शिवलिंग पर शंख से जल क्यों नहीं चढ़ाया जाता? जानिए शंखचूड़ की कथा और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

नई दिल्ली: सनातन धर्म में शंख को अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। पूजा-पाठ, यज्ञ और मांगलिक कार्यों में शंख का विशेष महत्व है। मान्यता है कि शंख बजाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। हालांकि, जहां भगवान विष्णु को शंख से जल अर्पित किया जाता है, वहीं भगवान शिव के शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित माना गया है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। शंखचूड़ के वध से जुड़ी है मान्यता पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक दैत्यराज ने संतान प्राप्ति…

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भोलेनाथ और नशे का सच: Shiva की छवि बिगाड़ने वालों को जवाब

सोशल मीडिया के दौर में अक्सर यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि Shiva नशे के प्रतीक हैं। लेकिन शास्त्रों में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं मिलता कि उन्होंने नशे को जीवनशैली या आनंद का माध्यम बताया हो। यह भ्रम लोककथाओं और प्रतीकों की अधूरी समझ से पैदा हुआ है। शिव पुराण क्या कहता है? Shiva Purana में शिव को योगेश्वर, महातपस्वी और वैराग्य के प्रतीक के रूप में वर्णित किया गया है। एक प्रसिद्ध श्लोक में कहा गया है: “नित्यं योगरतं शान्तं निरहंकारमव्ययम्।”अर्थ: जो सदा योग में स्थित, शांत और अहंकार…

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