मतगणना से पहले कोर्टरूम में ही चुनाव का पहला “रिजल्ट” आ गया। जिस फैसले से TMC को राहत चाहिए थी, वही उनके लिए सबसे बड़ा झटका बन गया। अब सवाल ये नहीं कि कौन जीतेगा… सवाल ये है कि खेल किसके नियमों से खेला जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का साफ संदेश Supreme Court of India ने शनिवार को साफ कर दिया कि पश्चिम बंगाल की मतगणना प्रक्रिया में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। TMC ने जिस आदेश को चुनौती दी थी, उसे अदालत ने ठंडे अंदाज़ में खारिज कर…
Read MoreTag: Supreme Court
पवन खेड़ा केस में बड़ा अपडेट- हाई कोर्ट ने ठुकराया, सुप्रीम कोर्ट ने बचाया
सियासत में बयान कभी-कभी बारूद बन जाते हैं। लेकिन जब राजनीति अदालत के दरवाजे तक पहुंच जाए, तब मामला सिर्फ आरोपों का नहीं, आज़ादी का भी हो जाता है। कांग्रेस नेता Pawan Khera को Supreme Court of India से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और मानहानि मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। अदालत ने Gauhati High Court के उस आदेश को पलट दिया जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। क्या है पूरा मामला? यह विवाद उस प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू…
Read Moreअब आखिरी 48 घंटे में भी मिलेगा वोट का हक! सुप्रीम आदेश
भारत में चुनाव सिर्फ वोट नहीं होते…ये अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई होते हैं। और इस बार सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी 48 घंटे में खेल बदल दिया। अब सवाल ये नहीं कि नाम लिस्ट में है या नहीं…सवाल ये है कि फैसला कब आता है।क्योंकि अब “टाइमिंग” ही तय करेगी आपका वोट। कोर्ट का सीधा संदेश: “हक नहीं छिनेगा” Supreme Court of India ने साफ कर दिया— कोई भी योग्य नागरिक वोट देने से वंचित नहीं रहेगा। संविधान के Article 142 के तहत कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए…
Read Moreजस्टिस Yashwant Varma ने दिया इस्तीफा, न्यायपालिका पर उठे बड़े सवाल
आग सिर्फ घर में नहीं लगी थी…सवालों में भी धधक उठी थी। और जब राख हटाई गई…तो सिर्फ दीवारें नहीं, सिस्टम भी काला दिखा। जस्टिस Yashwant Varma ने अपने पद से इस्तीफा देकर एक बड़ा सियासी और न्यायिक भूचाल खड़ा कर दिया है। इस्तीफा सीधे राष्ट्रपति Droupadi Murmu को भेजा गया। टाइमिंग ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। जब जज ही कटघरे में हो… तो फैसले कौन देगा? कैश कांड: आग में छुपी कहानी यह मामला तब सुर्खियों में आया जब उनके दिल्ली स्थित आवास में आग लग गई।…
Read Moreअब बहस में गाली दो, बस ‘एडल्ट कंटेंट’ मत बनाओ हम नहीं कोर्ट बोला
कभी-कभी कानून किताबों से नहीं, अदालत के फैसलों से बदलता है। और इस बार Supreme Court of India ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने आम बहस, गाली-गलौज और ‘अश्लीलता’ की परिभाषा को ही नए सिरे से लिख दिया है। अब सवाल सीधा है—क्या हर गाली अपराध है? या फिर कानून के अपने अलग पैमाने हैं? हाई कोर्ट के फैसले पर लगा ब्रेक मामला तब शुरू हुआ जब Madras High Court ने आरोपियों को IPC की धारा 294(B) के तहत दोषी ठहराया।आरोप था—बहस के दौरान ‘bastard’ शब्द का इस्तेमाल किया…
Read Moreडिजिटल सजा?” सुप्रीम फटकार- आरोपी की बेइज्जती पड़ेगी भारी
