दुनिया के नक्शे पर कहीं दूर छिड़ी जंग अब गांव के खेत तक पहुंच चुकी है। Chandauli में इस बार गेहूं की फसल तैयार है, लेकिन खरीद की गाड़ी अटक गई है—कारण? बोरे नहीं हैं। जी हां, इजरायल-ईरान संघर्ष का असर अब सीधे किसानों की जेब पर पड़ रहा है। खेत में अनाज है, लेकिन उसे भरने के लिए थैला नहीं—और यही बन गया है इस सीजन का सबसे बड़ा संकट। अंतरराष्ट्रीय जंग का लोकल असर Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने सिर्फ सीमाओं को नहीं, बल्कि सप्लाई…
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₹160 की बढ़ोतरी… योगी जी लेकिन क्या सच में भरेगा किसान का खलिहान?
खेत की मिट्टी अभी भी वही है… लेकिन दामों का खेल हर सीजन नया स्क्रिप्ट लिखता है। सरकार कह रही है “किसान खुश”, और किसान सोच रहा है “खर्चा पहले ही बढ़ चुका है”। ₹2585 प्रति क्विंटल का MSP सुनने में मिठाई जैसा लगता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये मिठास वाकई जेब तक पहुंचती है या सिर्फ हेडलाइन में ही घुल जाती है? MSP बढ़ा… पर क्या बदला? उत्तर प्रदेश में गेहूं का MSP ₹2585 कर दिया गया है। कागज़ पर ये 160 रुपये की बढ़ोतरी है,…
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