नई दिल्ली: 17 सितंबर 2026 को कन्या संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। संक्रांति के दिन स्नान, दान और सूर्य उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ खास उपाय करने से सूर्य से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है और करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। 17 सितंबर को होगा सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर…
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कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? जानिए कंस के अत्याचार से लेकर श्रीकृष्ण के जन्म और वध तक की पूरी पौराणिक कथा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की आधी रात को मथुरा के कारागार में देवकी और वसुदेव के पुत्र के रूप में भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ-साथ अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक भी माना जाता है। जन्माष्टमी से जुड़ी पौराणिक कथा कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव के कारावास और श्रीकृष्ण के गोकुल पहुंचने की घटना से जुड़ी है। कंस के अत्याचार से परेशान थी मथुरा…
Read Moreनाक की बनावट से पता चलता है कैसा है आपका स्वभाव? सामुद्रिक शास्त्र में बताए गए हैं ये संकेत
नई दिल्ली: सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अलग-अलग अंगों की बनावट के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में जानकारी मिलने का उल्लेख किया गया है। इसी मान्यता के अनुसार नाक की आकृति भी व्यक्ति के व्यवहार और प्रवृत्तियों से जुड़े कुछ संकेत देती है। किसी की नाक छोटी होती है तो किसी की लंबी, जबकि कुछ लोगों की नाक आगे से झुकी हुई या किसी एक दिशा में हल्की मुड़ी होती है। सामुद्रिक शास्त्र में इन अलग-अलग आकृतियों के आधार पर व्यक्तित्व के बारे में कई…
Read Moreक्या आपकी हथेली पर बना है ‘त्रिशूल’ का निशान? हस्तरेखा शास्त्र में माना जाता है बेहद शुभ, जानें क्या कहते हैं ये संकेत
लखनऊ: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और उनसे बनने वाली आकृतियों को व्यक्ति के जीवन से जुड़े कई संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि हथेली पर बनने वाले कुछ विशेष चिन्ह व्यक्ति के स्वभाव, करियर, आर्थिक स्थिति और भविष्य से जुड़े संकेत दे सकते हैं। इन्हीं शुभ चिन्हों में त्रिशूल का निशान भी शामिल है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली के अलग-अलग पर्वतों और रेखाओं पर बने त्रिशूल के अलग-अलग अर्थ माने जाते हैं। शुक्र पर्वत पर त्रिशूल का निशान हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार शुक्र पर्वत…
Read More2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात, भारत में नहीं आएगा नजर; जानें सही समय, सूतक काल और क्या होंगे नियम
नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का चरम रात 11 बजकर 16 मिनट पर रहेगा। पूरी खगोलीय घटना करीब 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगी। रात 11:16 बजे ग्रहण चरम पर इस सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को अपनी छाया से ढकता…
Read More12 अगस्त को लगेगा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा या नहीं
नई दिल्ली: खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए 12 अगस्त 2026 बेहद खास रहने वाला है। इस दिन दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान कुछ क्षेत्रों में दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। हालांकि यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन दुनिया के कई देशों में इसका अद्भुत नजारा देखा जा सकेगा। इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन लाइव भी देख सकेंगे। किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के अनुसार 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण रूस के उत्तरी हिस्से,…
Read More5 अगस्त के बाद बनेगा बुध-शनि का नवपंचम योग, इन 3 राशियों पर रह सकती है शुभ प्रभाव, करियर और धन लाभ के बन रहे योग
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 5 अगस्त की रात बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ बुध और शनि के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक यह शुभ योग 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। क्या होता है नवपंचम योग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम भाव में स्थित होते हैं,…
Read Moreसावन में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 अहम नियम, तभी पूर्ण मानी जाती है भगवान शिव की पूजा
नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो चुका है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, लेकिन इसे अर्पित करने के भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है। सोमवार और चतुर्थी को बेलपत्र न तोड़ें धार्मिक मान्यता के…
Read Moreदेवघर की अद्भुत परंपरा! बाबा बैद्यनाथ से पहले क्यों होता है मां काली का श्रृंगार? जानिए हृदयपीठ का धार्मिक रहस्य
देवघर: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सदियों से चली आ रही एक अनूठी धार्मिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। यहां प्रतिदिन शाम को बाबा बैद्यनाथ का श्रृंगार करने से पहले मां काली का श्रृंगार किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि देवघर शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप का पवित्र धाम है, इसलिए यहां पूजा की यह विशेष परंपरा आज भी कायम है। हृदयपीठ होने के कारण निभाई जाती है यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवघर वह स्थान है…
Read Moreश्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 कब है? नोट कर लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व
नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। इस पूरे माह में भगवान शिव की आराधना के साथ कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी, जिसे पवित्रोपना एकादशी और पवित्र एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कब रखा जाएगा श्रावण पुत्रदा एकादशी…
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