29 मार्च… तारीख नहीं—निर्णय का दिन है। अब किताबें नहीं, confidence लिखेगा आपकी कॉपी में। जो 6 महीने में नहीं हुआ… वो अगले 5 दिन में भी हो सकता है—अगर strategy सही है। UPPCS Mains अब knowledge का नहीं… presentation + control + nerve का खेल है। एक्स CMO डॉ. आशुतोष दुबे का बड़ा संदेश “UPPCS सिर्फ एक परीक्षा नहीं, ये मानसिक अनुशासन की ultimate परीक्षा है। मैंने प्रशासन में देखा है कि वही लोग आगे बढ़ते हैं, जो संकट में भी स्पष्ट सोच रखते हैं। इन आखिरी दिनों में students को ‘panic’…
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पेड़ों की राजनीति या हरियाली क्रांति? 277 करोड़ पौधों का ‘Power Show’
सुबह की हवा में हल्की ठंडक थी… लेकिन इस बार ठंडक मौसम की नहीं, मिशन की थी। उत्तर प्रदेश में हर हाथ में मोबाइल नहीं—पौधा दिख रहा है। कोई फोटो के लिए नहीं लगा रहा… कोई रिकॉर्ड के लिए भी नहीं…बल्कि ऐसा लग रहा है जैसे यूपी ने फैसला कर लिया हो— “अब धूल नहीं, हरियाली उड़ेगी।” लेकिन सवाल अभी भी वही है क्या ये हरियाली जमीनी है… या सिर्फ आंकड़ों की खेती? ‘हरित प्रदेश’ का बड़ा दावा Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जो आंकड़े पेश किए हैं,…
Read MorePollution Crisis: गाजियाबाद का लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
सुबह की पहली सांस… जो जिंदगी देती थी, अब वही खतरे का अलार्म बन चुकी है। लोनी में लोग अब हवा नहीं, “जहर” इनहेल कर रहे हैं। आंखों में जलन, गले में आग और फेफड़ों में भारीपन—यह कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं, बल्कि यहां के हर घर की रोजमर्रा की कहानी है। सवाल ये है—क्या ये शहर जिंदा है, या धीरे-धीरे गैस चैंबर बनता जा रहा है? रिपोर्ट का धमाका: WHO के 22 गुना ऊपर ज़हर IQAir की 2025 रिपोर्ट ने लोनी को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित कर दिया…
Read Moreजमीन मेरी, कब्जा उनका… और पुलिस? कासगंज में सिस्टम का ‘काला सच’
कागजों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की सरकार है… लेकिन ज़मीन पर ‘फुल टॉलरेंस’ का खेल चल रहा है। कासगंज के एक किसान की कहानी सिर्फ उसकी नहीं—ये उस सिस्टम की एक्स-रे रिपोर्ट है, जहां न्याय फाइलों में फंसता है और दबंग ट्रैक्टर चढ़ाकर हकीकत लिखते हैं। एक अकेला किसान… चार दिन से फर्द लेकर दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है। उधर, उसकी जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग आराम से ‘कानून’ को चाय पिला रहे हैं। सवाल सीधा है—क्या कानून वाकई अंधा है, या आंखें बंद करने का ठेका दे दिया गया है?…
Read More13 साल मौत से जंग… खुद चुनी विदाई! आखिरी सांस के बाद ‘जिंदा’ रहा हरीश
राजनगर एक्सटेंशन की उस शाम में सिर्फ सन्नाटा नहीं था… वहां एक कहानी खत्म हुई थी—धीरे-धीरे, चुपचाप, लेकिन इतनी गहरी कि हर आंख नम हो जाए। 33 साल का एक युवक, जिसने 13 साल तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए हर सांस उधार में जी, आखिरकार खुद अपनी विदाई का फैसला कर गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं थी… यह सिस्टम, परिवार, और इंसानी जज़्बात की सबसे कठिन परीक्षा थी। 13 साल पहले की वो गिरावट… जिसने सब छीन लिया 2013… एक साधारण दिन। एक युवा इंजीनियरिंग स्टूडेंट,…
