दिल्ली की सुबह में अदालत की कार्यवाही शुरू हुई तो किसी को अंदाजा नहीं था कि मासिक धर्म अवकाश (Period Leave) पर बहस अचानक इतना तीखा मोड़ ले लेगी। याचिका में मांग की गई थी कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेड पीरियड लीव अनिवार्य किया जाए। सुनने में यह मांग महिला अधिकारों के पक्ष में लगती है, लेकिन अदालत की नजर में तस्वीर इतनी सरल नहीं थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं को “कमजोर” बताने वाली नीतियां कभी-कभी उल्टा…
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AI से बनी याचिका, अदालत में हड़कंप! CJI बोले– ‘गूगल नहीं, दिमाग लगाइए’
देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ वकील AI टूल्स की मदद से याचिकाएं तैयार कर रहे हैं लेकिन उनमें गलत, अधूरी और यहां तक कि काल्पनिक केस लॉ भी शामिल हो रहे हैं। कोर्ट के अनुसार कई मामलों में ऐसे फैसलों का हवाला दिया गया जो वास्तविकता में मौजूद ही नहीं हैं। इससे न सिर्फ अदालत का कीमती समय बर्बाद…
Read More“अरावली को मत छुओ!” – सुप्रीम कोर्ट का सख्त संदेश, सफारी पर ब्रेक
Supreme Court of India ने अरावली माउंटेन रेंज में प्रस्तावित जंगल सफारी प्रोजेक्ट पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक इसकी वैज्ञानिक और कानूनी सीमाएं तय नहीं होतीं, तब तक कोई भी परियोजना यहां शुरू नहीं हो सकती। मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि अरावली उत्तर भारत की ecological security का backbone है। यह सिर्फ एक पहाड़ी इलाका नहीं, बल्कि climate balance, groundwater recharge और pollution control की natural system है। Haryana Government का Jungle Safari प्लान क्यों अटका? Government…
Read More“अब न्याय नहीं सोएगा! आधी रात को भी खुलेगा कोर्ट – गेमचेंजर ऐलान”
भारत की न्यायिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की आहट है। Chief Justice of India (CJI) सूर्यकांत ने संकेत दिए हैं कि अब कानूनी इमरजेंसी की स्थिति में नागरिक आधी रात को भी अदालत का दरवाज़ा खटखटा सकेंगे। एक इंटरव्यू में CJI ने साफ कहा कि Human Rights की सुरक्षा के लिए अदालतों को 9 से 5 की सोच से बाहर निकलना होगा। अगर किसी व्यक्ति को गलत समय पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है या उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता खतरे में है, तो वह किसी भी वक्त अदालत से सुनवाई…
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