दुनिया जिन चेहरों को अक्सर “global villains” के तौर पर देखती है, Iran के Supreme Leader, Russia के President Vladimir Putin, North Korea के Kim Jong Un, और China के President Xi Jinping उनमें से किसी का भी नाम Epstein Files में नहीं दिखता। यह बात कई लोगों को चौंकाती है, क्योंकि Epstein Files को लेकर दुनिया भर में high-profile connections की चर्चा रही है। Epstein Files में नाम कैसे आते हैं? Epstein Files उन दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड्स का संकलन हैं, जिनमें संपर्क, यात्राओं, सामाजिक नेटवर्क और कानूनी दस्तावेज़ों का ज़िक्र किया…
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“थरूर साहब— BJP से दूरी या बस शब्दों की Gymnastics?”
भारत की राजनीति जितनी जटिल है, उतनी ही दिलचस्प भी। और उसमें अगर नाम शशि थरूर का हो तो मसाला अपने आप बढ़ जाता है। हाल के दिनों में थरूर के कुछ बयान, कुछ तस्वीरें और कुछ “पॉलिटिकल बॉडी लैंग्वेज” ने यह सवाल गर्म कर दिया— क्या थरूर कांग्रेस से दूर जा रहे हैं? या बीजेपी धीरे-धीरे उनके करीब? थरूर: कांग्रेस में, मगर अपनी लय में थरूर की खासियत यह है कि वो कांग्रेस में रहते हुए भी अक्सर “कांग्रेस की आधिकारिक लाइन” से थोड़ा अलग सुर निकाल देते हैं।…
Read Moreबिहार में लहर, यूपी में पहाड़—एगो फार्मूला से ना खुली यूपी की ताला
बिहार में चुनाव परिणाम आइल त राजनीति ऐसे हिलल जइसे कड़ाहा में चऊमिन। अब सब पूछs: “यूपी में ई चमत्कारी ‘बिहार मॉडल’ लागू हो सकेला?” बाबू, बात सीधी-बिहारी में समझs— “बिहार एगो तालाब, यूपी पूरा समुंदर!” तालाब वाला तरीका समुंदर में चलेल? ई सोचलही सटायर बा। बिहार बनाम यूपी: लगs त पड़ोसी, बाकिर राजनीति में पूरा चचेरा-गोटाला! बिहार: जाति-ब्लॉक वाला सरल पहेली बिहार के राजनीति पाँच गो ठोस ब्लॉक पर घूमेला— यादव, कुशवाहा, दलित, मुस्लिम, कुर्मी। एक ब्लॉक हिलल = पूरा चुनाव का बैलेंस डोल गइल। मतलब बिहार में चुनाव…
Read More“UP Cabinet में बड़ा बवाल: कौन हटेगा, कौन बनेगा मंत्री? चर्चा गरम!”
बिहार चुनावों के नतीजे आते ही, भाजपा हाईकमान का फोकस अब पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर शिफ्ट हो चुका है।2027 विधानसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में संगठनात्मक पुनर्गठन और मंत्रिमंडल विस्तार, दोनों पर एक्सप्रेस स्पीड में काम शुरू है। UP कैबिनेट में अभी 54 मंत्री हैं, जबकि सीमा 60 है—मतलब 6 कुर्सियाँ खाली। और राजनीति में खाली कुर्सियाँ?सीधा संकेत: कोई आने वाला है और कोई जाने वाला है। कौन हट सकता है?—अफवाहों की धूल में संभावनाएँ चमकती हुई सूत्रों के मुताबिक संघ की ताज़ा रिपोर्ट्स में किसी का…
Read Moreबिहार में नीतीश की 10वीं इनिंग: NDA की जीत के बाद सबसे बड़ी चुनौतियाँ
NDA की बम्पर जीत और रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ… नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि वह बिहार राजनीति के evergreen player हैं। लेकिन अब असली चुनौती सत्ता नहीं— वायदों का पहाड़ है। मतलब— जीत तो ले ली, अब डिलीवरी करनी है! नीतीश कुमार की सबसे बड़ी चुनौती: “वादे vs बिहार का बजट” बिहार का आर्थिक बजट पहले ही पतला है, और वादे… मानो election manifesto नहीं, wish-list थी। एनडीए के वादे जिन पर अब नीतीश की परीक्षा होगी- डेढ़ करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को…
