स्तंभ (ज़ीशान हैदर): उत्तर प्रदेश भाजपा में हाल ही में हुए संगठनात्मक फेरबदल के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर परिवारवाद और संगठन आधारित राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। किसी भी बड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि क्या यह केवल राजनीतिक विरासत का विस्तार है या फिर लंबे संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ता जीवन का परिणाम? राजनाथ…
Read MoreTag: Political Analysis
मोदी मैजिक: एक नेता, एक दशक… और बदली पूरी राजनीति!
13 सितंबर 2013… एक तारीख, जिसने भारतीय राजनीति का DNA बदल दिया। जब Narendra Modi को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ये फैसला आने वाले एक दशक में पूरे राजनीतिक भूगोल को री-डिज़ाइन कर देगा। उस समय Bharatiya Janata Party की पकड़ सीमित थी। कई राज्य ऐसे थे जहां पार्टी सिर्फ “नाम भर” थी, जमीन पर नहीं। लेकिन राजनीति में कभी-कभी एक चेहरा ही पूरी स्क्रिप्ट बदल देता है… और यहां वही हुआ। मोदी फैक्टर: चुनाव से ज्यादा मनोविज्ञान सिर्फ…
Read Moreसुपरस्टार का विस्फोट—क्या तमिलनाडु में खत्म हो रहा है पुराना खेल?
तमिलनाडु में इस बार वोट नहीं, पूरा समीकरण पलट गया है। जहां BJP जीत की बात कर रही है, वहीं असली नंबर धुंध में छिपे हुए हैं, और जनता सिर्फ एक सवाल पूछ रही है—आखिर BJP ने खुद कितनी सीटें जीतीं? क्योंकि Tamil Nadu में जो दिख रहा है, वो पूरा सच नहीं है और जो नहीं दिख रहा, वही असली कहानी है। रुझानों में बड़ा ट्विस्ट शुरुआती रुझानों ने पूरी राजनीतिक पटकथा उलट दी है, जहां Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam 100 के पार बढ़त बनाकर सबसे आगे…
Read Moreगुजरात में 15 नगरपालिकाओं में कांग्रेस ‘गायब’! सत्ता तो दूर
गुजरात की राजनीति में कांग्रेस सिर्फ हारी नहीं है… वो लगभग ‘गायब’ हो गई है। जिस पार्टी ने दशकों तक सत्ता को चुनौती दी, आज वही अपनी मौजूदगी बचाने के लिए जूझ रही है। और सबसे बड़ा सवाल ये है… क्या भारत की सबसे पुरानी पार्टी अब स्थानीय राजनीति से भी बाहर हो रही है? दूसरी तरफ ये सिर्फ चुनावी हार नहीं, बल्कि एक सिस्टम फेलियर की कहानी बनती जा रही है। नगरपालिकाओं में कांग्रेस की हालत ऐसी है कि कई जगहों पर वो विपक्ष का दर्जा पाने लायक भी…
Read Moreगॉडफादर: एक फिल्म जिसने दुनिया को सिखाया—सिस्टम नहीं, डर चलता है!
पहली गोली फिल्म में नहीं, सिस्टम के सीने में चलती है। जहां कानून किताबों में रहता है और फैसले बंद कमरों में होते हैं। और यहीं से शुरू होती है वो कहानी… जो सिर्फ सिनेमा नहीं, सत्ता का असली चेहरा दिखाती है। दुनिया The Godfather को एक क्लासिक कहती है। लेकिन अगर आप ध्यान से देखें, तो ये फिल्म नहीं… एक “मैनुअल ऑफ पावर” है। “फिल्म नहीं, पावर का ब्लूप्रिंट” Francis Ford Coppola ने जब इस कहानी को स्क्रीन पर उतारा, तो वो सिर्फ एक गैंगस्टर ड्रामा नहीं बना रहे…
Read Moreबंगाल में ‘साइलेंट वेव’—क्या 2011 जैसा फिर खेला?
