नई दिल्ली: आज की जेनरेशन Z सिर्फ एक नौकरी या एक बिजनेस मॉडल पर निर्भर नहीं है, बल्कि कमाई के लिए कई रास्ते एक साथ अपना रही है। एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि लगभग चार में से तीन जेन जी उद्यमी अब आय के कई स्रोतों से कमाई कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक करियर मॉडल तेजी से बदलता नजर आ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह रुझान एक “पोर्टफोलियो करियर” मॉडल की ओर इशारा करता है, जहां युवा सिर्फ एक स्थायी नौकरी के बजाय कई छोटे-छोटे काम, प्रोजेक्ट और बिजनेस मॉडल को जोड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।
‘पोर्टफोलियो करियर’ की ओर बढ़ रही नई पीढ़ी
रिपोर्ट में बताया गया है कि 1997 से 2012 के बीच जन्मे जेन जी उद्यमी अब फ्लेक्सिबल वर्क मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस पीढ़ी के करीब 75 प्रतिशत उद्यमी एक से अधिक आय स्रोतों पर निर्भर हैं।
इसके मुकाबले 1965 से 1980 के बीच जन्मी जेन एक्स पीढ़ी में यह आंकड़ा 62 प्रतिशत पाया गया है। इससे साफ है कि नई पीढ़ी काम और कमाई को अधिक विविध और नियंत्रित तरीके से देख रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉडल न केवल आर्थिक स्थिरता देता है बल्कि अस्थिरता के समय जोखिम को भी कम करता है।
भारत बन रहा वैश्विक ट्रेंड का बड़ा उदाहरण
रिपोर्ट में भारत को इस बदलते उद्यमी ट्रेंड का एक प्रमुख केंद्र बताया गया है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में अपने प्रोफाइल में ‘फाउंडर’ या संस्थापक जोड़ने वाले लोगों की संख्या में सालाना 104 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।
यह संकेत देता है कि भारत में स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों की संस्कृति तेजी से मजबूत हो रही है और युवा पारंपरिक नौकरियों के बजाय अपने खुद के बिजनेस की ओर बढ़ रहे हैं।
एआई और बदलते करियर मॉडल ने बदली तस्वीर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव ने कामकाज की बाधाओं को काफी हद तक कम किया है। इसके चलते युवाओं के लिए फ्रीलांसिंग, डिजिटल बिजनेस और मल्टी-सोर्स इनकम के रास्ते और आसान हो गए हैं।
इसके साथ ही करियर को लेकर सोच भी बदल रही है, जहां अब सफलता केवल एक स्थायी नौकरी तक सीमित नहीं रह गई है।
छोटे उद्यमियों में तेजी से बढ़ोतरी
यह रिपोर्ट 8 से 16 अप्रैल 2026 के बीच देशभर के 500 छोटे व्यवसायियों, उद्यमियों और एकल उद्यमियों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है।
निष्कर्षों के मुताबिक, आज की नई पीढ़ी ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब तकनीक, खासकर एआई, काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रही है और लोग अपनी आय के लिए कई विकल्प अपना रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार संरचना को पूरी तरह नया आकार दे सकता है।
