax आने में 27 साल लग जाते हैं। कांग्रेस सांसद Raj Babbar के लिए ये मामला कोई scene नहीं था—ये उनकी जिंदगी की सबसे लंबी “pending script” थी। और अब… आखिरकार कोर्ट ने “cut” बोल दिया। क्या था पूरा मामला: वोटिंग बूथ से कोर्ट तक साल 1996… चुनावी गर्मी… और आरोप— एक polling officer के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा। राजनीति का मैदान कभी-कभी wrestling ring जैसा हो जाता है— जहां आरोप…
Read Moreस्कूल वैन या रिस्क वैन? DM सख्त, हाईकोर्ट भी ट्रैफिक पर एक्टिव!
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में खुलासा हुआ कि 138 ऐसे वाहन स्कूलों में चल रहे हैं जिनकी फिटनेस और परमिट समाप्त हो चुकी है। वहीं 91 वाहन आयु पूरी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी संचालन में हैं। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया, ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज कराई जाए। अगर इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो स्कूल की मान्यता तक रद्द…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी — “Insensitive Remarks? Not Allowed!”
उच्चतम न्यायालय ने एक बार फिर बता दिया कि न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए!यौन हमलों से जुड़े मामलों में असंवेदनशील न्यायिक टिप्पणियाँ अदालतों, पीड़ितों और समाज—तीनों को हिला देती हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ना, कपड़े उतारने की कोशिश या पायजामे का नाड़ा तोड़ना “रेप की कोशिश नहीं” है!अब भला इसमें और क्या रह गया?—यही तो देश भर में सवाल उठ रहा है। “रात का समय…
Read Moreकृष्ण जन्मभूमि बनाम ईदगाह मस्जिद — कोर्ट में फिर गूंजे शंख और सुबूत
इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर डेढ़ घंटे तक गहन बहस चली। यह सुनवाई अब धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुंच रही है जहां अदालत मामले के मुख्य बिंदुओं को तय करने जा रही है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से दाखिल अमेंडमेंट एप्लीकेशन पर तर्क रखे गए, जबकि माता रुक्मिणी देवी की वंशज नीतू चौहान की ओर से रिज्वाइंडर एफीडेविट दाखिल किया गया। अगली तारीख 12 दिसंबर — अदालत तय करेगी केस के बिंदु न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की…
Read More“न्याय के दरवाज़े पर जांच की दस्तक!” – जस्टिस वर्मा पर लगे गंभीर आरोप
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संसद में बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को पद से हटाने के प्रस्ताव पर जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति न्यायाधीश जांच अधिनियम 1968 की धारा 3(2) के तहत गठित की गई है और इसका मकसद है— आरोपों की गंभीरता और वैधता की जांच। कौन हैं समिति के सदस्य? जस्टिस अरविंद कुमार – हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मनिंदर मोहन श्रीवास्तव – मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीवी आचार्य…
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