Read Moreज़्यादा वोट शेयर के बावजूद RJD क्यों हारी? यह है पूरा गणित
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सबसे चौंकाने वाली तस्वीर RJD के प्रदर्शन की रही। महागठबंधन का नेतृत्व करने वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 25 सीटें जीत पाई। चौंकाने वाली बात ये रही कि इतनी खराब सीट परफॉर्मेंस के बावजूद RJD को किसी भी पार्टी से ज़्यादा—23% वोट शेयर मिला। लेकिन फिर सवाल उठता है… जब वोट सबसे ज़्यादा मिले तो सीटें सबसे कम क्यों? 23% वोट शेयर—फिर भी गिरावट! RJD को इस बार 23% वोट मिला, जो पिछले चुनाव के 23.11% से थोड़ा…
Read Moreबिहार में घमंड की एंट्री नहीं-नंद वंश भी नहीं बच पाया
भारत की राजनीति में बिहार का इतिहास हमेशा एक बात साफ बताता है—यहां पावर की इज्जत होती है, लेकिन अहंकार की नहीं। फिर चाहे कोई कितना ही बड़ा राजा, नेता या सत्ता-सम्राट क्यों न हो जाए, जब ‘घमंड मोड ऑन’ होता है, तो बिहार उसे ‘ऑफ’ करना अच्छी तरह जानता है। नंद वंश की कहानी: जब बिहार ने साम्राज्य को रीसेट कर दिया नंद वंश उस दौर की सबसे शक्तिशाली राजशक्ति मानी जाती थी। Their empire was huge, wealth was massive, and influence unmatched. लेकिन इतिहास गवाह है कि उनके…
Read Moreनीतीश कुमार की क्लीन इमेज क्यों बनी ‘बिहार विजय सूत्र’?
बिहार चुनाव 2025 ने एक बार फिर भारतीय राजनीति का सबसे पुराना फॉर्मूला ताजा कर दिया—साफ छवि = साफ जीत। नीतीश कुमार की वापसी कोई रातोंरात नहीं हुई। यह क्लीन ब्रांड, भरोसे वाला चेहरा और स्थिर राजनीति का पैकेज है, जो बिहार के मतदाताओं के दिल में आज भी वैल्यू रखता है। नीतीश–मोदी की जोड़ी: एक भरोसेमंद ‘स्टेबल पैकेज’ बिहार ने इस बार जिस बात पर सबसे ज्यादा भरोसा किया, वह था— अनिश्चितता से दूर रहना। मोदी का नेशनल ब्रांड + नीतीश की स्टेबल गवर्नेंस = मतदाताओं की पसंदीदा कॉम्बो-डील। महागठबंधन के…
Read More“NDA की ऐसी जीत कि Exit Poll भी बोले— भाई, हम तो मज़ाक थे!”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का नतीजा आया तो लगा जैसे राज्य ने कह दिया— “हम बदल रहे हैं भैया, और ये बदलाव वोटिंग मशीन से ही निकलेगा!”NDA को बड़ी जीत मिली है, और ये जीत सिर्फ सीटों का खेल नहीं है; ये बिहार की नई सोच, नई पहचान और नई उम्मीद का रोडमैप है। इस बार के चुनाव ने साबित किया कि मतदाता सिर्फ नेता की आवाज़ नहीं सुनते— अब वे अपनी आवाज़ खुद लिख रहे हैं। Modi–Nitish की Winning Chemistry: वही पुरानी जुगलबंदी, पर असर दोगुना! अगर आप बिहार की…
Read More“किंग भी वही, कमबैक किड भी वही — नीतीश और चिराग की डबल जीत!”
बिहार चुनाव के नतीजे चाहे NDA की जेब में गए हों, लेकिन सत्ता का ट्रॉफी काउंट दो नेताओं के पास गया—नीतीश कुमार, बिहार की राजनीति के Chanakya 2.0, और चिराग पासवान, युवा ऊर्जा के Comeback Kid। दोनों ने सिर्फ चुनाव नहीं जीता, अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन पर इतना खाद-पानी डाल दिया कि अगले कई साल तक वहां भारी फसल उगती रहेगी। Nitish Kumar: The OG Chanakya of Bihar Politics नीतीश कुमार का यह चुनाव एक तरह से Final Semester Viva था। विरोधी कह रहे थे “थक गए हैं बाबू, रिटायरमेंट ले…
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