नई दिल्ली: मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक जैविक चरण है, जो आमतौर पर 45 से 55 साल की उम्र के बीच आता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इनका असर मूड, शारीरिक स्वास्थ्य और नींद पर भी पड़ सकता है। कई महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान इंसोमनिया यानी अनिद्रा की समस्या होने लगती है। हालांकि, खानपान और जीवनशैली में कुछ बदलाव करके इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से बिगड़ सकती है नींद…
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उम्र बढ़ने के साथ क्यों कमजोर पड़ने लगती हैं मांसपेशियां? वैज्ञानिकों ने खोजी इसकी असली वजह, इलाज की भी जगी उम्मीद
वाशिंगटन डीसी से सामने आए एक नए वैज्ञानिक शोध में उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत कम होने के पीछे छिपी एक अहम वजह का पता चला है। कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक, उम्र बढ़ने पर मांसपेशियां अपनी कोशिकाओं को नुकसान से बचाने के लिए ताकत से समझौता करने लगती हैं। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोग में पाया कि एक खास अणु का स्तर आंशिक रूप से बहाल करने से मांसपेशियों के कमजोर होने की प्रक्रिया को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस खोज…
Read Moreसर्दियों में बढ़ने लगा है डैंड्रफ? प्याज से जुड़े ये घरेलू उपाय आजमाने से पहले जान लें जरूरी बातें
नई दिल्ली: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही स्कैल्प में रूखापन, खुजली और डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है। ठंडी हवा और मौसम में नमी की कमी से सिर की त्वचा प्रभावित होती है। ऐसे में कई लोग प्याज के रस जैसे घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। हालांकि, प्याज को डैंड्रफ का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। इसके इस्तेमाल से कुछ लोगों को परेशानी भी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। बालों पर कैसे करें प्याज का इस्तेमाल? प्याज में सल्फर युक्त यौगिक पाए जाते हैं।…
Read Moreचेहरा टेढ़ा होने के अलावा स्ट्रोक के ये 5 लक्षण भी हैं खतरनाक, नजरअंदाज किया तो जा सकती है जान
नई दिल्ली: स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क तक खून की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों के भीतर मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है। समय रहते इसके संकेतों को पहचानकर इलाज शुरू किया जाए, तो मरीज की जान बचाने और स्थायी विकलांगता के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। हर साल 29 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व स्ट्रोक दिवस के मौके पर जानिए इसके…
Read Moreदिल्ली की जहरीली हवा गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा, समय से पहले डिलीवरी का जोखिम बढ़ने की आशंका; डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे शिशुओं की सेहत के लिए चिंता का विषय बन रहा है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने का संबंध समय से पहले प्रसव और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसे जोखिमों से पाया गया है। विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को प्रदूषण से बचने, सांस संबंधी लक्षणों को गंभीरता से लेने और नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने की सलाह दी है। प्रदूषण का असर केवल फेफड़ों…
Read Moreदिन में सोना और रातभर जागना पड़ सकता है भारी! बिगड़ती जैविक घड़ी से नींद ही नहीं, दिल, दिमाग और मेटाबॉलिज्म पर भी खतरा
नई दिल्ली: देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप चलाना, रात की पाली में काम करना और सप्ताहांत में सोने-जागने का समय बदल देना अब आम दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। लेकिन अनियमित जीवनशैली शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को प्रभावित कर सकती है। इसका असर केवल नींद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हृदय, मस्तिष्क, पाचन, चयापचय और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक सोने-जागने का समय लगातार बदलते रहने से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ पारिवारिक जीवन और आपसी संबंध भी प्रभावित…
Read Moreपतली कमर के लिए पसलियों का आकार बदलवा रहीं महिलाएं! क्या है रिब रीमॉडलिंग सर्जरी, जिसके जोखिम जानकर चौंक जाएंगे आप
नई दिल्ली: पतली कमर और आकर्षक शारीरिक बनावट पाने की चाह में कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन बढ़ रहा है। अब इस दिशा में रिब रीमॉडलिंग सर्जरी भी चर्चा में है, जिसमें कमर को पतला दिखाने के लिए निचली पसलियों की स्थिति और आकार में बदलाव किया जाता है। सोशल मीडिया पर इस प्रक्रिया को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच इसके संभावित खतरों पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों के लिए सबसे अहम चिंता यह है कि शरीर की हड्डियों में बदलाव करने वाली इस सर्जरी के दीर्घकालिक प्रभावों को…
Read Moreखाना खाने के बाद छाती में होती है जलन? इसे गैस समझकर न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताई इसकी असली वजह
नई दिल्ली: खाना खाने के बाद छाती में जलन होना आम परेशानी लग सकती है, लेकिन हर बार इसे गैस या अपच मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। फोर्टिस अस्पताल मानेसर के वरिष्ठ सलाहकार गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. अभिनंदन मिश्र के मुताबिक, कई मामलों में इसके पीछे गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD हो सकती है। इस स्थिति में पेट की अम्लीय सामग्री वापस भोजन नली में पहुंच जाती है। इससे छाती के बीचों-बीच जलन, मुंह में खट्टा पानी आना या खाना वापस ऊपर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खाना खाने के…
Read Moreडिमेंशिया से बचाव में मददगार हो सकती है रोजाना की वॉक? एक्सपर्ट ने बताया कैसे एक्टिव लाइफस्टाइल रखे दिमाग को स्वस्थ
नई दिल्ली: उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कमजोर होना और चीजें भूलना आम चिंता बन जाती है। ऐसे में डिमेंशिया का खतरा भी लोगों को परेशान करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित रूप से सक्रिय रहना और पैदल चलना दिमाग के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। यथार्थ हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं ग्रुप डायरेक्टर न्यूरोलॉजी डॉ. कुणाल बहलानी के अनुसार, रोजाना की वॉक को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर डिमेंशिया के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए बहुत कठिन व्यायाम की जरूरत नहीं है। आरामदायक…
Read Moreहर वक्त थकान और कमजोरी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 5 फूड्स, मैग्नीशियम की कमी होगी दूर
नई दिल्ली: अगर आपको बिना ज्यादा काम किए भी दिनभर थकान और कमजोरी महसूस होती है या अक्सर मांसपेशियों में ऐंठन रहती है, तो यह शरीर में मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है। मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल है, जो मांसपेशियों और नसों के सही कामकाज के साथ दिल की सेहत और शरीर में ऊर्जा बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या, अनियमित खानपान और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन के कारण शरीर में इस जरूरी पोषक तत्व की कमी हो…
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