पौड़ी/अल्मोड़ा। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि यदि कांग्रेस केंद्र की सत्ता में आती है तो अग्निवीर योजना को समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना सेना और सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे विश्वास के रिश्ते को कमजोर करती है।
खराब मौसम के कारण उत्तराखंड दौरे के दौरान राहुल गांधी पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक स्वाभिमान सभा में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने हमेशा देश सेवा और बलिदान की परंपरा निभाई है, लेकिन अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा करती है।
राहुल गांधी ने कहा कि सेना में भर्ती होने वाले युवा देश के लिए अपना सर्वस्व देने को तैयार रहते हैं, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित बनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियां युवाओं और सैनिकों के हितों के अनुरूप नहीं हैं।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े संकटों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। उनका दावा था कि देश को संभावित आर्थिक चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसानों, जवानों और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता से की बातचीत
राहुल गांधी ने वीडियो कॉल के जरिए अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और उनसे मिलने की इच्छा भी जताई। कांग्रेस नेताओं ने परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी मुलाकात की व्यवस्था कराई जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और न्याय की मांग को समर्थन देते रहेंगे।
