“UP में वोटिंग या प्लानिंग? अखिलेश का तंज—चुनाव आयोग भी ‘अनमोल’!”

लोकसभा के अंदर मंगलवार को तब माहौल गर्म हो गया, जब सपा सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों पर सीधे-सीधे सवाल दाग दिए। उनका कहना था कि “UP उपचुनावों में निष्पक्षता सिर्फ किताबों में थी, जमीन पर नहीं!” उपचुनाव का मामला: “वोटर को घर से बाहर ही न निकलने देने की प्लानिंग” अखिलेश ने रामपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि “उस दिन पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता वोटिंग नहीं, वोटर को रोकना था।” उन्होंने तंज करते हुए कहा कि पहली…

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“बंगाल में बाबरी-स्टाइल बवाल: मस्जिद की नींव से राजनीति की नींव हिल गई!”

पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद एक बार फिर न्यूज़ सर्किट का VIP जिला बना हुआ है। वजह? एक तरफ बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी, और दूसरी तरफ उसी दिन बेबाक ऐलान—‘बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद’ की नींव रेजीनगर में रखी जाएगी।  और ये ऐलान किसी नेता ने casually नहीं किया… बल्कि TMC से निष्कासित और अब विवादों से घिरे हुमायूं कबीर ने किया। बस फिर क्या था—राजनीतिक थर्मामीटर 102° चला गया। मुर्शिदाबाद बना फोर्ट्रेस—Security का ओवरडोज़ जिला प्रशासन ने साफ कह दिया— “Permission? Not happening.” लेकिन कबीर साहब ने 25 बीघा का मैदान…

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“थरूर साहब— BJP से दूरी या बस शब्दों की Gymnastics?”

भारत की राजनीति जितनी जटिल है, उतनी ही दिलचस्प भी। और उसमें अगर नाम शशि थरूर का हो तो मसाला अपने आप बढ़ जाता है। हाल के दिनों में थरूर के कुछ बयान, कुछ तस्वीरें और कुछ “पॉलिटिकल बॉडी लैंग्वेज” ने यह सवाल गर्म कर दिया— क्या थरूर कांग्रेस से दूर जा रहे हैं? या बीजेपी धीरे-धीरे उनके करीब? थरूर: कांग्रेस में, मगर अपनी लय में थरूर की खासियत यह है कि वो कांग्रेस में रहते हुए भी अक्सर “कांग्रेस की आधिकारिक लाइन” से थोड़ा अलग सुर निकाल देते हैं।…

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तेजस्वी यादव यूरोप निकले? RJD नेता का बड़ा दावा — राजनीति में नया ट्विस्ट

बिहार चुनाव में हार के बाद राजनीति का पारा अभी नीचे आया भी नहीं था कि RJD के सीनियर नेता शिवानंद तिवारी ने अपने ही नेता तेजस्वी यादव पर एक ऐसा तंज मार दिया, जिससे पटना की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव विधानसभा सत्र को बीच में छोड़कर परिवार के साथ यूरोप यात्रा पर निकल गए हैं। राजनीति में इसे कहते हैं — “मौका-ए-विरोध था… और नेता जी वीकेंड-इन-यूरोप पर!” “तेजस्वी ने मैदान छोड़ दिया” — तिवारी का तीर शिवानंद तिवारी का बयान किसी…

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2012 की तस्वीर से 2025 की राजनीति: बेइज्ज़त हो वफ़ा निभाते सचिन पायलट

साल 2012, कांग्रेस की ‘यंग ब्रिगेड’ की वो मशहूर तस्वीर — सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद।पांच चेहरे, पांच उम्मीदें… और पांचों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कि ये ही कांग्रेस का भविष्य हैं। कहानी में ट्विस्ट?2025 में इन पाँच में से तीन बीजेपी के ऑफिस में बैठकर चाय पी रहे हैं — और एकमात्र सचिन पायलट अब भी कांग्रेस के वफादार कैडेट की तरह डटे हुए हैं। सचिन पायलट: कांग्रेस के “लास्ट मैन स्टैंडिंग” राजस्थान में पिछली सरकार बनाने का श्रेय भले ही कैंपेन में…

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MCD में हलचल: कमल खिला, झाड़ू चली, कहीं हाथ ने सबको चौंका दिया

दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे आखिरकार सामने आ गए। एक तरफ काउंटिंग सेंटरों पर सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि लग रहा था ईवीएम नहीं, चांदी के खजाने रखे हों— दूसरी तरफ पार्टियों के दफ्तरों में माहौल “उम्मीद बनाम हकीकत” वाला था। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और कुछ घंटों में तस्वीर साफ हो गई— BJP को शानदार बढ़त, AAP को मिक्स रिजल्ट, और कांग्रेस ने एक सीट पर कमाल करके सबको चौंका दिया। BJP: MCD में कमल फिर खिला BJP ने कई…

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कॉरपोरेट का दिल अभी भी BJP पर—चंदा देख कांग्रेस बोले: “वाह रे राजनीति!”

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही Electoral Bonds को अलविदा कह दिया हो, लेकिन कॉरपोरेट दान के मामले में तस्वीर वही पुरानी है— पैसा अभी भी उसी दरवाज़े पर जा रहा है, जहाँ पहले जाता था। टाटा समूह के कंट्रोल वाला Progressive Electoral Trust (PET) इस साल फिर से सुर्खियों में है। 2024-25 में कुल 915 करोड़ रुपये के राजनीतिक चंदे में से लगभग 83% केवल BJP की झोली में पहुंचे। कांग्रेस को मिला सिर्फ 8.4%, और बाकी राशि क्षेत्रीय दलों में वितरित हो गई। BJP को कॉरपोरेट प्यार—साल दर साल…

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BJP की कुर्सी—ब्राह्मण का आशीर्वाद, OBC का दम, या दलित का ‘ट्रम्प कार्ड’?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुर्सी का तापमान बढ़ गया है। प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए छह बड़े चेहरे सुर्खियों में हैं। पार्टी हाईकमान ने लखनऊ में मैराथन बैठकें निपटा दी हैं—जहाँ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी से ज्यादा चाय की केतली ज़्यादा उबलती दिखी। अंदरखाने सूत्र कहते हैं कि ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों कार्डों को टेबल पर रखा गया है। पार्टी चुनावी गणित को देखते हुए किसे राजा बनाएगी, यह अभी ‘कंफिडेंशियल फाइल’ मोड में है। ब्राह्मण कार्ड: दिनेश शर्मा सबसे आगे? राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम…

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“UP हार का डर… और SIR का खेल?”—अखिलेश का बीजेपी पर बड़ा वार

संसद का शीतकालीन सत्र जैसे ही शुरू हुआ, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में बीजेपी पर सीधा वार किया। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी हारने के बाद से बीजेपी बैचेन है और अपनी हार छिपाने के लिए SIR का सहारा ले रही है। “BJP SIR का इस्तेमाल वोट काटने में कर रही है” — अखिलेश यादव अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं। कुछ नोएडा की कंपनियों को SIR से जुड़े काम पर…

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“SIR की जल्दी क्यों? BJP को तो वोटर लिस्ट मैजिक चाहिए!” — अखिलेश

लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर मतदाता विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और BJP एक ही टीम में खेल रहे हैं, इसलिए SIR को बिना तैयारी और बिना ट्रेनिंग के ही कर्मचारियों पर जबरन लागू किया जा रहा है। मृतक BLO परिवार को 2 लाख का चेक — “ड्यूटी के दबाव में हुई मौत” प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने मलिहाबाद के मृतक BLO विजय कुमार वर्मा की पत्नी और बेटे को…

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