भारत में चुनाव सिर्फ वोट नहीं होते…ये अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई होते हैं। और इस बार सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी 48 घंटे में खेल बदल दिया। अब सवाल ये नहीं कि नाम लिस्ट में है या नहीं…सवाल ये है कि फैसला कब आता है।क्योंकि अब “टाइमिंग” ही तय करेगी आपका वोट। कोर्ट का सीधा संदेश: “हक नहीं छिनेगा” Supreme Court of India ने साफ कर दिया— कोई भी योग्य नागरिक वोट देने से वंचित नहीं रहेगा। संविधान के Article 142 के तहत कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए…
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