बंगाल में इस बार वोट नहीं पड़े… सुनामी आई है। 92.6% का आंकड़ा सिर्फ नंबर नहीं, सिस्टम के लिए चेतावनी है। सवाल यही—क्या ये वोटिंग सत्ता बदलने वाली है? ये चुनाव नहीं… साइलेंट रिवोल्यूशन की आहट है। 92.6% वोटिंग: लोकतंत्र या सियासी भूकंप? West Bengal में पहले चरण की 152 सीटों पर 92.6% वोटिंग—यह आंकड़ा इतिहास के पन्नों को फाड़कर बाहर निकला है। इतना भारी मतदान सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि गुस्से, उम्मीद और बदलाव का मिक्स सिग्नल देता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ‘साइलेंट वेव’ कह रहे हैं—जो दिखती कम है, असर ज्यादा…
Read Moreयदि अगले महीने यूपी में चुनाव हों तो कौन बनेगा सीएम, किसे कितनी सीट ?
दिल्ली के वातानुकूलित (AC) कमरों में बैठकर जो पॉलिटिकल पंडित यूपी चुनाव को ‘वन-साइडेड’ बता रहे हैं, वो शायद जमीन पर सुलगती हुई उस आग की आंच महसूस नहीं कर पा रहे हैं जो शहरों की चमचमाती सड़कों के नीचे धधक रही है। यह चुनाव सिर्फ हिंदुत्व और जाति के पुराने फॉर्मूले का रीमिक्स नहीं है; यह एक ऐसा प्रेशर कुकर है जिसकी सीटी बजने वाली है, और इसका ब्लास्ट अच्छे-अच्छे पॉलिटिकल सर्वेज की धज्जियां उड़ा देगा। पेपर लीक से टूटा हुआ युवा, रसोई के बजट से जूझती महिला और…
Read Moreचल रहा ‘नाइट ऑपरेशन’… क्या बंगाल में गेम पलट देंगे अमित शाह?
बंगाल में चुनावी मंच गरज रहे हैं… लेकिन असली खेल माइक्रोफोन से दूर खेला जा रहा है। जहां भीड़ “जय-जयकार” कर रही है, वहीं बंद कमरों में सीटों का गणित चुपचाप लिखा जा रहा है। सवाल यह है—क्या यह सिर्फ चुनाव है या एक ‘साइलेंट टेकओवर प्लान’? रैली नहीं, रूट मैप बन रहा है यह सिर्फ प्रचार नहीं है, यह एक surgical strike जैसी रणनीति है। गृह मंत्री Amit Shah इस बार सिर्फ भाषण देने नहीं आए हैं, बल्कि हर जिले की राजनीतिक DNA रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सिलीगुड़ी से…
Read Moreमेहमान गायब, शहर लॉक! इस्लामाबाद बना छावनी- पाकिस्तान की फजीहत?
शहर बंद है… लेकिन मेहमान आया ही नहीं। सड़कों पर सन्नाटा है, स्कूलों के गेट बंद हैं और लोगों के मन में सिर्फ एक सवाल—ये सब आखिर क्यों? ये कहानी सिर्फ एक सुरक्षा व्यवस्था की नहीं, बल्कि उस कूटनीतिक बेचैनी की है जिसमें एक देश खुद को फंसा बैठा है। इस्लामाबाद बना ‘रेड जोन’: लेकिन क्यों? Islamabad इन दिनों पूरी तरह सील है—कंटेनरों से घिरी सड़कों और भारी सुरक्षा बलों के बीच। सरकार का दावा है कि ये सब US-ईरान वार्ता के लिए सुरक्षा इंतजाम हैं, लेकिन हकीकत ये है…
Read Moreआधी रात का ‘पॉलिटिकल मास्टरस्ट्रोक’! महिलाओं को 33% आरक्षण
आधी रात… संसद में बहस खत्म भी नहीं हुई थी…और सरकार ने गेम पलट दिया। 33% महिला आरक्षण लागू—लेकिन असली कहानी अभी शुरू हुई है। ये सिर्फ एक कानून नहीं…ये 2029 के चुनाव की सबसे बड़ी चाल भी हो सकती है। क्योंकि जो दिख रहा है… वो पूरा सच नहीं है। आधी रात का फैसला: सत्ता का बड़ा दांव Narendra Modi सरकार ने 17 अप्रैल 2026 से 33% महिला आरक्षण लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। यह वही कानून है Constitution (106th Amendment) Act, 2023, जिसे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के…
Read More