रेट्रो रिव्यू: ‘सुजाता’ (1959)- एक फिल्म, जो आज भी आईना दिखाती है

कुछ फिल्में सिर्फ देखी नहीं जातीं… वो आपको भीतर तक असहज कर देती हैं। 1959 में आई Sujata ऐसी ही एक फिल्म है—धीमी, सधी हुई, लेकिन भीतर से विस्फोटक। Bimal Roy का निर्देशन, Nutan की आत्मा छू लेने वाली एक्टिंग और Sunil Dutt की सादगी—ये फिल्म किसी लाउड ड्रामा से नहीं, बल्कि खामोशी से वार करती है। कहानी नहीं, समाज का एक्स-रे सुजाता कोई लव स्टोरी नहीं, ये एक सिस्टम की पोल खोलती रिपोर्ट है। एक ब्राह्मण परिवार… एक अनाथ बच्ची… और एक ऐसा सच, जिसे छुपाकर रखा गया—कि वो “अछूत” है। सवाल…

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रिव्यू: फिल्म फ्लॉप, गाने टॉप! ‘प्रेम पुजारी’ का संगीत आज भी हर दिल अज़ीज़

1970 में रिलीज़ हुई ‘प्रेम पुजारी’ देव आनंद की डायरेक्टोरियल डेब्यू थी। फिल्म में उन्होंने न सिर्फ़ डायरेक्शन किया बल्कि स्क्रिप्ट लिखी और खुद हीरो भी बन गए — मतलब one-man army। लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये था कि ऑडियंस ने फिल्म को देखा ही नहीं!जी हां, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, मगर इसका संगीत ऐसा चला कि आज भी हर लव प्लेलिस्ट में “फूलों के रंग से” और “शोखियों में घोला जाए” बजता ही है। रोमांस, देशभक्ति और स्पाई थ्रिलर का मिक्स मसाला लेफ्टिनेंट रामदेव…

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