मां-बाप की सेवा बेटे की जिम्मेदारी, बहू की नहीं; हाईकोर्ट ने पति को फटकारा, कहा- शादी हुक्म चलाने का लाइसेंस नहीं

बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि किसी महिला को अपने मायके जाने के लिए ससुराल के लोगों से इजाजत लेने की जरूरत क्यों होनी चाहिए। कोर्ट के मुताबिक माता-पिता की देखभाल की पहली जिम्मेदारी उनके अपने बेटे या बेटी की होती है, बहू या दामाद की नहीं। यह मामला एक मजदूर…

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तलाक के 30 दिन बाद की दूसरी शादी, फिर भी मिला गुजारा-भत्ता? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट से मांगा जवाब

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली महिला को मासिक भरण-पोषण दिए जाने के फैमिली कोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि दूसरी शादी के बाद पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती। मामले में हाई कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया है कि दूसरी शादी की जानकारी होने के बावजूद भरण-पोषण का आदेश किस आधार पर पारित किया गया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती…

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