नई दिल्ली: अगर आपको बिना ज्यादा काम किए भी दिनभर थकान और कमजोरी महसूस होती है या अक्सर मांसपेशियों में ऐंठन रहती है, तो यह शरीर में मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है। मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल है, जो मांसपेशियों और नसों के सही कामकाज के साथ दिल की सेहत और शरीर में ऊर्जा बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या, अनियमित खानपान और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन के कारण शरीर में इस जरूरी पोषक तत्व की कमी हो सकती है। हालांकि, रोजाना के खानपान में कुछ आसानी से मिलने वाली चीजों को शामिल करके मैग्नीशियम की जरूरत को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे प्राकृतिक स्रोतों में शामिल हैं। इनमें क्लोरोफिल भी पाया जाता है। इन्हें सब्जी, सूप या सलाद के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।
इन सब्जियों से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मदद मिलती है।
केला भी है फायदेमंद
केला आसानी से मिलने वाला फल है, जिसमें मैग्नीशियम के साथ पोटैशियम भी पाया जाता है। यह थकी हुई मांसपेशियों को आराम देने और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है।
इसे नाश्ते में या व्यायाम के बाद डाइट में शामिल किया जा सकता है।
नट्स और सीड्स को डाइट में करें शामिल
बादाम, काजू और अखरोट के अलावा कद्दू और सूरजमुखी के बीज भी मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इनमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और फाइबर भी मौजूद होते हैं।
रोजाना एक मुट्ठी नट्स या सीड्स खाने से शरीर को पोषण के साथ लंबे समय तक ऊर्जा मिल सकती है और कमजोरी को दूर करने में मदद मिल सकती है।
दालें और बीन्स भी जरूरी
घर में नियमित रूप से बनने वाली दालें भी मैग्नीशियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकती हैं। चना, राजमा, लोबिया, मसूर और मूंग दाल को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
इनमें प्रोटीन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनके सेवन से पाचन बेहतर रखने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद मिलती है।
डार्क चॉकलेट से भी मिलेगा मैग्नीशियम
अगर आपको मीठा पसंद है तो डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम पाने का एक विकल्प हो सकती है। इसमें मैग्नीशियम के अलावा एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। इसे दिल और दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
इन खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाकर शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद मिल सकती है। लगातार थकान, कमजोरी या मांसपेशियों में ऐंठन बनी रहती है तो इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं।
