एक बयान आया… और पूरा देश दो हिस्सों में बंट गया। धर्म, राजनीति और इतिहास—तीनों एक साथ टकरा गए। और अब सवाल सिर्फ बयान का नहीं, सोच का हो गया है। नागपुर में दिया बयान—और मच गया बवाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश के नागरिकों को “चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बेटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देना चाहिए।” यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मच गई। कार्यक्रम का मंच—और बढ़ा विवाद यह…
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“शादी नहीं तो संन्यास लो!” – Live-In पर भागवत का Social Reality Check
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने बदलते social values पर ऐसा बयान दिया है, जो आज की generation को सोचने पर मजबूर करता है। Live-in relationship को लेकर उन्होंने साफ कहा कि यह convenience तो हो सकती है, लेकिन responsibility का substitute नहीं। उनके शब्दों में, शादी और परिवार केवल personal comfort नहीं, बल्कि society को चलाने वाली foundational unit हैं। “Commitment नहीं चाहिए? Then Choose Sanyas” भागवत का सबसे sharp point यही था कि आज की youth freedom तो चाहती है, लेकिन accountability से दूरी बना…
Read Moreअफजाल अंसारी की RSS प्रमुख की तारीफ ने उड़ा दिए सियासी फ्यूज़
गाज़ीपुर में जब सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि “आरएसएस से बेहतर हिंदू धर्म का प्रतिनिधि कोई नहीं”, तो रिपोर्टर भी एक पल को सोच में पड़ गए — “क्या माइक सही से ऑन है?” उन्होंने न सिर्फ मोहन भागवत के शिवलिंग वाले बयान का समर्थन किया, बल्कि उसे देश की एकता के लिए बेहद ज़रूरी बताया। शिवलिंग की खोज से ज्यादा ज़रूरी है समाज में शांति – अंसारी वर्जन मोहन भागवत ने कहा था, “हर मस्जिद-मजार में शिवलिंग ढूंढना बंद करो, इससे देश कमजोर होगा।” RSS कैंप में…
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