नई दिल्ली: भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल सब्जी, दाल, चटनी और कई दूसरे व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है। इसमें मौजूद कई यौगिक शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और संतुलित आहार का हिस्सा बनकर सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
लहसुन के सेवन को रोग प्रतिरोधक क्षमता, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, इसके फायदे व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और सेवन की मात्रा पर निर्भर कर सकते हैं।
दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद
लहसुन का सेवन दिल की सेहत और रक्तचाप के लिए उपयोगी हो सकता है। शोध के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर वाले कुछ लोगों में लहसुन के सेवन से रक्तचाप में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।
लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने में भूमिका निभा सकते हैं, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद
लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये शरीर में बनने वाले हानिकारक फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाव में मदद कर सकते हैं। लहसुन को सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार के साथ सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।
पाचन और आंतों के लिए भी उपयोगी
लहसुन में प्रीबायोटिक गुण भी पाए जाते हैं, जो आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए उपयोगी हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया पाचन और समग्र स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, ज्यादा मात्रा में कच्चा लहसुन खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट दर्द या सीने में जलन जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है।
सूजन कम करने में कर सकता है मदद
लहसुन में मौजूद कुछ यौगिक शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। शरीर में हल्की सूजन सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक रहने वाली या ज्यादा सूजन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
लहसुन में मौजूद कुछ तत्व कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाने में भी भूमिका निभा सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मददगार
लहसुन के सेवन से कुछ लोगों में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर थोड़ा कम होने की बात सामने आई है। इससे दिल की सेहत को फायदा हो सकता है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।
अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो सिर्फ लहसुन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है।
सब्जी, दाल और चटनी में मिलाकर खाएं
कई लोग खाली पेट कच्चा लहसुन खाने की सलाह देते हैं, लेकिन यह तरीका हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। कच्चा लहसुन खाने से कुछ लोगों को गैस या सीने में जलन हो सकती है।
लहसुन को सब्जी, दाल, चटनी या सूप में मिलाकर खाना आसान तरीका है। इसे काटने या कुचलने के बाद कुछ देर छोड़ने से एलिसिन नाम का यौगिक बनता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ एंटीमाइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं।
लहसुन खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
लहसुन का जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर मुंह से दुर्गंध, गैस, सीने में जलन और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें लहसुन का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल लहसुन पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और संतुलित जीवनशैली को प्राथमिकता देना जरूरी है।
