नाम पूछा गया… धर्म पूछा गया… और फिर गोलियां चला दी गईं। एक साल बीत गया, लेकिन उस दिन की चीखें आज भी घाटी की हवा में गूंजती हैं। सवाल आज भी जिंदा है—क्या हम कभी ऐसे जख्म भूल सकते हैं? पहलगाम की वो काली दोपहर, जिसने देश हिला दिया Pahalgam की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया। आतंकियों ने सैलानियों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई—वो लोग जो सिर्फ छुट्टियां मनाने आए…
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