आजकल सोशल मीडिया पर ‘क्राइम कंटेंट’ सिर्फ खबर नहीं, तमाशा बन चुका है। हथकड़ी में आरोपी, घुटनों पर बैठा इंसान, रस्सियों से बंधा चेहरा… और पीछे चलता कैमरा। यह रिपोर्टिंग नहीं, ‘डिजिटल परेड’ है। और अब इस पर देश की सबसे बड़ी अदालत—Supreme Court of India—ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “यह डिजिटल अरेस्ट है” CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने साफ कहा— यह ट्रेंड “Digital Arrest” जैसा है। मतलब? कोर्ट के बाहर ही सजा। बिना ट्रायल, बिना फैसला—सीधा सोशल मीडिया पर ‘सार्वजनिक बेइज्जती’। कोर्ट का इशारा सिर्फ पुलिस…
Read MoreSupreme झटका, लखनऊ का Sahara City अब सरकार के नाम
लखनऊ की चमकती सड़कों के बीच खड़ा ‘सहारा शहर’… जो कभी सपनों का प्रतीक था, अब एक कानूनी फैसले का केस स्टडी बन चुका है। एक झटके में नहीं, बल्कि सालों की खामोश लड़ाई के बाद आज कहानी उस मोड़ पर पहुंची, जहां ‘सहारा’ को खुद सहारे की जरूरत पड़ गई। “सुप्रीम फैसला”: सहारा को नहीं मिली राहत Supreme Court of India ने Sahara India की याचिका को खारिज कर दिया है। यह वही याचिका थी, जिसमें सहारा ने लखनऊ के Sahara Sahar की लीज रद्द करने के खिलाफ चुनौती दी…
Read MorePeriod Leave पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: “कानून बना तो नौकरी कौन देगा?”
दिल्ली की सुबह में अदालत की कार्यवाही शुरू हुई तो किसी को अंदाजा नहीं था कि मासिक धर्म अवकाश (Period Leave) पर बहस अचानक इतना तीखा मोड़ ले लेगी। याचिका में मांग की गई थी कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेड पीरियड लीव अनिवार्य किया जाए। सुनने में यह मांग महिला अधिकारों के पक्ष में लगती है, लेकिन अदालत की नजर में तस्वीर इतनी सरल नहीं थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं को “कमजोर” बताने वाली नीतियां कभी-कभी उल्टा…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ अवैध कहा, तो ट्रंप ने लगाया ग्लोबल 10% अतिरिक्त टैरिफ
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में टैरिफ को अवैध करार दिया, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे चुनौती नहीं माना। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने धमाकेदार ऐलान किया, दुनियाभर के देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। ट्रंप ने बताया कि यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत होगा। यानी पहले से लगे टैरिफ के ऊपर अब ‘एक और लेयर’। 1974 ट्रेड एक्ट और 150 दिन का नियम राष्ट्रपति ट्रंप ने समझाया कि संविधान की धारा 122 और ट्रेड ऑफ एक्ट 1974 के तहत यह टैरिफ लगाया गया। देश को व्यापार घाटा या…
Read Moreटैरिफ हटे या नहीं, ट्रंप बोले—“भारत भाई, 18% तो चुकाना ही पड़ेगा!”
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध ठहरा दिया, लेकिन लगता है फैसला ‘सिर्फ नाम का’ था। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा, भारत को 18 प्रतिशत टैरिफ देना ही होगा। टैरिफ रद्द होने के बावजूद स्थिति जस की तस रहेगी। कोई बदलाव नहीं होगा और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी असर नहीं पड़ेगा। यानि सुप्रीम कोर्ट ने हुक्म तो सुना दिया, लेकिन अमेरिकन कैश रियलिटी में कुछ नहीं बदला। मोदी और ट्रंप—दोस्त या डील मेकर? ट्रंप ने मोदी को ‘मेरे अच्छे दोस्त, सज्जन और बुद्धिमान’ बताया। भारत के…
Read More