नई दिल्ली: न्याय मिलने में हुई देरी का एक बेहद मार्मिक उदाहरण उत्तर प्रदेश के 1977 के चर्चित हत्या मामले में सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने 45 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि इनमें से एक आरोपी अपनी पूरी उम्रकैद की सजा पहले ही जेल में काट चुका था और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सजा माफ किए जाने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकी। 1977 में हुए इस…
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69000 शिक्षक भर्ती विवाद फिर तेज, चयन सूची के पुनरीक्षण में देरी पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। चयन सूची के पुनरीक्षण (री-विजिट) में देरी से नाराज आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आश्वासन के अनुरूप अब तक चयन सूची का पुनरीक्षण नहीं किया…
Read MoreRoblox समेत अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; नाबालिगों की सुरक्षा पर जताई चिंता
लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने Roblox समेत अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की पहुंच सीमित करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म बच्चों को यौन शोषण के लिए बहलाने (Sexual Grooming), हिंसक सामग्री, साइबर बुलिंग और अन्य ऑनलाइन खतरों के संपर्क में ला सकते हैं। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने की। यह जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट…
Read More‘भारतीय कानून से ऊपर नहीं कोई सोशल मीडिया मंच’… जांच में सहयोग न करने पर हाईकोर्ट की एक्स को सख्त फटकार
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच एक्स की ओर से पुलिस जांच में कथित असहयोग पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि कोई भी बहुराष्ट्रीय डिजिटल मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता। न्यायालय ने टिप्पणी की कि भारतीय कानून का दायरा इतना व्यापक है कि वह किसी भी उल्लंघन तक पहुंच सकता है और दोषियों को न्याय के कटघरे तक ला सकता है। जांच में सहयोग नहीं करना स्वीकार्य नहीं यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश…
Read Moreराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI जांच की मांग ठुकराई, याचिका खारिज
लखनऊ: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद CBI जांच की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया। मोहित अशोक की ओर से दायर इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इसी विषय…
Read Moreशादी का वादा टूटना ही रेप नहीं! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी के खिलाफ चार्जशीट से लेकर पूरी कार्यवाही रद्द
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल शादी का वादा पूरा न होना अपने आप में दुष्कर्म का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में यह साबित होना आवश्यक है कि शुरुआत से ही शादी का वादा धोखा देने की नीयत से किया गया था और उसी आधार पर सहमति हासिल की गई थी। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज चार्जशीट, समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह…
Read Moreपत्नी पढ़ी-लिखी और कमाने में सक्षम हो तो भी मिल सकता है गुजारा भत्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
लखनऊ: क्या केवल शिक्षित होने या कमाने की क्षमता रखने भर से पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती? इस अहम सवाल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए साफ किया है कि पत्नी के पढ़े-लिखे होने या नौकरी करने की क्षमता भर से उसे सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता मांगने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि असली सवाल यह है कि क्या पत्नी के पास वर्तमान समय में खुद का भरण-पोषण…
Read Moreडूंगरपुर केस में पलटी बाज़ी! आजम खान को मिली बेल, केस में आया ट्विस्ट
समाजवादी पार्टी (सपा) के दिग्गज नेता आजम खान और ठेकेदार बरकत अली को बहुचर्चित डूंगरपुर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने बुधवार को दोनों को जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट में क्या हुआ? 12 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। 30 मई 2024 को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को 10 साल और बरकत अली को 7 साल की सजा सुनाई थी। दोनों ने सजा के खिलाफ…
Read Moreफर्जी” थी डिग्री या “फुर्सत” में अफवाह? केशव प्रसाद मौर्य को सुप्रीम क्लीन चिट
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर एक याचिका दिवाकर नाथ त्रिपाठी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी।आरोप था कि मौर्य ने प्रयागराज स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन से प्राप्त एक अमान्य डिग्री का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा और पेट्रोल पंप हासिल किया। इसके अलावा उन पर यह भी आरोप था कि उन्होंने गलत जानकारी के आधार पर चुनावी नामांकन दाखिल किया। हाईकोर्ट ने पहले ही कर दी थी छुट्टी यह याचिका पहले जिला न्यायालय में गई थी, लेकिन समय सीमा के उल्लंघन के कारण खारिज…
Read Moreस्कूल मर्जर ड्रामा: कोर्ट बोले सीतापुर चुप रहे, बाकी सब चलो मर्जर पे
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें 50 से कम छात्रों वाले 5000 परिषदीय स्कूलों के मर्जर की बात कही गई है। हां, कोर्ट ने सीतापुर को फिलहाल “No Entry” ज़ोन घोषित करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनी रहे। क्या है सरकार की योजना? शिक्षा विभाग की ओर से तर्क ये है कि 50 से कम बच्चों वाले स्कूल संसाधनों की बर्बादी हैं, इसलिए उन्हें नज़दीकी बड़े स्कूलों में मिला दिया जाए।सरकार…
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