लखनऊ: झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया। एबीवीपी की लखनऊ महानगर इकाई से जुड़े छात्र हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा के पास जुटे। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में हजरतगंज चौराहे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में विभिन्न नारे लिखी तख्तियां थीं। इनमें ‘भ्रष्टतंत्र की सरकार को धूल चटाएंगे, छात्रों को न्याय दिलाएंगे’, ‘झारखंड सरकार शर्म करो, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो’ और ‘अन्याय के खिलाफ, हम हैं साथ’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारी ‘छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति’, ‘झारखंड सरकार मुर्दाबाद’ और ‘हेमंत सोरेन मुर्दाबाद’ के नारे भी लगा रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान हजरतगंज चौराहे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतले के साथ उनकी तस्वीरें भी जलाई गईं। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग परीक्षा में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाना है।
‘लाठीचार्ज की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी’
एबीवीपी लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष आदर्श मिश्रा ने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग में पेपर लीक के आरोपों की सरकार को जांच करानी चाहिए।
‘जेपीएससी और जेएसएससी में भ्रष्टाचार का आरोप’
एबीवीपी लखनऊ महानगर के महामंत्री आरपी शुक्ला ने कहा कि संगठन ने झारखंड सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मुद्दे को उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल को कई वर्षों से टेंडर दिया गया है।
‘छात्रों को आतंकवादी समझकर पीटा गया’
एबीवीपी कार्यकर्ता शिवम पांडेय ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर बर्बरतापूर्वक वाहनों में भरकर हिरासत में लिया गया। शिवम पांडेय ने कहा कि इस घटना से देशभर के छात्र आक्रोशित हैं और विद्यार्थी परिषद अपने कार्यकर्ताओं और छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रही है। उन्होंने सरकार से जिम्मेदार लोगों को हटाने या मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
‘राहुल गांधी, अखिलेश और डिंपल झारखंड क्यों नहीं गए?’
एबीवीपी चारबाग के नगर मंत्री तनिष्क शर्मा भारद्वाज ने विपक्षी नेताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, डिंपल यादव और चंद्रशेखर आजाद झारखंड में छात्रों का समर्थन करने क्यों नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए, लेकिन झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर उनकी आवाज नहीं सुनाई दे रही है।
‘सरकार की लापरवाही से हो रहे पेपर लीक’
एबीवीपी लखनऊ विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष आर्यन शर्मा ने आरोप लगाया कि झारखंड में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सरकार की लापरवाही के कारण पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया। संगठन की मांग है कि सरकार छात्रों की लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों को सुने और लाठीचार्ज के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करे।
‘मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में आंदोलन जारी रहेगा’
प्रदर्शनकारी यशवर्धन पटेल ने कहा कि झारखंड सरकार ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, उसके खिलाफ संगठन आंदोलन कर रहा है। उन्होंने विपक्ष की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या झारखंड में इंडी गठबंधन की सरकार होने की वजह से विपक्ष इस मुद्दे पर चुप है।
उन्होंने कहा कि जो राहुल गांधी प्रयागराज में युवाओं की आवाज बनकर गए थे, वह झारखंड के मुद्दे पर चुप क्यों हैं। यशवर्धन पटेल ने कहा कि जब तक झारखंड सरकार छात्रों की आवाज नहीं सुनेगी, तब तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देशभर में आंदोलन जारी रखेगी।
