जिम जाने की जरूरत नहीं! फिट रहने के लिए आज से शुरू करें ये 7 आसान Walking Plans, बिना मशीनों के बनेगी फिटनेस

नई दिल्ली: फिट और सक्रिय रहने के लिए हर किसी को जिम जाकर भारी वजन उठाने की जरूरत नहीं है। अगर आप नियमित रूप से सही तरीके से वॉकिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो इससे वजन को नियंत्रित रखने, दिल को मजबूत बनाने, स्टैमिना बढ़ाने और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद मिल सकती है। बिना जिम गए फिटनेस पर काम करने के लिए आप इन 7 आसान वॉकिंग प्लान को अपना सकते हैं।

ब्रिस्क वॉकिंग से तेजी से बर्न करें कैलोरी

तेज गति से चलना फिटनेस के लिए एक आसान और प्रभावी तरीका है। रोजाना 25 से 30 मिनट तक तेज चाल से चलने से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने, दिल को मजबूत बनाने और स्टैमिना बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है।

इंटरवल वॉकिंग से बढ़ाएं एक्टिवनेस

इंटरवल वॉकिंग में धीमी और तेज चाल को बारी-बारी से अपनाया जाता है। इसके लिए पहले 2 मिनट सामान्य गति से चलें और फिर अगले 1 मिनट तेज गति से वॉक करें। इस क्रम को 20 से 25 मिनट तक दोहराया जा सकता है। इससे वॉकिंग को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है।

मॉर्निंग वॉक से दिन की करें बेहतर शुरुआत

सुबह की ताजी हवा में 30 से 40 मिनट तक टहलना शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। सुबह की सैर से मन को शांत रखने और दिनभर सक्रिय रहने में मदद मिलती है। इसे रोजाना की दिनचर्या में शामिल करना फिटनेस बनाए रखने का आसान तरीका है।

स्टेप काउंट वॉकिंग से तय करें रोज का लक्ष्य

इस वॉकिंग प्लान में रोजाना कदमों की एक निश्चित संख्या का लक्ष्य तय किया जाता है। एक स्वस्थ शरीर के लिए दिनभर में 8,000 से 10,000 कदम चलना अच्छा माना जाता है। मोबाइल फोन या स्मार्टवॉच की मदद से आप अपने रोजाना कदमों पर नजर रख सकते हैं।

नेचर वॉक से कम करें तनाव

पार्क, गार्डन या किसी हरे-भरे प्राकृतिक वातावरण में टहलना शारीरिक गतिविधि के साथ मानसिक सुकून भी दे सकता है। रोजाना 20 से 30 मिनट प्रकृति के बीच चलने से तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है।

इवनिंग वॉक से पाचन को दें सहारा

शाम के समय हल्की वॉक करना भी रोजाना की फिटनेस का हिस्सा बनाया जा सकता है। खासकर रात के खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की सैर पाचन में मदद कर सकती है और भोजन के बाद शरीर को हल्का महसूस कराने में सहायक हो सकती है।

इंक्लाइन वॉकिंग से पैरों की मांसपेशियां होंगी मजबूत

अगर घर के आसपास सीढ़ियां या ढलान वाली जगह उपलब्ध है, तो वहां वॉकिंग को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है। हल्की चढ़ाई या ढलान पर चलने से पैरों की मांसपेशियों पर ज्यादा काम होता है और सामान्य वॉकिंग की तुलना में अधिक कैलोरी खर्च हो सकती है।

फिटनेस के लिए जिम जाना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित वॉकिंग को दिनचर्या में शामिल करके शरीर को सक्रिय रखा जा सकता है। इन 7 वॉकिंग प्लान में से अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुनकर नियमितता के साथ शुरुआत की जा सकती है।

 

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