Lucknow के Malihabad में एक स्मृति द्वार हटाया गया… और मामला सिर्फ “निर्माण” का नहीं रहा, “सम्मान” का बन गया। 22 अप्रैल की रात हुई इस कार्रवाई के बाद पासी समाज में गुस्सा उबाल मार रहा है। सवाल सीधा है—इतिहास हटाया गया या अनदेखा किया गया? द्वार हटाया, भरोसा टूटा – बढ़ता आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि Maharaj Maliha Pasi के स्मृति द्वार को हटाए जाने के कई दिन बाद भी इसे दोबारा स्थापित नहीं किया गया। यही देरी अब गुस्से में बदल रही है। लोगों के लिए…
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