सड़कें रुकीं… शहर थमा… और सिस्टम बेनकाब हो गया। लखनऊ आज एक रैली नहीं, बल्कि अव्यवस्था की लाइव स्क्रीनिंग बन गया। क्या ये महिला अधिकारों की लड़ाई थी… या आम जनता की परीक्षा? एक तरफ नारे गूंज रहे थे…दूसरी तरफ गाड़ियों में बैठे लोग पसीने और गुस्से में उबल रहे थे। और सबसे दर्दनाक—जिंदगी बचाने वाली एम्बुलेंस भी इस ‘जाम’ में कैद थी। पीक आवर्स में पॉलिटिक्स: शहर बना शिकार लखनऊ की सड़कों पर आज भीड़ नहीं, chaos बह रहा था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकले महिला मार्च ने ट्रैफिक…
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स्कूल वैन या रिस्क वैन? DM सख्त, हाईकोर्ट भी ट्रैफिक पर एक्टिव!
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में खुलासा हुआ कि 138 ऐसे वाहन स्कूलों में चल रहे हैं जिनकी फिटनेस और परमिट समाप्त हो चुकी है। वहीं 91 वाहन आयु पूरी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी संचालन में हैं। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया, ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज कराई जाए। अगर इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो स्कूल की मान्यता तक रद्द…
Read MoreOld Lucknow: जाम, ई-रिक्शा और अतिक्रमण में फंसा नवाबों का शहर
नवाबों की तहज़ीब के लिए मशहूर पुराना लखनऊ आजकल एक ही चीज़ के लिए जाना जा रहा है — जाम। अम्बरगंज, सहादतगंज, हुसैनाबाद, छोटा इमामबाड़ा के आसपास का इलाका ऐसा लगता है जैसे ट्रैफिक प्लानिंग नहीं, ट्रैफिक प्रयोगशाला बन चुका हो। यहां गाड़ी चलाना नहीं, धैर्य की परीक्षा देना पड़ता है। ई-रिक्शा + बेतरतीब रेहड़ी = Daily Disaster सड़कों पर ई-रिक्शा कहीं भी रुक जाते हैं। रेहड़ियां फुटपाथ छोड़ सड़क पर जम जाती हैं। पैदल चलने वाला इंसान सबसे आख़िर में याद आता है। “यहां रोड सड़क के लिए नहीं,…
Read Moreलखनऊ की पुकार: मैं लखनऊ हूँ, सांस नहीं ट्रैफिक ले रहा हूँ…
मैं लखनऊ हूँ — तहज़ीब की ज़ुबान, नवाबों की जान। कभी मेरी गलियाँ पतली थीं, मगर दिल बड़े थे। ना हॉर्न का शोर था, ना धुएं का जहर। आज चौड़ी सड़कें हैं, लेकिन हालत ये है कि गाड़ियाँ रेंगती हैं, और लोग झुंझलाते हैं। बैरिकेडिंग का खेल: ट्रैफिक लाइट गई तेल लेने जब बैरिकेडिंग ही लगानी थी, तो ये ट्रैफिक लाइट्स क्यों टाँगी गईं?बुद्धा पार्क से हनुमंत धाम, हजरतगंज से लेकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक, नहरिया जाम- हर 500 मीटर पर लगता है नया जाम। कट कभी खुलता है,…
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