संसद में आज एंटी पेपर लीक बिल पर होगी बड़ी बहस, हंगामे के बाद बनी सहमति; सरकार-विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर लगातार हो रहे हंगामे के बीच अब ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। इसके साथ ही संसद का रुका हुआ विधायी कामकाज फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।

लोकसभा अध्यक्ष की पहल से निकला गतिरोध का रास्ता

लगातार बाधित हो रही संसद की कार्यवाही के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत की। इसके बाद एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने पर सहमति बनी। सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिया है कि इस मुद्दे पर छह घंटे से अधिक समय तक चर्चा कराई जाएगी ताकि सभी पक्ष अपनी बात विस्तार से रख सकें।

नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन बना था टकराव की वजह

मानसून सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा और राज्यसभा में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा। विपक्ष की ओर से छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पूरे मामले पर सरकार से जवाब मांगा जा रहा था, जिसके चलते दोनों सदनों में कई दिनों तक कामकाज प्रभावित रहा।

विपक्ष ने उठाई गृह मंत्री के बयान की मांग

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। इन मांगों को लेकर हुए हंगामे के कारण संसद में महत्वपूर्ण विधायी कार्य आगे नहीं बढ़ सके।

सरकार बोली- मजबूत कानून से रुकेगा पेपर लीक

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नया कानून पारित कराना नहीं, बल्कि ऐसी सख्त व्यवस्था तैयार करना है जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील भी की।

क्या है एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक?

सरकार ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से पेश किया है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का भरोसा मजबूत होगा।

आज की चर्चा पर टिकी सबकी नजर

सरकार इस विधेयक को परीक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष इसे छात्रों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। इस बहस के साथ ही परीक्षा सुधारों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा शुरू होने के संकेत भी मिल रहे हैं।

 

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