पहले आग बरसी, अब तूफान आएगा! 9 राज्यों में मौसम का डबल अटैक

46°C की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई… और अब आसमान बदला लेने को तैयार है। जहां लोग लू से बचने के लिए घरों में कैद थे, वहीं अब तूफान और बारिश नई मुसीबत बनकर दरवाजे पर खड़े हैं, और इस पूरे खेल का स्क्रिप्ट लिख रहा है India Meteorological Department—जो कह रहा है कि यह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक खतरनाक पैटर्न है। गर्मी का कहर: 9 राज्यों में आग पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, Uttar Pradesh, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात—इन राज्यों में तापमान 40 से 46 डिग्री के…

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जहां होती थी अंतिम विदाई… वहीं जयमाला! शादी ने मचा दिया बवाल

उत्तराखंड खुद को dream wedding destination बनाने में जुटा है, लेकिन अल्मोड़ा के मर्चूला से आई एक घटना ने पूरी तस्वीर हिला दी। जहां कभी अंतिम संस्कार होते थे, उसी जगह दूल्हा-दुल्हन ने जयमाला पहन ली। वीडियो वायरल हुआ तो लोग भड़क उठे—क्योंकि सवाल सिर्फ शादी का नहीं, संस्कार और संवेदनाओं का है। मर्चूला में शादी या मर्यादा की सीमा पार? Uttarakhand के Almora district के सल्ट क्षेत्र स्थित मर्चूला में एक विवाह समारोह अब राज्यव्यापी चर्चा बन चुका है। रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम के पास बने पुराने अंत्येष्टि…

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धीरेंद्र शास्त्री अब कथावाचक नहीं इतिहासकार हो गए- शिवाजी पर भी दावा

एक बयान आया… और पूरा देश दो हिस्सों में बंट गया। धर्म, राजनीति और इतिहास—तीनों एक साथ टकरा गए। और अब सवाल सिर्फ बयान का नहीं, सोच का हो गया है। नागपुर में दिया बयान—और मच गया बवाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश के नागरिकों को “चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बेटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देना चाहिए।” यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मच गई। कार्यक्रम का मंच—और बढ़ा विवाद यह…

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जिम बॉडी के नाम पर ज़हर! दिल्ली में स्टेरॉयड रैकेट का बड़ा खुलासा

जिम में बॉडी बनाने का सपना… और घर आ रहा था जहर। प्रोटीन के नाम पर स्टेरॉयड, हेल्थ के नाम पर हेल—दिल्ली में जो मिला, वो डराने वाला है। और सबसे खतरनाक बात—यह सब खुलेआम बेचा जा रहा था, बिना किसी डर के। नजफगढ़ में छापा… और खुल गई ‘फिटनेस इंडस्ट्री’ की काली सच्चाई दिल्ली के नजफगढ़ में एक ऐसा गोदाम पकड़ा गया, जिसने फिटनेस इंडस्ट्री की पोल खोल दी। FSSAI, केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर M/s Gaurav Vats Nutrition नाम के प्रतिष्ठान पर…

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कालिख, चप्पल और सियासत! लखनऊ में मेयर के घर के बाहर हंगामा

कालिख पोती गई… चप्पल चली… और सियासत सुलग उठी। लखनऊ की एक गली में जो हुआ, उसने पूरे यूपी का पारा चढ़ा दिया। सवाल अब सिर्फ विरोध का नहीं—मर्यादा बनाम राजनीति का है। मेयर के घर के बाहर हंगामा: विरोध ने पकड़ा उग्र रूप Lucknow में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब Samajwadi Party के एक कार्यकर्ता ने मेयर Sushma Kharkwal के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मेरठ निवासी गौरव चौधरी ने घर के बाहर कालिख पोती। नेमप्लेट पर चप्पल मारकर विरोध जताया। कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का…

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केदारनाथ के कपाट खुले—भक्ति में डूबा देश, CM धामी की विशेष पूजा

