जब दुनिया जंग की तरफ बढ़ रही हो…तो कुछ नेता अचानक “शांति दौरे” पर निकल पड़ते हैं। और सवाल यही—क्या ये दौरा शांति के लिए है… या खुद को बचाने के लिए? इस्लामाबाद से उड़ान भरने वाला ये सफर सिर्फ चार दिन का है…लेकिन इसके असर सालों तक महसूस हो सकते हैं। दौरा शुरू: तीन देश, एक मकसद? Shehbaz Sharif अब Middle East की कूटनीतिक जमीन पर उतरने वाले हैं। Saudi Arabia Qatar Turkey तीन देश… तीन अलग एजेंडा… लेकिन एक common tension—Middle East instability। ये दौरा sightseeing नहीं… survival strategy…
Read MoreTag: Saudi Arabia
Hormuz War: ब्रिटेन कूदा जंग में, US को बेस दिया—ईरान बोला अब भुगतो!
मिडिल ईस्ट की जंग अब “लोकल फाइट” नहीं रही ये अब इंटरनेशनल फुल-ऑन बैटल बन चुकी है। 22वें दिन सबसे बड़ा ट्विस्ट आया है—ब्रिटेन ने भी आखिरकार एंट्री मार दी। और एंट्री भी ऐसी कि सीधे अमेरिका को अपने मिलिट्री बेस खोल दिए। मतलब साफ है—अब हमला सिर्फ प्लान नहीं, लॉन्चपैड तैयार है। ब्रिटेन का यू-टर्न: ‘नहीं कूदेंगे’ से ‘बेस ले लो’ तक कल तक जो ब्रिटेन कह रहा था—“हम जंग से दूर रहेंगे”, आज वही कह रहा है—“बेस चाहिए? ले जाओ!” कीर स्टार्मर सरकार का ये यू-टर्न बताता है कि…
Read Moreमिडिल ईस्ट में मिसाइलें बरस रहीं… और पाकिस्तान ने चाल चल दी!
मिडिल ईस्ट में मिसाइलों की आवाज़ अभी थमी भी नहीं है कि कूटनीति की एक नई चाल ने सबका ध्यान खींच लिया है। जंग के आठवें दिन अचानक पाकिस्तान के आर्मी चीफ की सऊदी अरब में एंट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ एक मुलाकात है… या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ा रणनीतिक खेल चल रहा है? मिडिल ईस्ट की जंग: आठवें दिन भी हालात गर्म मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच…
Read MoreUAE vs Saudi Arabia: क्या इस साल अलग-अलग शुरू होगा रमजान?
खाड़ी क्षेत्र के दो प्रभावशाली पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब इस साल रमजान की शुरुआत को लेकर अलग-अलग तारीखें घोषित कर सकते हैं। UAE के शीर्ष खगोलविदों का कहना है कि 17 फरवरी को चांद दिखना संभव नहीं होगा। वहीं, Saudi Arabia उसी दिन चांद दिखने का ऐलान कर सकता है। Science vs Tradition? रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE इस बार astronomical calculation को प्राथमिकता दे सकता है। वर्षों से Saudi Arabia पर यह आरोप लगता रहा है कि कुछ मौकों पर चांद दिखने के दावों को वैज्ञानिक…
Read MoreSalman Khan से बौखलाया पाकिस्तान! लगा दिया भाईजान पर “आतंकवादी” ठप्पा
बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान फिर सुर्खियों में हैं — इस बार किसी फिल्म या बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि अपने एक बयान के लिए जिसने पाकिस्तान के राजनीतिक नसों में झनझनाहट पैदा कर दी है। दरअसल, सऊदी अरब में आयोजित Joy Forum 2025 में सलमान खान ने मंच से कहा — “यह बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं…” बस! भाईजान ने इतना कहा और पाकिस्तान की नसों में बिजली दौड़ गई। क्योंकि सलमान ने बलूचिस्तान का नाम पाकिस्तान से अलग…
Read Moreखत्म हुआ कफ़ाला सिस्टम, भारतीय कामगारों के लिए राहत की खबर!
सऊदी अरब ने आखिरकार वह कर दिखाया, जिसका इंतज़ार लाखों विदेशी कामगार (खासकर भारतीय) सालों से कर रहे थे। दशकों पुरानी ‘कफ़ाला स्पॉन्सरशिप सिस्टम’ को खत्म कर दिया गया है — जिसे मानवाधिकार संगठन लंबे समय से ‘आधुनिक गुलामी’ (Modern Slavery) कहते रहे हैं। अब एक नया कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड रोजगार सिस्टम लागू होगा, जो सऊदी अरब में काम कर रहे करीब 27 लाख भारतीयों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अब कफ़ील की मर्ज़ी नहीं, कामगारों को मिलेगी नौकरी बदलने की आज़ादी नए नियमों के तहत अब कोई भी विदेशी कामगार…
Read More“जब सेक्स और सेंसरशिप मिले स्टेज पर” – रियाद में ‘हराम’ ह्यूमर का महोत्सव!
सोचिए, अगर कोई आपसे कहे कि सऊदी अरब में लोग स्टैंडअप कॉमेडी शो में बैठकर सेक्स, पत्नियों और ट्रांसजेंडर लोगों पर चुटकुले सुन रहे हैं, तो आप कहेंगे – “हराम बात मत करो!“लेकिन रियाद कॉमेडी फेस्टिवल 2025 में ये बिल्कुल हुआ… और तालियों के साथ हुआ! सऊदी सरकार पर चुटकुले? नो, थैंक यू! डेव चैपल, बिल बर्र और ओमिद जलीली जैसे ग्लोबल स्टार्स ने स्टेज तो संभाल लिया, लेकिन सऊदी सरकार पर कोई पंच नहीं मारा।ह्यूमन राइट्स वॉच की माने तो ये फेस्टिवल असल में एक “री-ब्रांडिंग इवेंट” है –…
Read More‘Let There Be Peace!’ मुस्लिम देश बोले – ‘चलो अब कुछ अच्छा होने दो'”
जब दुनिया को लगा कि ट्रंप अब शांति वार्ताओं से रिटायर हो चुके हैं, तब उन्होंने नेतन्याहू के साथ मिलकर ग़ज़ा के लिए नया शांति प्रस्ताव पेश कर दिया। इस प्रस्ताव का मक़सद – “युद्ध नहीं, पुनर्निर्माण” और “टैंक नहीं, टेबल टॉक”। मुस्लिम देशों का ‘Unexpected Support’ क़तर, जॉर्डन, सऊदी अरब, यूएई, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया और मिस्र – यानी वो देश जो आमतौर पर अलग-अलग मत रखते हैं – इस बार एक सुर में बोले:“ट्रंप की कोशिश सराहनीय है।”कई तो इस बयान से इतना खुश हो गए कि लगा जैसे…
Read More