शिवलिंग पर शंख से जल क्यों नहीं चढ़ाया जाता? जानिए शंखचूड़ की कथा और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

नई दिल्ली: सनातन धर्म में शंख को अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। पूजा-पाठ, यज्ञ और मांगलिक कार्यों में शंख का विशेष महत्व है। मान्यता है कि शंख बजाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। हालांकि, जहां भगवान विष्णु को शंख से जल अर्पित किया जाता है, वहीं भगवान शिव के शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित माना गया है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। शंखचूड़ के वध से जुड़ी है मान्यता पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक दैत्यराज ने संतान प्राप्ति…

Read More

‘अयोध्या को बदनाम करने की साजिश, सनातन को कमजोर करना चाहते हैं विरोधी’… मीरजापुर में विपक्ष पर बरसे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को मीरजापुर दौरे के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति पर लगातार सवाल उठाकर कुछ लोग समाज को बांटने और अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। कोन विकास खंड के पुरजागीर स्थित डॉ. टमटम मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई राजनीतिक…

Read More

सनातन धर्म को क्यों कहा जाता है शाश्वत? जानिए कर्म, मोक्ष और पुनर्जन्म से जुड़े वे सिद्धांत जो इसे बनाते हैं अद्वितीय

नई दिल्ली : भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की सबसे प्राचीन धरोहरों में से एक सनातन धर्म को शाश्वत और कालातीत माना जाता है। हजारों वर्षों से मानव जीवन को दिशा देने वाली यह परंपरा आज भी करोड़ों लोगों की आस्था, जीवनशैली और आध्यात्मिक चिंतन का आधार बनी हुई है। ‘सनातन’ शब्द का अर्थ ही है—जो अनादि और अनंत हो, जिसका न कोई आरंभ हो और न अंत। यही कारण है कि इसे शाश्वत धर्म के रूप में भी जाना जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी आदित्य कृष्ण गिरि महाराज के अनुसार…

Read More

शंकराचार्य की ‘रोको-टोको-ठोको’ के साथ मैदान में उतरी चतुरंगिणी सेना”

काशी… जहां हर गली में इतिहास सांस लेता है, वहीं अब एक नया नारा गूंजा है जो सीधे दिल और दिमाग दोनों पर दस्तक देता है। “रोको, टोको और ठोको” — यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक चेतावनी, एक घोषणा और शायद एक नई बहस की शुरुआत है। विद्यामठ आश्रम से उठी यह आवाज अब पूरे देश के कानों में गूंज रही है। काशी से उठी नई रणनीति Varanasi के विद्यामठ आश्रम में Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने ‘श्रीशंकराचार्य चतुरंगिणी सेना सभा’ के गठन का ऐलान कर दिया है। 27 सदस्यों…

Read More

आचार्य प्रमोद कृष्णम: सेवक से ‘जगतगुरु’ तक कल्कि धाम में सम्मान का ऐतिहासिक क्षण

गुरुवार को कल्कि धाम में आयोजित ‘कल्कि स्थापना दिवस’ समारोह एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। समारोह के दौरान कल्कि पीठाधीश्वर Acharya Pramod Krishnam को ‘जगतगुरु’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें Akhil Bharatiya Akhada Parishad के अध्यक्ष Mahant Ravindra Puri द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर और विभिन्न अखाड़ों के संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। फूलों की वर्षा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह सम्मान प्रदान किया गया। संतों की मौजूदगी में विशेष घोषणा आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद…

Read More

महादेव का संदेश: कम क्रोध, ज्यादा करुणा! यही है असली शिवत्व

आप सभी को महाशिवरात्रि की पावन शुभकामनाएं। भगवान शिव आपके जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान, शांति और संतुलन का प्रकाश फैलाएं। यह पर्व सिर्फ व्रत और जागरण का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और परिवर्तन का भी अवसर है। महादेव से आज के समाज को क्या सीखना चाहिए? आज की Fast-paced, stress-driven दुनिया में महादेव की जीवन शैली एक powerful life-manual की तरह है। विष पीकर भी शांत रहना नीलकण्ठाय शान्ताय नमः शिवाय शम्भवे। भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष को स्वयं ग्रहण किया, लेकिन उसे…

Read More

भोलेनाथ और नशे का सच: Shiva की छवि बिगाड़ने वालों को जवाब

सोशल मीडिया के दौर में अक्सर यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि Shiva नशे के प्रतीक हैं। लेकिन शास्त्रों में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं मिलता कि उन्होंने नशे को जीवनशैली या आनंद का माध्यम बताया हो। यह भ्रम लोककथाओं और प्रतीकों की अधूरी समझ से पैदा हुआ है। शिव पुराण क्या कहता है? Shiva Purana में शिव को योगेश्वर, महातपस्वी और वैराग्य के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। एक प्रसिद्ध श्लोक में कहा गया है: “नित्यं योगरतं शान्तं निरहंकारमव्ययम्।”अर्थ: जो सदा योग में स्थित, शांत और अहंकार…

Read More

सिर्फ बृजभूषण का दबदबा है, तो सुन लो… मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज में आयोजित 8 दिवसीय राष्ट्रकथा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब धर्म, राष्ट्र और संस्कृति एक मंच पर मिलते हैं, तो भावनाओं का ज्वार थामना आसान नहीं होता। कथावाचक सद्गुरु रितेश्वर महाराज के ओजस्वी और तीखे शब्दों ने श्रोताओं को ही नहीं, बल्कि भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को भी भावुक कर दिया। मंच पर बैठे-बैठे उनकी आंखों से आंसू बहने लगे—और वही दृश्य अब सोशल मीडिया पर वायरल है। क्या बोले सद्गुरु, क्यों छलके आंसू?…

Read More

रामलला के दरबार में नायडू, बोले– Governance का Gold Standard

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय वर्ष आयोजनों में रविवार, 28 दिसंबर 2025, को एक खास राजनीतिक-आध्यात्मिक संदेश देखने को मिला, जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू रामलला के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। यह दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि governance, faith और national integration का प्रतीक बनकर सामने आया। Ram Lalla Darshan: ‘Spiritual Energy का अनुभव’ रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “यह अनुभव आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला है। अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की…

Read More

Ayodhya में History Reloaded — Bhagwa की Grand Entry

25 नवंबर 2025—Vivah Panchami का शुभ दिन—और Ayodhya आज एक ऐसे आध्यात्मिक क्षण की साक्षी है जिसे देखकर इतिहास भी मुस्कुरा रहा है। रामलला के मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर आज वह केसरिया ध्वज फहराएगा जो सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सूर्यवंश, रामायण और अयोध्या की आत्मा की तीन गुना ताकत का प्रतीक है। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं—यह “Sanatan Super Celebration” है। Vivah Panchami का दिव्य कनेक्शन: जब मैरिज Anniversary और Dharma Celebration मिल गए Vivah Panchami यानी वह दिन जब त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का…

Read More