हिमालय की ठंडी हवा में आज सिर्फ बर्फ नहीं, आस्था बह रही थी। जैसे ही कपाट खुले—हर दिल “हर हर महादेव” में डूब गया। ये सिर्फ एक मंदिर नहीं… करोड़ों भावनाओं का दरवाजा है। केदारनाथ के कपाट खुले: आस्था का विस्फोट Kedarnath Temple में आज सुबह वह ऐतिहासिक पल आया, जिसका इंतजार देशभर के श्रद्धालु कर रहे थे। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जैसे ही बाबा केदारनाथ के कपाट खुले, पूरा परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू और चेहरे पर सुकून…

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नाम पूछकर गोलियां… 1 साल बाद भी सिहराता पहलगाम! PM का बड़ा संदेश

नाम पूछा गया… धर्म पूछा गया… और फिर गोलियां चला दी गईं। एक साल बीत गया, लेकिन उस दिन की चीखें आज भी घाटी की हवा में गूंजती हैं। सवाल आज भी जिंदा है—क्या हम कभी ऐसे जख्म भूल सकते हैं? पहलगाम की वो काली दोपहर, जिसने देश हिला दिया Pahalgam की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया। आतंकियों ने सैलानियों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई—वो लोग जो सिर्फ छुट्टियां मनाने आए…

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मार्च या ट्रैफिक महाभारत? लखनऊ की सड़कों पर ‘जाम का चक्रव्यूह’

सड़कें रुकीं… शहर थमा… और सिस्टम बेनकाब हो गया। लखनऊ आज एक रैली नहीं, बल्कि अव्यवस्था की लाइव स्क्रीनिंग बन गया। क्या ये महिला अधिकारों की लड़ाई थी… या आम जनता की परीक्षा? एक तरफ नारे गूंज रहे थे…दूसरी तरफ गाड़ियों में बैठे लोग पसीने और गुस्से में उबल रहे थे। और सबसे दर्दनाक—जिंदगी बचाने वाली एम्बुलेंस भी इस ‘जाम’ में कैद थी। पीक आवर्स में पॉलिटिक्स: शहर बना शिकार लखनऊ की सड़कों पर आज भीड़ नहीं, chaos बह रहा था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकले महिला मार्च ने ट्रैफिक…

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फडणवीस vs राऊत—कानून पास, फिर भी क्यों सुलग रहा है महिला आरक्षण?

कानून पास हो चुका… फिर भी सड़कों पर जंग क्यों जारी है? मुंबई में एक सभा, और पूरा महाराष्ट्र सियासी बहस के भंवर में खिंच गया। क्या ये महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है… या चुनावी कहानी का नया अध्याय? वर्ली में माइक उठा, तो दिल्ली की बहस भी फिर जिंदा हो गई। एक तरफ सत्ता की चुनौती, दूसरी तरफ विपक्ष का फैक्ट-बॉम्ब। और बीच में खड़ा मतदाता—जिसे समझ नहीं आ रहा कि सच कौन बेच रहा है। वर्ली की सभा: सियासत का लॉन्चपैड वर्ली में महायुति की रैली सिर्फ…

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बेटी की हत्या कर चेहरा मिटाया, फिर खुद दर्ज कराई गुमशुदगी

एक पिता… जिसने बेटी को जन्म दिया, उसी ने उसकी जिंदगी छीन ली। और फिर कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… उसने सच्चाई को मिटाने की कोशिश भी की। क्या शक इतना खतरनाक हो सकता है कि इंसान रिश्तों का गला घोंट दे? लखनऊ से आई ये घटना सिर्फ एक क्राइम नहीं…समाज के टूटते भरोसे की खामोश चीख है। हत्या: जब शक ने इंसानियत को हराया यहां हत्या हथियार से नहीं… सोच से हुई। आरोपी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी। कारण?सिर्फ एक शक — कि बेटी…

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