लखनऊ: अक्षय कुमार और वामिका गब्बी स्टारर फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर 25 दिन पूरे कर लिए हैं। सोमवार के दिन कमाई में तेज गिरावट दर्ज होने के बावजूद फिल्म की कुल कमाई लगातार मजबूत स्थिति में बनी हुई है। प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों के बीच असर छोड़ने में सफल रही है और फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब 250 करोड़ के बेहद करीब पहुंच चुका है। अब यह फिल्म ‘भूल भुलैया 2’ के लाइफटाइम रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ कुछ करोड़ दूर…
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कौन हैं ‘कृष्णावतारम’ के कन्हैया? मशहूर प्रोड्यूसर विकास गुप्ता के भाई सिद्धार्थ, ‘हुडी बॉय’ लुक से बने थे इंटरनेट सेंसेशन
नई दिल्ली: हार्दिक गज्जर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘कृष्णावतारम पार्ट 1: ह्रदयम’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। 8 मई को रिलीज हुई यह माइथोलॉजिकल ड्रामा फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों से इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता की भी हर तरफ चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने शांत भाव, मुस्कान और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा है। ‘कृष्णावतारम’ में कन्हैया बने सिद्धार्थ गुप्ता फिल्म में श्रीकृष्ण का किरदार…
Read Moreइंस्टाग्राम ने रातों-रात उतार दी नकली शोहरत की पैंट- जानिए कौन हैं बड़े नाम
Instagram ने 2026 में ऐसा डिजिटल झाड़ू चलाया है कि करोड़ों की “ऑनलाइन बादशाहत” एक रात में धूल में मिल गई। जिस सोशल मीडिया पर लोग सुबह उठते ही “Good Morning Fam” लिखकर लाखों लाइक्स का नशा लेते थे, वहां अब कई बड़े इन्फ्लुएंसर्स अपने घटे हुए फॉलोअर्स गिनते नजर आ रहे हैं। इंटरनेट की भाषा में कहें तो — “फिल्टर बच गया, लेकिन फेक फेम पकड़ा गया।” इंस्टाग्राम बोला — “अब बॉट नहीं, सिर्फ इंसान चलेंगे” मेटा ने अपने इस क्लीनअप अभियान में लाखों बॉट अकाउंट्स और निष्क्रिय प्रोफाइल्स को…
Read Moreमधुमती Review: 1958 की फिल्म जिसने Bollywood हिला दिया
आज की 300 करोड़ वाली चमकदार फिल्मों के दौर में 1958 की एक ब्लैक-एंड-व्हाइट फिल्म अब भी कई निर्देशकों की नींद उड़ा सकती है। जिस कहानी को आज लोग “नया कॉन्सेप्ट” कहकर बेचते हैं, उसे ‘मधुमती’ दशकों पहले स्क्रीन पर जी चुकी थी। अगर आपने इसे सिर्फ पुरानी फिल्म समझकर छोड़ दिया, तो समझिए आपने भारतीय सिनेमा का असली DNA मिस कर दिया। जब Bollywood बच्चा था, तब यह फिल्म जवान थी 1958 में बनी मधुमती कोई साधारण फिल्म नहीं थी। यह वो दौर था जब तकनीक सीमित थी, बजट छोटे…
Read Moreगॉडफादर: एक फिल्म जिसने दुनिया को सिखाया—सिस्टम नहीं, डर चलता है!
