झाँसी (देवेश प्रताप सिंह राठौर): बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी में चल रहे ‘ सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शनिवार को अर्थशास्त्र एवं वित्त संस्थान में विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्र सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय की प्रेरणा एवं निर्देशानुसार तथा सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. मुन्ना तिवारी के निर्देशन में किया गया। मुख्य वक्ता एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय के पूर्व अधिष्ठाता एवं रक्षा अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ प्रो. पी. के. घोष ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा किमजबूत रक्षा ही मजबूत भारत की आधारशिला है।किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामरिक सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए सुदृढ़ रक्षा व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
अर्थशास्त्र एवं वित्त संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. घोष ने कहा कि भारत रक्षा तकनीक, स्वदेशी उत्पादन और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस लड़ाकू विमान तथा स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में निवेश, अनुसंधान और स्वदेशी तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बन सकता है। रक्षा क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अनुसंधान, स्टार्टअप, तकनीकी विकास और नवाचार की अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रो. घोष ने अपने लगभग 40 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव तथा भारतीय नौसेना में 25 वर्षों तक एनसीसी अधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट कमांडर की जिम्मेदारी निभाने के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
अर्थशास्त्र एवं वित्त संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ शम्भू नाथ सिंह ने कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। युवाओं को अपने ज्ञान, कौशल और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्रहित में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में चल रहा सेवा संकल्प अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्र सेवा और सकारात्मक नेतृत्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
