‘पीस मीटिंग’ बनी पॉलिटिकल वॉर! US-ईरान टकराए, डील धरी रह गई”

इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली बातचीत… कॉफी ठंडी हो गई, चेहरे गर्म हो गए—और नतीजा? जीरो! एक तरफ J. D. Vance प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ बोल गए—“डील नहीं बनी”… दूसरी तरफ ईरान अपने “नो-कॉम्प्रोमाइज मोड” में खड़ा रहा।मतलब साफ है—शांति की मेज पर भी “कोल्ड वॉर” जारी है। 21 घंटे की मैराथन, लेकिन रिजल्ट शून्य Islamabad में हुई ये बातचीत कोई आम डिप्लोमैटिक मीटिंग नहीं थी—ये “डू या डाई” वाला सीन था। लगातार 15 से 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष अपनी-अपनी रेड लाइन से…

Read More

ईरान की 10 शर्तों ने US को घेरा, इस्लामाबाद बना हाई-वोल्टेज डील रूम

इस्लामाबाद… जहां आमतौर पर पॉलिटिक्स होती है, वहां इस वक्त “वैश्विक किस्मत” लिखी जा रही है। एक तरफ अमेरिका, दूसरी तरफ ईरान—और बीच में पाकिस्तान, जैसे किसी हाई-स्टेक्स शतरंज का अंपायर। लेकिन इस बार खेल में सबसे बड़ा मूव आया Esmail Baghaei की तरफ से—सीधा 10 शर्तों का पैकेज टेबल पर रख दिया गया। ईरान का साफ संदेश: “सीजफायर मतलब पूरा सीजफायर” ईरान ने शुरुआत से ही क्लियर कर दिया—“आधा-अधूरा समझौता नहीं चलेगा।”बघाई ने साफ कहा कि जब तेहरान ‘सीजफायर’ बोलता है, तो उसका मतलब होता है पूर्ण और वास्तविक…

Read More

Islamabad में डील, बाहर बम—Iran अड़ा, US सख्त, Israel बेपरवाह

इस्लामाबाद में शांति की बातें… और बॉर्डर पर बमबारी! एक तरफ United States और Iran टेबल पर “Peace Deal” लिख रहे हैं…दूसरी तरफ Israel और Hezbollah मैदान में “Fire Deal” खेल रहे हैं। यानी—डिप्लोमेसी ऊपर, तबाही नीचे! ‘फ्रीज एसेट्स खोलो’—ईरान की जिद Iran का सबसे बड़ा दांव साफ है— विदेशों में फंसी उसकी अरबों डॉलर की संपत्तियां अनफ्रीज की जाएं। लेकिन White House ने ठंडा पानी डाल दिया— “ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया” यानी बातचीत शुरू होने से पहले ही पहली डिमांड पर ब्रेक लग गया! मैदान में जंग जारी—सीजफायर सिर्फ कागज…

Read More

दुश्मन आमने-सामने! 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में Israel-Lebanon मीटिंग

मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अभी हवा में है… लेकिन इसी धुएं के बीच एक उम्मीद की किरण भी दिखी है। दशकों से दुश्मन रहे Israel और Lebanon अब आमने-सामने बैठने जा रहे हैं—वो भी Washington D.C. में। सवाल ये है—क्या ये मीटिंग शांति लिखेगी या सिर्फ एक और कूटनीतिक फोटो-ऑप बनकर रह जाएगी? दुश्मनी के बीच ‘डायरेक्ट टॉक’ का ब्रेकथ्रू लंबे समय बाद दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क की खबर सामने आई है। यह बातचीत फोन कॉल के जरिए शुरू हुई, जिसे United States ने संभव बनाया।…

Read More

‘खाली सीट नहीं… संदेश है’: ईरान का इमोशनल पावर प्ले

इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बैठक से पहले जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया। विमान की सीटों पर बैठे यात्री नहीं… बल्कि मृत बच्चियों की तस्वीरें थीं। ये कोई साधारण दृश्य नहीं—ये एक संदेश है, वो भी बिना एक शब्द बोले। ईरान ने साफ कर दिया है—यह सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि “जख्मों की फाइल” लेकर आया है। ‘मेरे सहयात्री’: एक तस्वीर, हजार संकेत ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने जब X पर तस्वीर शेयर की और लिखा—“इस फ्लाइट में मेरे सहयात्री”… तो ये…

