₹15,000 का सपना, ₹8,000 की हकीकत! 1076 की बेटियां सड़क पर
Lucknow की सड़कों पर इस बार ट्रैफिक नहीं, तकलीफ जाम हुई। वो महिलाएं, जो रोज़ फोन पर दूसरों की समस्याएं सुलझाती थीं, आज खुद सिस्टम से जवाब मांग रही हैं। और irony देखिए—हेल्पलाइन चलाने वाली ही ‘हेल्प’ के लिए चौराहों पर बैठी हैं। 1090 चौराहा: बैरिकेडिंग के पीछे...