लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव को आज अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया जाएगा। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। परिवार, समर्थकों और करीबी लोगों का लगातार घर पहुंचना जारी है। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया के जरिए उनके अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की। उन्होंने भावुक पोस्ट करते हुए लोगों से अंतिम यात्रा में गरिमामयी उपस्थिति…
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प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर घर लाया गया, पत्नी अपर्णा यादव असम से लौटकर घर पहुंचीं, गुरुवार को पिपरा घाट पर होगा अंतिम संस्कार
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक यादव के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके आवास पर लाया गया, जहां परिवार और समर्थकों का जमावड़ा लग गया। पत्नी अपर्णा यादव असम से लौटकर लखनऊ पहुंचीं प्रतीक यादव की पत्नी और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, पति के निधन की सूचना मिलने के बाद असम से लखनऊ पहुंचीं। बताया जा रहा है कि जब प्रतीक…
Read Moreलखनऊ में बड़े मंगल की भक्ति का महासागर- भोर से पहले भक्ति और भावना
भोर से पहले ही लखनऊ जाग गया… और इस बार अलार्म नहीं, आस्था ने उठाया। जब शहर सो रहा था, तब मंदिरों की चौखट पर हजारों कदम अपनी उम्मीदें लिए खड़े थे… और हर आवाज सिर्फ एक थी—“जय श्री राम।” ये सिर्फ पूजा नहीं… ये वो दिन है जब शहर खुद को भूलकर एक भावना में बदल जाता है। आस्था का विस्फोट Lucknow में ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल किसी त्योहार से ज्यादा, एक भावनात्मक लहर बनकर उभरा। तड़के से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें यह…
Read Moreमशालों की आग में सियासत—महिलाओं का गुस्सा या 2027 का ट्रेलर?
लखनऊ की सड़कों पर आग सिर्फ मशालों में नहीं थी… आवाजों में भी थी। जो गुस्सा सालों से दबा था, वह सड़कों पर उतर आया—और सवाल ये नहीं कि कितनी महिलाएं आईं, सवाल ये है कि ये आग किस दिशा में जाएगी। Lucknow में निकली बीजेपी की यह मशाल यात्रा सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि सियासत के नए अध्याय की शुरुआत जैसी दिख रही है, जहां हर नारा आने वाले चुनाव की पटकथा लिख रहा है। विधानसभा से हजरतगंज—संदेश सीधा यह यात्रा विधानसभा के सामने से शुरू होकर Hazratganj Crossing तक…
Read More45°C में तपेगा लखनऊ! बाजार सूना, AC-पंखे फेल… शहर पर गर्मी का अटैक
Lucknow इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को शहर का तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हालात ऐसे हैं कि सामान्य दिनों में चहल-पहल से भरा शहर अब दोपहर में थमा हुआ नजर आ रहा है। गर्मी सिर्फ मौसम नहीं रही, अब यह लोगों की दिनचर्या, कारोबार और सेहत पर सीधा हमला बन चुकी है। लालबाग बाजार में पसरा सन्नाटा Market जो आम दिनों में भीड़ और कारोबार से गुलजार रहता है, वहां सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं…
Read Moreऔर भड़क उठा गुस्सा! मलिहाबाद में पासी समाज का शांतिपूर्ण धरना
Lucknow के Malihabad में एक स्मृति द्वार हटाया गया… और मामला सिर्फ “निर्माण” का नहीं रहा, “सम्मान” का बन गया। 22 अप्रैल की रात हुई इस कार्रवाई के बाद पासी समाज में गुस्सा उबाल मार रहा है। सवाल सीधा है—इतिहास हटाया गया या अनदेखा किया गया? द्वार हटाया, भरोसा टूटा – बढ़ता आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि Maharaj Maliha Pasi के स्मृति द्वार को हटाए जाने के कई दिन बाद भी इसे दोबारा स्थापित नहीं किया गया। यही देरी अब गुस्से में बदल रही है। लोगों के लिए…
Read Moreलखनऊ में गर्मी का ‘अलार्म’ बजा! बच्चों के स्कूल टाइम पर बड़ा फैसला
गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं रही… यह अब बच्चों की दिनचर्या बदल रही है। लखनऊ में ऐसा फैसला लिया गया है, जो सीधे हर घर, हर माता-पिता और हर बच्चे को छूता है। और सवाल यही है… क्या ये बदलाव सिर्फ शुरुआत है? गर्मी ने बदला स्कूल का टाइम System ने आखिरकार मान लिया कि heatwave कोई मज़ाक नहीं है। Lucknow administration ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों का टाइम बदल दिया है। अब बच्चे सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही स्कूल जाएंगे। यह…
Read Moreमेरी मां का अपमान क्यों?’ अखिलेश का लेटर बम—लखनऊ में सियासी भूचाल
मां का नाम… और सियासत का वार। एक बयान ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दीं—और जवाब आया सीधे दिल से।अब सवाल है—राजनीति में शब्द भारी हैं या रिश्ते? लेटर बम: अखिलेश का सीधा हमला सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने लखनऊ की मेयर Sushma Kharkwal को एक तीखा पत्र लिखकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। उन्होंने अपनी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित टिप्पणी को “अति निंदनीय” और “द्वेषपूर्ण” बताया। पत्र में शब्द सधे हुए थे लेकिन वार बेहद सीधा था। राजनीति में शब्द जब निजी हो जाएं… तो…
Read More“बिल पास, फिर ये मार्च क्यों?” – अखिलेश का हमला या सियासत का नया खेल?
लखनऊ में सियासत अब भाषण नहीं… बारूद बन चुकी है। एक तरफ महिलाओं के नाम पर मार्च, दूसरी तरफ उसी मुद्दे पर ‘प्रोपोगेंडा’ का आरोप। और बीच में खड़ा आम आदमी सोच रहा है — सच कौन बोल रहा है और खेल कौन खेल रहा है? सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सीधे शब्दों में वार किया, बिना किसी घुमाव के। Bharatiya Janata Party के मार्च को उन्होंने “सोची-समझी साजिश” बताया। बिल पास हो चुका फिर ये सड़कों पर ड्रामा क्यों? यहां पहला झटका यहीं से शुरू होता है। Akhilesh Yadav…
Read More2027 से पहले बड़ा गेम! योगी कैबिनेट में ‘नया चेहरा’ या ‘पुराने दिग्गजों की छुट्टी’
सत्ता की कुर्सी पर बैठा हर चेहरा सुरक्षित नहीं है… उत्तर प्रदेश में ‘कुर्सी का खेल’ फिर से शुरू हो चुका है। और इस बार चालें इतनी खामोश हैं कि शोर बाद में सुनाई देगा। दिल्ली से लखनऊ तक बैठकों का दौर…नामों की लिस्ट तैयार… और चेहरे अभी भी suspense में। सवाल ये नहीं कि विस्तार होगा… सवाल ये है कि किसकी एंट्री और किसकी एग्जिट? दिल्ली दरबार का संकेत: फैसला करीब? लखनऊ से लेकर नई दिल्ली तक बैठकों की गर्मी बढ़ चुकी है। योगी आदित्यनाथ के संभावित कैबिनेट विस्तार को…
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