प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में जरूरी पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी के बिना संचालित किए जा रहे ईंट-भट्ठों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने मेरठ निवासी नितिश कुमार और पांच अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। बिना मंजूरी ईंट-भट्ठों के संचालन पर रोक की मांग याचिका में मांग…
Read MoreTag: High Court Order
22 साल बाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कुंवर सिंह को मिलेगी रुकी पेंशन-ग्रेच्युटी, 7% ब्याज भी देने का आदेश
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी निवासी कुंवर सिंह की पिछले सात साल से रोकी गई पेंशन और ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने संबंधित विभाग को सेवानिवृत्ति की तारीख से भुगतान होने तक 7 फीसदी साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया है। क्या है पूरा मामला? कुंवर सिंह के खिलाफ वर्ष 2003 में क्राइम नंबर 174 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 409 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 18 जून 2003 को अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी,…
Read Moreगैंगस्टर एक्ट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, अपराध की कमाई साबित किए बिना नहीं होगी संपत्ति कुर्क
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति को जब्त करने से पहले राज्य सरकार के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि वह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है। अदालत ने कहा कि केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज होना संपत्ति कुर्क करने का आधार नहीं बन सकता। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने देवरिया निवासी कमलेश्वर प्रताप उर्फ अप्पू की अपील स्वीकार करते हुए उनके मकान और…
Read Moreचाय-बिस्कुट ले जाने पर गई नौकरी, हाई कोर्ट ने कहा- 17 साल की सेवा पर इतनी बड़ी सजा नहीं; चपरासी की बहाली के आदेश
रांची: चाय और बिस्कुट घर ले जाने के आरोप में नौकरी से निकाले गए एक चपरासी को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए कर्मचारी को दोबारा सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि 17 साल की सेवा देने वाले कर्मचारी को इस तरह के आरोप पर नौकरी से निकालना अत्यधिक कठोर कार्रवाई है और यह न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। मामला बोकारो जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) में संविदा पर…
Read More‘प्रधानों को प्रशासक बनाकर नहीं रखा जा सकता…’ इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की नियुक्तियां डिवीजन बेंच के पूर्व आदेशों के उल्लंघन और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकती हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में किसी प्रकार की अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया है। मामले…
Read Moreशादी का वादा टूटना ही रेप नहीं! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी के खिलाफ चार्जशीट से लेकर पूरी कार्यवाही रद्द
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल शादी का वादा पूरा न होना अपने आप में दुष्कर्म का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में यह साबित होना आवश्यक है कि शुरुआत से ही शादी का वादा धोखा देने की नीयत से किया गया था और उसी आधार पर सहमति हासिल की गई थी। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज चार्जशीट, समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह…
Read More