नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से अलग होकर एनडीए में जाने का मुद्दा भी उठा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को गठबंधन से जाने नहीं देना चाहिए था। इस पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश को जाना ही था और वह गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे।
यह चर्चा ऐसे समय हुई जब बुधवार को INDIA गठबंधन की बैठक प्रस्तावित थी। इस बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी।
नीतीश कुमार के जाने पर क्या हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, CWC की बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से बाहर जाने से रोका गया होता तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
इस पर सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार को गठबंधन से बाहर जाना ही था और वह इसके लिए रास्ता तलाश रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि नीतीश कुमार की ओर से INDIA गठबंधन का संयोजक बनने की कोशिश महज दिखावा थी।
नीतीश कुमार पहले INDIA गठबंधन का हिस्सा थे, लेकिन बाद में उन्होंने गठबंधन छोड़कर एनडीए के साथ जाने का फैसला किया था।
INDIA गठबंधन की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा
30 सितंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
बैठक में ‘वोट चोरी’ के आरोपों, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उम्मीद जताई थी कि गठबंधन के सभी दल बैठक में हिस्सा लेंगे।
खरगे और राहुल के बीच बैठक में हुआ हल्का पल
CWC की बैठक के दौरान ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा के बीच एक हल्का पल भी देखने को मिला। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के मुद्दों पर समर्थन जताते हुए कहा कि पार्टी उनके पीछे चल रही है।
इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए पूछा कि ‘बहुत पीछे तो नहीं हैं।’ इसके बाद खरगे ने कहा कि पार्टी उनके साथ चल रही है। इस बातचीत के बाद बैठक में मौजूद नेताओं के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।
देशभर में आंदोलन की तैयारी
CWC की बैठक में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन चलाने का फैसला किए जाने की बात सामने आई। कांग्रेस ने इसमें दूसरे विपक्षी दलों को भी साथ लेने की बात कही है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव में भी प्रधानमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की गई।
राहुल गांधी ने ईवीएम और मतदाता सूची को लेकर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने बैठक में आरोप लगाया कि देश में चुनावों में ईवीएम और मतदाता सूचियों से जुड़ी ‘मैच फिक्सिंग’ हो रही है। उन्होंने पार्टी से संसद से लेकर सड़क तक विरोध और प्रतिरोध जारी रखने को कहा।
कांग्रेस कार्यसमिति ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को तत्काल रोकने और मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग भी उठाई है। ये सभी कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की रणनीति पर नजर
CWC की बैठक और INDIA गठबंधन की बैठक के बीच चुनाव आयोग और मतदाता सूची का मुद्दा विपक्षी दलों के लिए प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है, जबकि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर आयोग की ओर से अपनी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