पहली गोली फिल्म में नहीं, सिस्टम के सीने में चलती है। जहां कानून किताबों में रहता है और फैसले बंद कमरों में होते हैं। और यहीं से शुरू होती है वो कहानी… जो सिर्फ सिनेमा नहीं, सत्ता का असली चेहरा दिखाती है। दुनिया The Godfather को एक क्लासिक कहती है। लेकिन अगर आप ध्यान से देखें, तो ये फिल्म नहीं… एक “मैनुअल ऑफ पावर” है। “फिल्म नहीं, पावर का ब्लूप्रिंट” Francis Ford Coppola ने जब इस कहानी को स्क्रीन पर उतारा, तो वो सिर्फ एक गैंगस्टर ड्रामा नहीं बना रहे…
Read Moreरेट्रो रिव्यू: ‘सुजाता’ (1959)- एक फिल्म, जो आज भी आईना दिखाती है
कुछ फिल्में सिर्फ देखी नहीं जातीं… वो आपको भीतर तक असहज कर देती हैं। 1959 में आई Sujata ऐसी ही एक फिल्म है—धीमी, सधी हुई, लेकिन भीतर से विस्फोटक। Bimal Roy का निर्देशन, Nutan की आत्मा छू लेने वाली एक्टिंग और Sunil Dutt की सादगी—ये फिल्म किसी लाउड ड्रामा से नहीं, बल्कि खामोशी से वार करती है। कहानी नहीं, समाज का एक्स-रे सुजाता कोई लव स्टोरी नहीं, ये एक सिस्टम की पोल खोलती रिपोर्ट है। एक ब्राह्मण परिवार… एक अनाथ बच्ची… और एक ऐसा सच, जिसे छुपाकर रखा गया—कि वो “अछूत” है। सवाल…
Read MoreAsha Bhosle Tribute: अमर आवाज़ जिसने समय को भी पीछे छोड़ दिया
भारतीय संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं बनते—वे खुद इतिहास गढ़ते हैं। Asha Bhosle उन्हीं में से एक हैं। उनकी आवाज़ को सुनना, मानो किसी याद में लौट जाना है। ऐसा लगता है जैसे हर गीत में एक कहानी छिपी है—कभी प्यार की, कभी दर्द की, कभी जश्न की। और सच कहें तो… ऐसी आवाज़ें कभी जाती नहीं। छोटी उम्र, बड़ी जिम्मेदारी सांगली की मिट्टी में जन्मी इस बच्ची ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उसका सफर इतना लंबा और कठिन होगा। पिता…
Read Moreअलविदा कह गईं Asha Bhosle- खबर ने देश को किया शॉक
एक नाम… जो सिर्फ आवाज नहीं, बल्कि पीढ़ियों की धड़कन है—Asha Bhosle। और उसी नाम के साथ जब “निधन” शब्द जुड़ता है, तो देश सिर्फ सुनता नहीं… सन्न रह जाता है। उन्हें Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था और मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन हो गया। Ashish Shelar के हवाले से पुष्टि की गई।
Read Moreरेट्रो रिव्यू: ‘बंदिनी’ — एक कैदी नहीं, एक चीख है जो आज भी सुनाई देती है
1963 का सिनेमा अगर आपको सिर्फ ब्लैक एंड व्हाइट फ्रेम्स लगता है, तो Bandini आपको झकझोर देगा। ये फिल्म कोई कहानी नहीं सुनाती, ये सीधे आपके अंदर उतरती है। Bimal Roy ने यहां सिनेमा नहीं बनाया, बल्कि समाज का एक्स-रे कर दिया। और उस एक्स-रे में सबसे बड़ा फ्रैक्चर दिखता है — एक औरत का टूटा हुआ अस्तित्व। कल्याणी: एक नाम नहीं, एक जख्म है कल्याणी, जिसे Nutan ने निभाया, वो सिर्फ एक किरदार नहीं है — वो हर उस औरत की आवाज है जिसे समाज ने पहले इस्तेमाल किया,…
Read MoreDhurandhar 2, बच्चे अंदर… विरोध किया तो बंधक! मथुरा का सिनेमा कांड
सिनेमा हॉल में फिल्म चल रही थी… लेकिन असली ड्रामा स्क्रीन के बाहर शुरू हो चुका था। एक आदमी ने बस इतना कहा कि “यह फिल्म बच्चों के लिए नहीं है”… और अगले ही पल वो खुद “सीन” बन गया। क्योंकि सवाल फिल्म का नहीं, सिस्टम के रिएक्शन का है — और यहीं कहानी खतरनाक हो जाती है। घटना: एक विरोध और अचानक ‘बंधक’ मथुरा के जे०वी० सिनेमा में मामला सिर्फ एक नियम की बात से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि तिग्मांशु धूलिया के असिस्टेंट डायरेक्टर सचिन कौशिक…
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