महाशक्तिशाली मोदी: 2030 के बाद भी अटूट दिख रही सत्ता की पकड़, विपक्ष पूरी तरह बैकफुट पर

नई दिल्ली: साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद जब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव अब कमजोर पड़ने लगा है, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि कुछ ही वर्षों में वह पहले से कहीं ज्यादा मजबूत राजनीतिक स्थिति में लौटेंगे। अब अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों और हालिया चुनावी नतीजों ने संकेत दे दिए हैं कि मोदी का राजनीतिक प्रभाव सिर्फ 2029 तक ही सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि आने वाले दशक में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना…

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“UP में वोटिंग या प्लानिंग? अखिलेश का तंज—चुनाव आयोग भी ‘अनमोल’!”

लोकसभा के अंदर मंगलवार को तब माहौल गर्म हो गया, जब सपा सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों पर सीधे-सीधे सवाल दाग दिए। उनका कहना था कि “UP उपचुनावों में निष्पक्षता सिर्फ किताबों में थी, जमीन पर नहीं!” उपचुनाव का मामला: “वोटर को घर से बाहर ही न निकलने देने की प्लानिंग” अखिलेश ने रामपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि “उस दिन पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता वोटिंग नहीं, वोटर को रोकना था।” उन्होंने तंज करते हुए कहा कि पहली…

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₹7 लाख करोड़ बचेंगे, बशर्ते मीटिंगें ख़त्म हों और चुनाव कभी हों

संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बताया कि अगर देश में एक साथ चुनाव करवा दिए जाएं तो देश की GDP पर 1.6% का सकारात्मक असर होगा और करीब ₹7 लाख करोड़ की बचत हो सकती है। ₹7 लाख करोड़! यानी उतने में आप चांद पर लोन लेकर फ्लैट बना सकते हैं और हर राज्य में चुनाव आयोग की जगह Netflix रख सकते हैं। गंभीर, पर मीटिंगें हैं ज़्यादा फिलहाल एक साथ चुनाव करवाने का विचार “अभी विचाराधीन” है। समिति ने आर्थिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया है, अगली…

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