कभी-कभी कानून किताबों से नहीं, अदालत के फैसलों से बदलता है। और इस बार Supreme Court of India ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने आम बहस, गाली-गलौज और ‘अश्लीलता’ की परिभाषा को ही नए सिरे से लिख दिया है। अब सवाल सीधा है—क्या हर गाली अपराध है? या फिर कानून के अपने अलग पैमाने हैं? हाई कोर्ट के फैसले पर लगा ब्रेक मामला तब शुरू हुआ जब Madras High Court ने आरोपियों को IPC की धारा 294(B) के तहत दोषी ठहराया।आरोप था—बहस के दौरान ‘bastard’ शब्द का इस्तेमाल किया…
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‘भोंदू बाबा’ के सपोर्ट में 38 महिला लेकिन नहीं मिली जमानत, कोर्ट सख्त
नासिक का चर्चित ‘भोंदू बाबा’ केस अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां सच और भ्रम के बीच की रेखा धुंधली होती नजर आ रही है। एक तरफ गंभीर आरोप—रेप, शोषण, ब्लैकमेलिंग—और दूसरी तरफ कोर्ट में खड़ी 38 महिलाओं की आवाज—“हम अपनी मर्जी से गए थे।” लेकिन सवाल वही—अगर सब कुछ सहमति से था, तो फिर जमानत क्यों नहीं? यही वह टकराव है जिसने इस केस को सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और मनोवैज्ञानिक बहस का केंद्र बना दिया है। जमानत पर कोर्ट का सख्त रुख विवादास्पद ज्योतिषी…
Read Moreकेजरीवाल बोले ‘ये जज नहीं चलेगी’, जानिए कौन हैं Justice Sharma
दिल्ली की राजनीति में अक्सर आरोपों की आतिशबाज़ी होती है. लेकिन इस बार चिंगारी सीधे कोर्टरूम की चौखट तक पहुंच गई है. एक्साइज पॉलिसी केस में आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने कानूनी गलियारों में हलचल मचा दी है. केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत अन्य आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की है कि केस को Justice Swarnkanta Sharma की पीठ से हटाकर किसी दूसरी ‘निष्पक्ष’ बेंच को सौंपा जाए. राजनीति की…
Read MoreAI से बनी याचिका, अदालत में हड़कंप! CJI बोले– ‘गूगल नहीं, दिमाग लगाइए’
देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ वकील AI टूल्स की मदद से याचिकाएं तैयार कर रहे हैं लेकिन उनमें गलत, अधूरी और यहां तक कि काल्पनिक केस लॉ भी शामिल हो रहे हैं। कोर्ट के अनुसार कई मामलों में ऐसे फैसलों का हवाला दिया गया जो वास्तविकता में मौजूद ही नहीं हैं। इससे न सिर्फ अदालत का कीमती समय बर्बाद…
Read Moreहर 8 मिनट में लापता हो रहा बच्चा, Supreme Court ने मांगा 6 साल का डेटा
देश में बच्चों के लगातार गायब होने की घटनाओं ने अब Supreme Court को भी झकझोर दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि यह सिर्फ अलग-अलग घटनाएं नहीं हो सकतीं — इसके पीछे nationwide organised network की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस पूरे मुद्दे की deep investigation करे और यह पता लगाए कि क्या इन मामलों में कोई common pattern है। राज्यों की सुस्ती पर कोर्ट का तंज सुनवाई…
Read MoreDA कोई दया नहीं, हक़ है! सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को पढ़ाया कानून का पाठ
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा कि महंगाई भत्ता (DA) देना सरकार की मर्जी नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। जस्टिस संजय करोल और पी.के. मिश्रा की बेंच ने सरकार की आर्थिक तंगी वाली दलीलों को सीधे खारिज कर दिया। मतलब साफ है जेब हल्की है, यह बहाना नहीं चलेगा। 2009–2019 तक का 25% DA देना होगा सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि साल 2009 से 2019 तक का बकाया DA 25% की दर से…
Read Moreअब छुपेगा नहीं खेल! SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट का ‘Transparency वार’
पश्चिम बंगाल के SIR (Special Investigation Report) मामले में सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने पारदर्शिता को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दे दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है—अब रिकॉर्ड में गड़बड़ी छिपेगी नहीं। पंचायत और वार्ड ऑफिस में लगेगी ‘नामों की लिस्ट’ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, अब पंचायत और वार्ड कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर उन सभी व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक रूप से चिपकाए जाएंगे, जिनके रिकॉर्ड में किसी भी तरह की irregularity पाई गई है। कोर्ट का मानना है कि इससे प्रभावित लोगों…
Read MorePOCSO कोर्ट का सख्त फैसला: बेटी से दुष्कर्म का दोषी पिता को 20 साल की कठोर सजा
देहरादून की विशेष POCSO अदालत ने एक ऐसे अपराध पर सख्त फैसला सुनाया है, जिसने रिश्तों की परिभाषा पर ही सवाल खड़े कर दिए।विशेष न्यायाधीश अर्चना सागर की अदालत ने अपनी ही बेटी से वर्षों तक दुष्कर्म करने वाले पिता को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सालों तक घर की चारदीवारी में चलता रहा जुल्म मामले की शुरुआत 20 नवंबर 2023 को हुई, जब…
Read Moreससुर की संपत्ति से विधवा बहू का गुजारा भत्ता! SC ने कहा: “बेटी जैसी है बहू”
सुप्रीम कोर्ट ने विधवा बहुओं को बड़ी राहत देने वाला फैसला सुनाया है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने स्पष्ट किया कि बेटे की मौत के बाद भी विधवा बहू का भरण-पोषण सास-ससुर की जिम्मेदारी है। पति के जाने के बाद भी बहू हकदार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर विधवा बहू को पति की मौत के बाद भी गुजारा भत्ता चाहिए, तो उसका अधिकार ससुर की संपत्ति से मिलेगा, चाहे पति संपत्ति छोड़कर गया हो या नहीं। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि भरण-पोषण…
Read Moreकुत्तों का दिमाग पढ़ना संभव नहीं है कि वे कब काटेंगे- सुप्रीम संदेश
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर एक बार फिर अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में अपनाए गए अपने सख्त रुख को बरकरार रखते हुए साफ कहा— “कुत्तों का दिमाग पढ़ना संभव नहीं है कि वे कब काटेंगे।” न्यायालय ने यह भी चेतावनी दी कि जिन राज्यों ने अब तक जवाब दाखिल नहीं किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Bench की दो टूक बात इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ कर रही है। जस्टिस संदीप…
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