अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बेबाक और चौंकाने वाले बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार मुद्दा है — नोबेल शांति पुरस्कार। ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre को एक पत्र लिखकर खुलकर नाराज़गी जताई है। पत्र लीक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने लिखा कि उन्होंने आठ से ज़्यादा युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई, इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से वंचित रखा गया। “अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं” अपने पत्र में ट्रंप ने बेहद…
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अमेरिका जाना महंगा पड़ेगा! बांग्लादेशियों पर 15,000 डॉलर का वीजा बांड
बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और अल्पसंख्यकों (Hindu–Christian) के खिलाफ बढ़ती हिंसा अब सिर्फ घरेलू मुद्दा नहीं रही। इसका सीधा असर देश की international credibility पर दिखने लगा है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अब कई देश Bangladeshi nationals को visa देने में हिचक दिखा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को United States ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अमेरिका का बड़ा झटका अमेरिकी दूतावास ने घोषणा की है कि 21 January 2026 से बांग्लादेशी नागरिकों को B-1/B-2 (Business & Tourist Visa) के लिए आवेदन करते…
Read Moreसबसे छोटी हाई-प्रोफाइल यात्रा! 105 मिनट में UAE–India का बड़ा मैसेज
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने सोमवार को भारत की ऐसी संक्षिप्त यात्रा की, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी।विदेश मंत्रालय के अनुसार, UAE राष्ट्रपति सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट के लिए भारत आए—जो किसी बड़े राष्ट्राध्यक्ष की अब तक की सबसे छोटी लेकिन सबसे चर्चित यात्राओं में गिनी जा रही है। इस बेहद कम समय में भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। यह यात्रा पीएम मोदी के विशेष निमंत्रण पर हुई थी।…
Read More‘अब बहुत हुआ’—ग्रीनलैंड पर ट्रंप की आख़िरी चेतावनी, NATO-EU में खलबली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक बयान दे दिया है।अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि NATO ने डेनमार्क को पहले ही चेतावनी दी थी कि वह ग्रीनलैंड में रूस की बढ़ती दखलंदाजी रोके—लेकिन कोपेनहेगन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ट्रंप का सीधा संदेश था— “अब समय आ गया है, और यह काम अमेरिका करेगा।”यानि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का दावा अब सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि शक्ति-राजनीति की तरफ बढ़ता दिख रहा है। EU का…
Read MoreIran में ‘शांति’ लौटी… या डर का सन्नाटा? सड़कों पर टैंक, घरों में लोग
ईरान में हालात अब “सामान्य” दिखाए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा सख़्त है। जिन शहरों में बीते हफ्तों हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, वहां अब IRGC और सेना की भारी तैनाती है।तेहरान, मशहद और इस्फहान जैसे बड़े शहरों की सड़कों पर टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और मशीनगनों से लैस ट्रक गश्त कर रहे हैं। लोग घरों से बाहर निकल तो रहे हैं, लेकिन सिर्फ रोज़मर्रा की मजबूरी में — protest की हिम्मत फिलहाल गायब है। Curfew Without Announcement आधिकारिक तौर पर कर्फ्यू घोषित नहीं किया गया, लेकिन…
Read Moreनोबेल मिला… पर कमेटी से नहीं! Trump–Machado ने मचाया बवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में हैं। वजह है वेनेजुएला की विपक्षी नेता और इस साल की Nobel Peace Prize विजेता Maria Corina Machado से उनकी व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात।इस बैठक के दौरान Machado ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना Nobel Peace Prize medal भेंट किया। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रंप ने इस पदक को औपचारिक रूप से स्वीकार किया या नहीं, लेकिन माना जा रहा है कि medal White House में ही छोड़ दिया गया, और फिलहाल वह ट्रंप के पास है।…
Read Moreखामेनेई घिर रहे हैं, अमेरिका की चेतावनी और ईरान का Secret War Plan-B
ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। सड़कों पर जनसैलाब है, नारे हैं, आग है और सीधे निशाने पर हैं सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई। सरकारी आंकड़ों से इतर रिपोर्ट्स बताती हैं कि अब तक 2000 से ज्यादा लोग घायल, कई प्रदर्शनकारियों की मौत और गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। भीड़ का एक ही नारा है — “खामेनेई सत्ता छोड़ो”। यह कोई सामान्य विरोध नहीं, बल्कि शासन के खिलाफ खुला विद्रोह बन चुका है। अमेरिका क्यों गरजा? अमेरिका लगातार ईरान को चेतावनी दे रहा है कि अगर…
Read Moreवो नरसंहार था– Guard का दावा सिर फटने जैसा दर्द-खून की उल्टियां
वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड ने अमेरिकी सेना के कथित ‘Operation Absolute Resolve’ को लेकर चौंकाने वाला आंखों देखा हाल बताया है।गार्ड के मुताबिक, 3 जनवरी को हुआ यह हमला किसी सैन्य कार्रवाई से ज्यादा एक mass execution जैसा था। “हर बंदूक से एक मिनट में 300 गोलियां चल रही थीं… हम सैकड़ों थे, लेकिन बचने का कोई मौका नहीं था।” Sonic Weapon या Sci-Fi War? गार्ड का दावा है कि हमले में एक अज्ञात high-frequency sound weapon का इस्तेमाल हुआ, जिसके असर से…
Read MoreDiamond Land Botswana पर Russia की नज़र! Africa में नई चाल?
दुनिया में बहुत से देश हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जिनकी पहचान natural wealth से नहीं, बल्कि उसे समझदारी से इस्तेमाल करने से बनती है। अफ्रीका का Botswana उन्हीं देशों में से एक है।यह वही जगह है जिसे आज पूरी दुनिया “Diamond Land” के नाम से जानती है — क्योंकि यहां की धरती के नीचे सिर्फ पत्थर नहीं, अरबों की चमक दबी हुई है। West से दूरी, Africa में Russia की एंट्री पश्चिमी देशों के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच Russia अब Africa की ओर देख रहा…
Read Moreक्या अमेरिका वेनेजुएला का ‘काला सोना’ निचोड़ पाएगा या खुद फँस जाएगा?
दुनिया ने देखा कि कैसे वेनेजुएला अमेरिका की भू-राजनीतिक स्क्रिप्ट का नया अध्याय बन गया। 3 जनवरी की तारीख, तेज़ हमले, सत्ता का पलटाव और फिर तेल पर सीधा दावा — कहानी किसी हॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं लगती। लेकिन सवाल सिर्फ सत्ता का नहीं है। असल खेल है – वेनेजुएला का तेल। दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार: वेनेजुएला क्यों है सुपरपावर का टारगेट? वेनेजुएला के पास अनुमानित 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार है — यानी सऊदी अरब से भी ज्यादा। इसका अधिकांश हिस्सा Orinoco Belt में…
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