AAP के साथ किया काम, छिपाया नहीं; अभिजीत दीपके ने खुद बताया पार्टी से अपना कनेक्शन

नई दिल्ली: जून और जुलाई में राजधानी दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद से अभिजीत दीपके के आम आदमी पार्टी से संबंधों को लेकर लगातार चर्चा होती रही। अब दीपके ने खुद स्वीकार किया है कि वह आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी में संचार के क्षेत्र में काम किया और इस अनुभव पर उन्हें गर्व है। बाद में वह पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए थे। अभिजीत दीपके और आम आदमी पार्टी के रिश्ते पर खुलकर बोले…

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तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से मिलेगी राहत या करना होगा सरेंडर? याचिका पर सुनवाई पूरी, अब फैसले का इंतजार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पत्रकार तरुण तेजपाल की उस याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली, जिसमें उन्होंने समर्पण करने से छूट देने की मांग की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस मामले में आदेश सुनाएगी। इससे पहले छह अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर सजा सुनाई थी। समर्पण से छूट की मांग पर हुई सुनवाई जस्टिस आलोक अराधे की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गोवा सरकार की ओर से पेश…

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20 रुपये की रिश्वत का केस 30 साल चला, सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के क्लर्क-चपरासी को किया बरी; जानें कोर्ट ने क्यों पलटा फैसला

नई दिल्ली: 20 रुपये की कथित रिश्वत से जुड़ा मुकदमा करीब तीन दशक तक चलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में खत्म हुआ। अदालत ने गुजरात सरकार के एक क्लर्क और एक चपरासी की सजा रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल 20 रुपये बरामद हो जाने के आधार पर रिश्वत लेने की सजा कायम नहीं रखी जा सकती, जब तक रिश्वत की मांग साबित न हो। फरवरी 1996 का है पूरा मामला यह मामला फरवरी 1996 का है। एक छात्र शैक्षिक फीस में छूट…

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22 साल जेल में रहने के बाद बेगुनाह साबित हुआ शख्स, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- बिना पुख्ता सबूत आजादी छीनना न्याय व्यवस्था की विफलता

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ओडिशा के नबरंगपुर जिले के रहने वाले अर्जुन जानी को 22 वर्ष बाद हत्या के मामले से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि पर्याप्त और विश्वसनीय सबूतों के बिना किसी व्यक्ति को दो दशक से अधिक समय तक जेल में रखना आपराधिक न्याय प्रणाली की गंभीर और सामूहिक विफलता को दर्शाता है। शीर्ष अदालत ने जांच प्रक्रिया और अभियोजन पक्ष की भूमिका पर भी कड़ी टिप्पणी की। 2004 के ट्रिपल मर्डर केस से जुड़ा है मामला यह मामला वर्ष…

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45 साल बाद मिला इंसाफ, लेकिन बहुत देर से… सुप्रीम कोर्ट ने जिन 3 को बताया बेगुनाह, उनमें एक पूरी उम्रकैद काट चुका था

नई दिल्ली: न्याय मिलने में हुई देरी का एक बेहद मार्मिक उदाहरण उत्तर प्रदेश के 1977 के चर्चित हत्या मामले में सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने 45 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि इनमें से एक आरोपी अपनी पूरी उम्रकैद की सजा पहले ही जेल में काट चुका था और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सजा माफ किए जाने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकी। 1977 में हुए इस…

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रेप पीड़िता को बार-बार कोर्ट बुलाना उचित नहीं, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी; त्रिपुरा हाईकोर्ट का आदेश रद्द

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िताओं के अधिकारों और संवेदनशीलता को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि ट्रायल के दौरान किसी रेप पीड़िता को बार-बार अदालत में बुलाकर क्रॉस-एग्जामिनेशन की प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में त्रिपुरा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की मांग पर पीड़िता को दोबारा अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ…

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SIR पर आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तय होगा चुनाव आयोग के अधिकारों का दायरा

नई दिल्ली: चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े बेहद अहम मामले में आज सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग के पास विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कराने का संवैधानिक अधिकार है या नहीं। इस मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत आज अपना निर्णय सुनाएगी, जिस पर कई राज्यों की चुनावी प्रक्रिया और लाखों मतदाताओं की नजर टिकी हुई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले में दाखिल याचिकाओं के समूह पर फैसला सुनाएगी। अदालत यह…

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RTI से खुलासा: अयोध्या मस्जिद को NOC न मिलने पर रोका गया निर्माण!

सदियों पुराने अयोध्या राम मंदिर-मस्जिद विवाद का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में सुनाया था। एक ओर भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार हो चुका है, वहीं दूसरी ओर धन्नीपुर गांव में प्रस्तावित मस्जिद अब भी कागज़ों में अटकी हुई है। RTI के तहत हुआ खुलासा अब सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर मस्जिद निर्माण क्यों लटका पड़ा है? RTI में बड़ा खुलासा: ADA ने मस्जिद प्लान किया खारिज पत्रकार ओम प्रकाश सिंह द्वारा दायर RTI में साफ हो गया है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने धन्नीपुर मस्जिद…

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सुप्रीम फैसला -“अब वोटर लिस्ट में घुसो… आधार लेकर हाजिर हो जाओ!”

बिहार में चुनावी तैयारियां ज़ोरों पर हैं, और इस बार केवल वोट नहीं, दस्तावेज़ भी गिनेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अब आधार कार्ड को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए मान्य दस्तावेज़ घोषित कर दिया है। यानी, “अब वोटर लिस्ट में घुसने के लिए पासपोर्ट नहीं, आधार पास हो तो बात बन सकती है।” सुप्रीम आदेश: अब ‘आधार’ भी एक आधिकारिक आधार सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने आदेश देते हुए कहा कि चुनाव आयोग आधार को एक वैध दस्तावेज के रूप में माने, जैसे कि पासपोर्ट, राशन कार्ड…

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क्या सुप्रीम कोर्ट तय कर सकता है राष्ट्रपति और राज्यपाल की सीमाएं?

सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल को किसी भी विधेयक पर 3 महीने के भीतर फैसला लेना होगा। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 200 और 111 से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। केंद्र का कहना है कि कोई भी अंग ‘सुप्रीम’ नहीं है और न्यायपालिका को कार्यपालिका के अधिकारों में दखल नहीं देना चाहिए। केंद्र सरकार ने क्या कहा? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया:…

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