Read More

Lavan Island पर हमला, Iran ने Kuwait-UAE पर दागीं मिसाइलें

सीजफायर का ऐलान हुआ… कैमरे चमके… बयान दिए गए… और दुनिया ने राहत की सांस ली। लेकिन महज कुछ घंटों में ही यह “शांति” धुएं में उड़ गई। Iran के लावन द्वीप पर धमाका हुआ… तेल रिफाइनरी आग की लपटों में घिरी… और जवाब में मिसाइलें उठीं — निशाना बने Kuwait और United Arab Emirates। यह सिर्फ हमला नहीं था… यह घोषित सीजफायर के मुंह पर तमाचा था। सीजफायर या रणनीतिक धोखा? जब United States और Iran के बीच दो सप्ताह के “सीजफायर” का ऐलान हुआ, तो इसे एक बड़ी कूटनीतिक…

Read More

“सीजफायर के बाद भी खतरा? क्यों भारत ने कहा—‘अभी निकलो ईरान से!’”

सीजफायर हुआ… लेकिन डर खत्म नहीं हुआ। सरकार ने कहा—“अब भी खतरा टला नहीं है।” तो आखिर ऐसा क्या है जो भारत को अपने नागरिकों को तुरंत भागने को कहना पड़ा? सीजफायर के बीच ‘भागो’ का अलर्ट जब दुनिया को लगा कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव थोड़ा कम हुआ है, तभी भारत सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने सबको चौंका दिया। Ministry of External Affairs ने साफ शब्दों में कहा— “भारतीय नागरिक तुरंत ईरान छोड़ दें।” यह कोई सामान्य advisory नहीं है…यह एक emergency evacuation संकेत है। जब सरकार ‘वापस आ…

Read More

Iran-US सीजफायर, अब पाकिस्तान बनेगा ‘Peace Broker’?

दुनिया सांस रोके बैठी थी… मिसाइलों की गूंज, जलते शहर और डर से भरी रातों के बीच अचानक एक खबर आई—सीजफायर!एक महीने तक चली मिडिल ईस्ट की आग पर फिलहाल 2 हफ्तों के लिए पानी डाल दिया गया है। लेकिन ये शांति है या तूफान से पहले की खामोशी? और सबसे बड़ा सवाल—इस पूरी कहानी में पाकिस्तान अचानक ‘शांति दूत’ कैसे बन गया? 1 महीने की जंग के बाद ‘Pause Button’ क्यों दबा? मिडिल ईस्ट में बीते 30 दिनों से हालात बेकाबू थे। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले,…

Read More

ट्रंप की डेडलाइन खत्म! मिसाइलों के बाद सीजफायर- क्या वाकई खत्म हुई जंग

रात भर आसमान में आग बरसी… पुल टूटे, एयरपोर्ट जले, और हजारों ज़िंदगियां दहशत में सिमट गईं। लेकिन जैसे ही दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आहट महसूस करने लगी—एक ट्वीट, एक आदेश और अचानक सबकुछ थम गया। सवाल अब भी वही है… क्या ये सच में शांति है, या बस तूफान से पहले की खामोशी? सीजफायर का ‘सरप्राइज टर्न’ – ट्रंप की चाल या मजबूरी? डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच जिस तरह हालात तेजी से बिगड़ रहे थे, उससे साफ था कि मिडिल ईस्ट एक बड़े विस्फोट के मुहाने…

Read More

गैस संकट के बीच प्रवासी मजदूरों के लिए 5KG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी

मिडिल ईस्ट की जंग ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को हिला दिया है। ऐसे में भारत में भी LPG की किल्लत की आशंका बढ़ रही थी। लेकिन इसी बीच सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे लाखों प्रवासी मजदूरों को सीधे राहत मिलने वाली है। मिडिल ईस्ट संकट और भारत पर असर ईरान-इजरायल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती अनिश्चितता का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिख रहा है। भारत अपनी जरूरत का 85-90% LPG आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz से होकर…

Read More