गज़ब गुरु! ईरान-US शांति वार्ता फेल: फिर भी क्रेडिट ले रहा पाकिस्तान

इस्लामाबाद की वो टेबल, जहां उम्मीद थी कि इतिहास लिखा जाएगा… वहीं बैठकर एक बार फिर कूटनीति की फाइल बंद हो गई। ईरान और अमेरिका आमने-सामने बैठे, बातचीत हुई, बयान आए… लेकिन नतीजा? कुछ नहीं। बिल्कुल कुछ नहीं। फिर भी कहानी यहीं खत्म नहीं होती—क्योंकि असली ड्रामा तो उसके बाद शुरू हुआ। “डील नहीं हुई… पर धन्यवाद!” – पाकिस्तान का अनोखा लॉजिक पाकिस्तान ने इस पूरी असफल वार्ता को ऐसे पेश किया जैसे कोई बड़ी जीत हासिल कर ली हो। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका और ईरान…

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‘खाली सीट नहीं… संदेश है’: ईरान का इमोशनल पावर प्ले

इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बैठक से पहले जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया। विमान की सीटों पर बैठे यात्री नहीं… बल्कि मृत बच्चियों की तस्वीरें थीं। ये कोई साधारण दृश्य नहीं—ये एक संदेश है, वो भी बिना एक शब्द बोले। ईरान ने साफ कर दिया है—यह सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि “जख्मों की फाइल” लेकर आया है। ‘मेरे सहयात्री’: एक तस्वीर, हजार संकेत ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने जब X पर तस्वीर शेयर की और लिखा—“इस फ्लाइट में मेरे सहयात्री”… तो ये…

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इस्लामाबाद वार्ता पर बवाल: भारत-इजरायल पत्रकारों की एंट्री बैन

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता… लेकिन भारत-इजरायल मीडिया OUT! आखिर पर्दे के पीछे क्या चल रहा है? मिडिल ईस्ट के सीजफायर के बाद जहां दुनिया को लगा था कि अब कूटनीति का मंच खुलेगा, वहीं पाकिस्तान ने एंट्री गेट पर ही “Access Denied” का बोर्ड टांग दिया। इस्लामाबाद में हो रही हाई-प्रोफाइल ईरान-अमेरिका बैठक से भारतीय और इजरायली पत्रकारों को बाहर रखने का फैसला ऐसा है, जैसे मैच हो वर्ल्ड कप का… और कैमरे बंद कर दिए जाएं। सवाल सीधा है—क्या पाकिस्तान सिर्फ मेज़बान है या कहानी का एडिटर भी बन बैठा…

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इस्लामाबाद बना फौजी किला, US-Iran मीटिंग से पहले दुनिया टेंशन में!

सीजफायर… लेकिन सन्नाटा नहीं! गोलियां भले थम गई हों, लेकिन बंदूकें अभी भी तनी हैं। Pakistan की राजधानी Islamabad इस वक्त किसी आम शहर की तरह नहीं, बल्कि एक “मिलिट्री जोन” की तरह सांस ले रही है। 11 अप्रैल की उस मीटिंग से पहले, जो दुनिया की दिशा तय कर सकती है—हर गली, हर सड़क, हर छत पर चौकसी है… और हर नजर में शक! ‘रेड जोन’ में कैद राजधानी इस्लामाबाद का रेड जोन अब सिर्फ एक इलाका नहीं, बल्कि हाई-सिक्योरिटी बबल बन चुका है। संसद, दूतावास और बड़े सरकारी…

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रमजान में हमला: क्या ये सिर्फ सैन्य कार्रवाई थी या संदेश?

Middle East की राजनीति में टाइमिंग कभी भी “सिर्फ टाइमिंग” नहीं होती। जब भी United States और Israel जैसे खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं, तो कैलेंडर भी रणनीति का हिस्सा बन जाता है। अगर Iran पर ऑपरेशन रमजान के दौरान होता है, तो सवाल उठना लाज़मी है क्या ये सिर्फ सैन्य ज़रूरत थी या मनोवैज्ञानिक संदेश? बातचीत चल रही थी… फिर बम क्यों? दिलचस्प बात ये है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बैक-चैनल बातचीत जारी थी। इस संवाद को खास तौर पर Oman सपोर्ट कर रहा था जो लंबे…

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