नई दिल्ली: देश की न्यायिक व्यवस्था में जजों की कमी और बढ़ते लंबित मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में विस्तृत जानकारी दी है। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक देश की 25 हाई कोर्ट में कुल 1,122 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 781 जज कार्यरत हैं, जबकि 341 पद अब भी रिक्त हैं। सबसे अधिक 52 रिक्त पद इलाहाबाद हाई कोर्ट में हैं, जहां 12 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। देश के हाई कोर्ट में हर तीसरा पद खाली राज्यसभा में कानून मंत्री…
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‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी से भी नहीं जागी शर्म’, भ्रष्टाचार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी; दोषियों को मृत्युदंड की वकालत
प्रयागराज: भ्रष्टाचार को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश में ईमानदारी का स्तर इस हद तक गिर चुका है कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का विवाद भी लोगों को शर्मिंदा नहीं कर सका। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार के दोषियों के लिए मृत्युदंड जैसे कठोर प्रावधान पर भी विचार किया जाना चाहिए। भ्रष्टाचार पर न्यायालय की तीखी टिप्पणी न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने हमीरपुर के फैमुद्दीन और दो अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान 51 पन्नों का अलग फैसला…
Read More45 साल बाद मिला इंसाफ, लेकिन बहुत देर से… सुप्रीम कोर्ट ने जिन 3 को बताया बेगुनाह, उनमें एक पूरी उम्रकैद काट चुका था
नई दिल्ली: न्याय मिलने में हुई देरी का एक बेहद मार्मिक उदाहरण उत्तर प्रदेश के 1977 के चर्चित हत्या मामले में सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने 45 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि इनमें से एक आरोपी अपनी पूरी उम्रकैद की सजा पहले ही जेल में काट चुका था और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सजा माफ किए जाने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकी। 1977 में हुए इस…
Read MoreUP Panchayat News: 19 जुलाई से ब्लॉक प्रमुख बन सकते हैं प्रशासक, सरकार 18 जुलाई तक जारी कर सकती है बड़ा आदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को लेकर सरकार एक और बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लॉक प्रमुख) को भी प्रशासक बनाए जाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार इस संबंध में 18 जुलाई तक आदेश जारी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो 19 जुलाई को कार्यकाल समाप्त होने के बाद ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में अपने दायित्व संभालेंगे। सूत्रों के अनुसार, पंचायती राज विभाग ने…
Read Moreगैंगस्टर एक्ट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, अपराध की कमाई साबित किए बिना नहीं होगी संपत्ति कुर्क
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति को जब्त करने से पहले राज्य सरकार के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि वह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है। अदालत ने कहा कि केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज होना संपत्ति कुर्क करने का आधार नहीं बन सकता। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने देवरिया निवासी कमलेश्वर प्रताप उर्फ अप्पू की अपील स्वीकार करते हुए उनके मकान और…
Read MoreRoblox समेत अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; नाबालिगों की सुरक्षा पर जताई चिंता
लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने Roblox समेत अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की पहुंच सीमित करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म बच्चों को यौन शोषण के लिए बहलाने (Sexual Grooming), हिंसक सामग्री, साइबर बुलिंग और अन्य ऑनलाइन खतरों के संपर्क में ला सकते हैं। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने की। यह जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट…
Read Moreतलाक के 30 दिन बाद की दूसरी शादी, फिर भी मिला गुजारा-भत्ता? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट से मांगा जवाब
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली महिला को मासिक भरण-पोषण दिए जाने के फैमिली कोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि दूसरी शादी के बाद पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती। मामले में हाई कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया है कि दूसरी शादी की जानकारी होने के बावजूद भरण-पोषण का आदेश किस आधार पर पारित किया गया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती…
Read Moreकेवल दो केस से नहीं लगेगा ‘गुंडा’ का ठप्पा, हाई कोर्ट ने रद्द किए प्रशासन के आदेश, दिया बड़ा कानूनी संदेश
लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल दो आपराधिक मुकदमों में नाम आने के आधार पर किसी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत गुंडा घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को गुंडा घोषित करने के लिए उसका आदतन अपराधी होना आवश्यक है। एक या दो मामलों में संलिप्तता भर से यह नहीं माना जा सकता कि वह समाज के लिए स्थायी खतरा है। हाई कोर्ट ने रद्द किए प्रशासन के दोनों…
Read More‘भारतीय कानून से ऊपर नहीं कोई सोशल मीडिया मंच’… जांच में सहयोग न करने पर हाईकोर्ट की एक्स को सख्त फटकार
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच एक्स की ओर से पुलिस जांच में कथित असहयोग पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि कोई भी बहुराष्ट्रीय डिजिटल मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता। न्यायालय ने टिप्पणी की कि भारतीय कानून का दायरा इतना व्यापक है कि वह किसी भी उल्लंघन तक पहुंच सकता है और दोषियों को न्याय के कटघरे तक ला सकता है। जांच में सहयोग नहीं करना स्वीकार्य नहीं यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश…
Read Moreराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI जांच की मांग ठुकराई, याचिका खारिज
लखनऊ: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद CBI जांच की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया। मोहित अशोक की ओर से दायर इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इसी विषय…
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