सनातन धर्म को क्यों कहा जाता है शाश्वत? जानिए कर्म, मोक्ष और पुनर्जन्म से जुड़े वे सिद्धांत जो इसे बनाते हैं अद्वितीय

नई दिल्ली : भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की सबसे प्राचीन धरोहरों में से एक सनातन धर्म को शाश्वत और कालातीत माना जाता है। हजारों वर्षों से मानव जीवन को दिशा देने वाली यह परंपरा आज भी करोड़ों लोगों की आस्था, जीवनशैली और आध्यात्मिक चिंतन का आधार बनी हुई है। ‘सनातन’ शब्द का अर्थ ही है—जो अनादि और अनंत हो, जिसका न कोई आरंभ हो और न अंत। यही कारण है कि इसे शाश्वत धर्म के रूप में भी जाना जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी आदित्य कृष्ण गिरि महाराज के अनुसार…

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