नौकरी, स्कूटी, शादी के पैसे—योगी का ‘बेटी पावर पैक’!
लखनऊ के मंच से जब आंकड़े गूंजते हैं, तो वो सिर्फ नंबर नहीं होते—वो उम्मीदों की आवाज़ होते हैं… और कभी-कभी राजनीतिक ब्रांडिंग का बैकग्राउंड म्यूजिक भी। सरकार कहती है—बेटियां आगे बढ़ रही हैं। जमीन पूछती है—कितनी तेज़? नौकरी का बड़ा दावा: ‘हर घर रोजगार’ या ‘हर भाषण...