रात के 12 बजते ही सड़कें सुनसान… हवा में अजीब सी सरसराहट… और अचानक कोई लंबा बाल खोलकर घूमता दिख जाए! डरिए मत… हो सकता है वो बस अपनी अधूरी “नाइट आउट” की इच्छा पूरी कर रही हो। कभी आपने गौर किया है कि ये जो प्रेतनी, डायन और चुड़ैल होती हैं—ये हमेशा आधी रात को ही क्यों घूमती हैं? दिन में तो कहीं दिखती नहीं, लेकिन रात के 12 बजते ही जैसे इनकी “ड्यूटी” शुरू हो जाती है। अब असली राज सुनिए बाबू… जब ये ज़िंदा थीं ना… तब इनका…
Read MoreTag: Viral Content
संस्कृत में झगड़ा: पड़ोसी समझें हवन, घर में चले ‘महाभारत’
हर घर में दो चीजें कॉमन होती हैं—प्यार… और झगड़ा। लेकिन सोचिए, अगर वही झगड़ा संस्कृत में हो तो? आवाज़ वही, गुस्सा वही… लेकिन बाहर वालों को लगे— घर में हवन चल रहा है। यहीं से शुरू होती है शादीशुदा जीवन की सबसे ‘संस्कारी कॉमेडी’। “झगड़ा नहीं, संस्कारिक संवाद” आमतौर पर पति-पत्नी का झगड़ा मोहल्ले की breaking news बन जाता है। लेकिन अगर वही संवाद संस्कृत में हो— तो गुस्सा भी श्लोक जैसा लगेगा। “त्वं मां न शृणोषि!” “त्वमेव दोषी असि!” अब पड़ोसी confuse—ये बहस है या कोई वैदिक अनुष्ठान? “इमेज बिल्डिंग का…
Read MoreGadarandhar: तारा और हमजा साथ आए… तो ‘येलीना’ भी सरहद पार हो गई
सिनेमा की दुनिया में कुछ ख्याल आते नहीं… टकराते हैं। और जब टकराते हैं तो स्क्रीन नहीं—सीधा दिमाग हिलाते हैं।कल्पना कीजिए… सरहद पर धूल उड़ रही है… बैकग्राउंड में ढोल नहीं, दिल धड़क रहा है… और उसी धुएं के बीच से निकलते हैं Tara Singh — हाथ में हैंडपंप नहीं, इस बार मिशन है! दूसरी तरफ… एक ठंडा, calculated, surgical दुनिया का दिमाग—Aditya Dhar की universe का एजेंट हमजा। और फिर… एक नाम—येलीना। यहीं से शुरू होता है… “गदरंधर” जब गदर की गरज मिली धुरंधर की चाल से “गदर” सिर्फ फिल्म…
Read Moreडिजिटल सजा?” सुप्रीम फटकार- आरोपी की बेइज्जती पड़ेगी भारी
आजकल सोशल मीडिया पर ‘क्राइम कंटेंट’ सिर्फ खबर नहीं, तमाशा बन चुका है। हथकड़ी में आरोपी, घुटनों पर बैठा इंसान, रस्सियों से बंधा चेहरा… और पीछे चलता कैमरा। यह रिपोर्टिंग नहीं, ‘डिजिटल परेड’ है। और अब इस पर देश की सबसे बड़ी अदालत—Supreme Court of India—ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “यह डिजिटल अरेस्ट है” CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने साफ कहा— यह ट्रेंड “Digital Arrest” जैसा है। मतलब? कोर्ट के बाहर ही सजा। बिना ट्रायल, बिना फैसला—सीधा सोशल मीडिया पर ‘सार्वजनिक बेइज्जती’। कोर्ट का इशारा सिर्फ पुलिस…
Read More