नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में गुरुवार का दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सदन में महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके साथ ही परिसीमन और अन्य मुद्दों पर जारी राजनीतिक टकराव के बीच उनकी संभावित टिप्पणी पर भी सभी की नजर रहेगी। एफसीआरए संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी सरकार मानसून…
Read MoreTag: Monsoon Session 2026
UP Monsoon Session: हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र, तीन दिन में सिर्फ 2 घंटे 43 मिनट ही चली विधानसभा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रभावी ढंग से नहीं चल सका। तीन दिनों के सत्र में विधानसभा की कार्यवाही महज दो घंटे 43 मिनट ही संचालित हो पाई, जबकि सदन की कुल बैठक अवधि पांच घंटे 32 मिनट रही। यानी सदन जितनी देर चला, उससे अधिक समय व्यवधान और हंगामे की वजह से कार्यवाही बाधित रही। हंगामे में बीते दो घंटे 49 मिनट आंकड़ों के अनुसार, तीन दिनों के दौरान विधानसभा की कुल बैठक अवधि पांच घंटे 32 मिनट रही, लेकिन दो…
Read Moreसंसद में 13वें दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, राहुल गांधी और किरेन रिजिजू की अहम बैठक, लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव बुधवार को भी थमता नजर नहीं आया। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद और दिल्ली छात्र प्रदर्शन को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। गतिरोध खत्म करने के लिए राहुल गांधी और रिजिजू की बैठक संसद में लगातार…
Read Moreसंसद में आज एंटी पेपर लीक बिल पर होगी बड़ी बहस, हंगामे के बाद बनी सहमति; सरकार-विपक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर लगातार हो रहे हंगामे के बीच अब ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। इसके साथ ही संसद का रुका हुआ विधायी कामकाज फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। लोकसभा अध्यक्ष की पहल से निकला गतिरोध का रास्ता लगातार बाधित हो रही…
Read Moreआज से संसद का मानसून सत्र शुरू, पहले ही दिन हंगामे के आसार; नीट, राम मंदिर, ई-20 पेट्रोल समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र के पहले ही दिन सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार हैं। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और ई-20 पेट्रोल जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं सरकार की प्राथमिकता इस सत्र में अहम विधेयकों को सदन से पारित कराना होगी। पहले दिन इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष मानसून…
Read More‘तथ्य और तर्क मजबूत हों तो शोर की जरूरत नहीं’, मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी की विपक्ष को नसीहत
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और सांसदों को संबोधित करते हुए सत्र को ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में सार्थक चर्चा होगी और सभी दल तर्क एवं तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि तर्क और तथ्य मजबूत हों तो शोर-शराबे की आवश्यकता नहीं पड़ती। मानसून और मानसून सत्र दोनों हों उत्पादक मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों सक्रिय और उत्पादक…
Read Moreमानसून सत्र में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ बिल पर ब्रेक! सरकार का पूरा फोकस महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर
नई दिल्ली: संसद के सोमवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ विधेयक पेश किए जाने की संभावना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार फिलहाल इस विधेयक को लेकर जल्दबाजी के पक्ष में नहीं है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था का लक्ष्य वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है, इसलिए इस पर पर्याप्त समय उपलब्ध है। मौजूदा समय में सरकार की प्राथमिकता महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ाने पर है। सूत्रों के अनुसार, परिसीमन विधेयक इस सत्र में पेश होगा या…
Read Moreसंसद का समीकरण बदला! विपक्षी दलों में बगावत से NDA को मिली बढ़त, परिसीमन बिल के लिए अब सिर्फ 6 वोटों की जरूरत
नई दिल्ली: देश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों के भीतर हुए घटनाक्रमों ने संसद का गणित बदल दिया है। विपक्षी दलों में जारी अंदरूनी उठापटक और संभावित टूट के बीच केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लक्ष्य के और करीब पहुंचती दिखाई दे रही है। परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को लेकर अब सत्ता पक्ष की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं। लोकसभा में अप्रैल महीने के दौरान विपक्ष की एकजुटता के चलते महत्वपूर्ण विधेयक आवश्यक समर्थन हासिल नहीं…
Read More