नई दिल्ली: देश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों के भीतर हुए घटनाक्रमों ने संसद का गणित बदल दिया है। विपक्षी दलों में जारी अंदरूनी उठापटक और संभावित टूट के बीच केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लक्ष्य के और करीब पहुंचती दिखाई दे रही है। परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को लेकर अब सत्ता पक्ष की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं। लोकसभा में अप्रैल महीने के दौरान विपक्ष की एकजुटता के चलते महत्वपूर्ण विधेयक आवश्यक समर्थन हासिल नहीं…
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महाशक्तिशाली मोदी: 2030 के बाद भी अटूट दिख रही सत्ता की पकड़, विपक्ष पूरी तरह बैकफुट पर
नई दिल्ली: साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद जब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव अब कमजोर पड़ने लगा है, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि कुछ ही वर्षों में वह पहले से कहीं ज्यादा मजबूत राजनीतिक स्थिति में लौटेंगे। अब अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों और हालिया चुनावी नतीजों ने संकेत दे दिए हैं कि मोदी का राजनीतिक प्रभाव सिर्फ 2029 तक ही सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि आने वाले दशक में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना…
Read Moreबंगाल में BJP ने 9 मई को शपथ क्यों चुनी? टैगोर से जुड़ा बड़ा सियासी संदेश
यह सिर्फ सरकार बनने की तारीख नहीं… यह एक संदेश है, जो सीधे दिल और दिमाग पर हमला करता है। West Bengal में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद 9 मई को चुना गया शपथ ग्रहण का दिन अब सियासत से आगे बढ़कर संस्कृति की लड़ाई बन चुका है। सवाल यह नहीं कि सरकार कब बनेगी… सवाल यह है कि BJP किस कहानी को rewrite करना चाहती है? तारीख नहीं, रणनीति है 9 मई का चुनाव कोई कैलेंडर का खेल नहीं बल्कि एक calculated political strike है क्योंकि इसी दिन…
Read Moreमोदी मैजिक: एक नेता, एक दशक… और बदली पूरी राजनीति!
13 सितंबर 2013… एक तारीख, जिसने भारतीय राजनीति का DNA बदल दिया। जब Narendra Modi को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ये फैसला आने वाले एक दशक में पूरे राजनीतिक भूगोल को री-डिज़ाइन कर देगा। उस समय Bharatiya Janata Party की पकड़ सीमित थी। कई राज्य ऐसे थे जहां पार्टी सिर्फ “नाम भर” थी, जमीन पर नहीं। लेकिन राजनीति में कभी-कभी एक चेहरा ही पूरी स्क्रिप्ट बदल देता है… और यहां वही हुआ। मोदी फैक्टर: चुनाव से ज्यादा मनोविज्ञान सिर्फ…
Read More30 वोट से आगे थे… आखिरी राउंड में 1 वोट ने पलटी सरकार की इज्जत!
सिर्फ एक वोट… और सत्ता का संतुलन जमीन पर गिर पड़ा। Tamil Nadu के इस चुनावी मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जीत-हार का फासला कभी-कभी सांसों जितना पतला होता है। और इस बार कहानी ऐसी बनी कि 30 वोट की बढ़त भी आखिरी राउंड में धूल बन गई… आखिर ऐसा क्या हुआ? एक वोट का वार यह हार सामान्य नहीं, बल्कि सियासी सिस्टम पर सीधा तमाचा है क्योंकि K. R. Periyakaruppan जैसे अनुभवी नेता सिर्फ एक वोट से चुनाव हार गए। Dravida Munnetra Kazhagam के इस…
Read Moreबंगाल में योगी फैक्टर: 82% स्ट्राइक से सत्ता पलटी- ‘बुलडोजर बाबा’ का धमाका
जिसे “अजेय किला” कहा जा रहा था, वो एक झटके में मलबे में बदल गया। West Bengal की सियासत में यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि narrative का क्रैश है जहां मैदान में उतरा हर समीकरण बिखर गया। और इस पूरी कहानी में एक नाम अचानक सबसे ऊपर आ गया—Yogi Adityanath… क्या यह सिर्फ प्रचार था या एक सुनियोजित राजनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक? बंगाल में ‘बाबा’ का बवंडर यह जीत सिर्फ Bharatiya Janata Party की नहीं, बल्कि उस आक्रामक कैंपेन मॉडल की है जिसने बंगाल की राजनीति को सीधे चुनौती दी।…
Read MoreCM पीछे, ट्रेंड आगे—सुबह के आंकड़ों ने हिला दी कुर्सी, क्या पलटेगा पूरा गेम?
सुबह 9 बजे… और सत्ता की नींव हिलती नजर आई। जिन चेहरों को “अजेय” कहा जा रहा था, वही शुरुआती रुझानों में पीछे फिसलते दिखे। यह सिर्फ वोटों की गिनती नहीं—यह जनता के मूड का विस्फोट है। एक साथ 5 राज्यों में सियासी भूकंप India के पांच बड़े राज्यों—West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry—में वोटों की गिनती शुरू होते ही ट्रेंड्स ने सियासी पारा उबाल पर पहुंचा दिया। हर राज्य की कहानी अलग है, लेकिन हर कहानी में एक कॉमन ट्विस्ट है—अनिश्चितता। CM ही पीछे—सत्ता का सबसे बड़ा…
Read Moreपवन खेड़ा केस में बड़ा अपडेट- हाई कोर्ट ने ठुकराया, सुप्रीम कोर्ट ने बचाया
सियासत में बयान कभी-कभी बारूद बन जाते हैं। लेकिन जब राजनीति अदालत के दरवाजे तक पहुंच जाए, तब मामला सिर्फ आरोपों का नहीं, आज़ादी का भी हो जाता है। कांग्रेस नेता Pawan Khera को Supreme Court of India से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और मानहानि मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। अदालत ने Gauhati High Court के उस आदेश को पलट दिया जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। क्या है पूरा मामला? यह विवाद उस प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू…
Read Moreगुजरात में 15 नगरपालिकाओं में कांग्रेस ‘गायब’! सत्ता तो दूर
गुजरात की राजनीति में कांग्रेस सिर्फ हारी नहीं है… वो लगभग ‘गायब’ हो गई है। जिस पार्टी ने दशकों तक सत्ता को चुनौती दी, आज वही अपनी मौजूदगी बचाने के लिए जूझ रही है। और सबसे बड़ा सवाल ये है… क्या भारत की सबसे पुरानी पार्टी अब स्थानीय राजनीति से भी बाहर हो रही है? दूसरी तरफ ये सिर्फ चुनावी हार नहीं, बल्कि एक सिस्टम फेलियर की कहानी बनती जा रही है। नगरपालिकाओं में कांग्रेस की हालत ऐसी है कि कई जगहों पर वो विपक्ष का दर्जा पाने लायक भी…
Read Moreराघव चड्ढा का बम—7 सांसदों संग BJP में विलय! AAP में सियासी भूकंप
दिल्ली की राजनीति में अचानक भूकंप आया है। AAP का सबसे चमकता चेहरा… अब पार्टी छोड़ चुका है। और जो दावा किया गया है—वो सीधे संसद की ताकत बदल सकता है। राघव चड्ढा का बड़ा ऐलान—AAP से सीधा BJP तक राघव चड्ढा ने अपने छह सहयोगी सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा के दो-तिहाई सदस्य उनके साथ हैं और वे सभी भारतीय जनता पार्टी में विलय कर रहे हैं। यह…
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