प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल शादी का वादा पूरा न होना अपने आप में दुष्कर्म का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में यह साबित होना आवश्यक है कि शुरुआत से ही शादी का वादा धोखा देने की नीयत से किया गया था और उसी आधार पर सहमति हासिल की गई थी। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज चार्जशीट, समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह…
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पत्नी पढ़ी-लिखी और कमाने में सक्षम हो तो भी मिल सकता है गुजारा भत्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
लखनऊ: क्या केवल शिक्षित होने या कमाने की क्षमता रखने भर से पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती? इस अहम सवाल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए साफ किया है कि पत्नी के पढ़े-लिखे होने या नौकरी करने की क्षमता भर से उसे सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता मांगने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि असली सवाल यह है कि क्या पत्नी के पास वर्तमान समय में खुद का भरण-पोषण…
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