Read Moreगाजियाबाद! मां के शव के साथ 48 घंटे… फिर 13वीं मंजिल से छलांग
Ghaziabad की एक हाईराइज सोसाइटी…दरवाजा बंद… फोन खामोश…अंदर एक मां की लाश, जो दो दिन से वहीं पड़ी थी…और एक बेटा, जो उसी घर में सांस ले रहा था…फिर अचानक 13वीं मंजिल से गिरती एक परछाईं। ये खबर नहीं है…ये शहर के बीचों-बीच पनपता हुआ अकेलापन है। क्या हुआ उस दिन: टाइमलाइन में त्रासदी 19 मार्च—एक तारीख, जो अब उस सोसाइटी के लिए सिर्फ कैलेंडर नहीं, एक दहशत बन चुकी है। 42 साल का राजवीर… पेशे से ज्योतिषी…अपनी 70 साल की मां के साथ रहता था। मां की मौत हो…
Read Moreपरम सुख Book Release: स्वामी प्रेमानंद जी की जीवन गाथा ने मचाई हलचल
वृंदावन की गलियों में भक्ति का संगीत अक्सर गूंजता है, लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ है. कोई कीर्तन नहीं, कोई रासलीला नहीं… बल्कि एक किताब ने हलचल मचा दी है. ‘परम सुख’—नाम सुनते ही लगता है जैसे जीवन का कोई सीक्रेट कोड मिल गया हो. और जब यह किताब उस संत पर हो जिसने 13 साल की उम्र में घर छोड़कर भगवान की तलाश को अपना करियर बना लिया, तो कहानी अपने आप ‘ट्रेंडिंग’ बन जाती है. कौन हैं स्वामी प्रेमानंद जी? कानपुर के एक साधारण परिवार से निकले…
Read Moreशंकराचार्य की ‘रोको-टोको-ठोको’ के साथ मैदान में उतरी चतुरंगिणी सेना”
काशी… जहां हर गली में इतिहास सांस लेता है, वहीं अब एक नया नारा गूंजा है जो सीधे दिल और दिमाग दोनों पर दस्तक देता है। “रोको, टोको और ठोको” — यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक चेतावनी, एक घोषणा और शायद एक नई बहस की शुरुआत है। विद्यामठ आश्रम से उठी यह आवाज अब पूरे देश के कानों में गूंज रही है। काशी से उठी नई रणनीति Varanasi के विद्यामठ आश्रम में Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने ‘श्रीशंकराचार्य चतुरंगिणी सेना सभा’ के गठन का ऐलान कर दिया है। 27 सदस्यों…
Read More5 छक्कों वाला हीरो अब अफसर! Rinku की ‘Powerplay’ एंट्री सिस्टम में भी
क्रिकेट के मैदान पर आखिरी ओवर में छक्कों की बारिश करने वाला लड़का… अब फाइलों और फैसलों की दुनिया में भी एंट्री मार चुका है। Rinku Singh अब सिर्फ गेंद को बाउंड्री के पार नहीं भेजेंगे, बल्कि यूपी के खेल सिस्टम में भी नई दिशा तय करेंगे। ये कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं है… ये उस सिस्टम की भी है जो अक्सर टैलेंट को पहचानने में देर करता है, लेकिन जब पहचानता है तो हेडलाइन बनती है। IPL से पहले ‘सरकारी पारी’ की शुरुआत आईपीएल 2026 के शुरू होने…
Read More₹160 की बढ़ोतरी… योगी जी लेकिन क्या सच में भरेगा किसान का खलिहान?
खेत की मिट्टी अभी भी वही है… लेकिन दामों का खेल हर सीजन नया स्क्रिप्ट लिखता है। सरकार कह रही है “किसान खुश”, और किसान सोच रहा है “खर्चा पहले ही बढ़ चुका है”। ₹2585 प्रति क्विंटल का MSP सुनने में मिठाई जैसा लगता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये मिठास वाकई जेब तक पहुंचती है या सिर्फ हेडलाइन में ही घुल जाती है? MSP बढ़ा… पर क्या बदला? उत्तर प्रदेश में गेहूं का MSP ₹2585 कर दिया गया है। कागज़ पर ये 160 रुपये की बढ़ोतरी है,…
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