नई दिल्ली: पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं आज भी सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर काफी लोकप्रिय हैं। बैंक की एफडी की तरह पोस्ट ऑफिस में भी निश्चित अवधि के लिए पैसा जमा करने की सुविधा मिलती है। इसे पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट के नाम से जाना जाता है। इसमें एकमुश्त राशि जमा की जाती है और तय अवधि पूरी होने पर ब्याज समेत रकम वापस मिलती है।
24 महीने की टाइम डिपॉजिट पर 7 फीसदी ब्याज
पोस्ट ऑफिस में 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट खाता खोला जा सकता है। 24 महीने यानी 2 साल की अवधि वाली टाइम डिपॉजिट पर फिलहाल 7.00 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है।
इस योजना में निवेशक को खाता खोलते समय निर्धारित राशि जमा करनी होती है। अवधि पूरी होने पर मूलधन के साथ तय ब्याज के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग ब्याज दर नहीं
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की एक खास बात यह है कि यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से अधिक ब्याज दर का प्रावधान नहीं है। यानी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के निवेशकों को भी वही 7.00 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जो सामान्य ग्राहकों को दिया जाता है।
इसके विपरीत कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में एफडी पर अतिरिक्त ब्याज देते हैं। कुछ बैंक अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग दर भी निर्धारित करते हैं। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में ऐसी अतिरिक्त ब्याज सुविधा उपलब्ध नहीं है।
रेपो रेट से सीधे तय नहीं होती पोस्ट ऑफिस की ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की ब्याज दरें बैंकों की एफडी से अलग तरीके से निर्धारित होती हैं। इन योजनाओं पर ब्याज दर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से तय की जाती है।
वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करता है। आवश्यकता के अनुसार इन दरों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट की ब्याज दर सीधे भारतीय रिजर्व बैंक की रेपो दर से तय नहीं होती।
वहीं, बैंकों की एफडी दरों पर रेपो रेट समेत बाजार की परिस्थितियों और बैंक की अपनी नीतियों का असर पड़ता है।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में कितनी अवधि का विकल्प
निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि चुन सकते हैं। दो साल की अवधि वाले निवेश पर मौजूदा ब्याज दर 7.00 प्रतिशत है। हालांकि, निवेश करने से पहले लागू ब्याज दर और योजना के मौजूदा नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
