असम में दांव! 17 सीटों पर TMC की एंट्री से BJP-Cong का गणित गड़बड़

असम की सियासत अब सीधी लड़ाई नहीं रही… अब ये ‘त्रिकोणीय जंग’ बन चुकी है! जहां एक तरफ सत्ता बचाने की जिद में BJP है, तो दूसरी तरफ वापसी के लिए बेताब कांग्रेस… और अब अचानक ‘दीदी’ की एंट्री ने पूरा खेल ही उलट दिया है।चुनाव से ठीक पहले 17 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके TMC ने ऐसा राजनीतिक ‘साइलेंट बम’ फोड़ा है, जिसकी गूंज हर विधानसभा सीट तक सुनाई दे रही है। असम में TMC की एंट्री: सियासत में नया ट्विस्ट अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने असम विधानसभा…

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सुवेंदु का दावा- ममता हारेंगी, बंगाल में सियासी सुनामी की आहट

कोलकाता की गलियों में इस वक्त सिर्फ पोस्टर नहीं चिपक रहे… यहां हवा में टकराव की गूंज है। एक तरफ सत्ता की सबसे मजबूत आवाज—Mamata Banerjee और दूसरी तरफ चुनौती का सबसे आक्रामक चेहरा—Suvendu Adhikari भवानीपुर अब सिर्फ एक सीट नहीं रही, यह अहंकार बनाम आक्रामकता का अखाड़ा बन चुकी है। भवानीपुर बना ‘पॉलिटिकल कुरुक्षेत्र’ Bhabanipur सीट इस बार हाई-प्रोफाइल क्यों है, इसका जवाब सीधा है। यहां से Mamata Banerjee खुद मैदान में उतर रही हैं। और उन्हें चुनौती दे रहे हैं वही नेता, जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम में उन्हें झटका दिया था—Suvendu…

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दीदी का ‘291 वाला दांव’: भवानीपुर में फिर भिड़ंत, इस बार हिसाब बराबर?

बंगाल की राजनीति… जहां हर चुनाव सिर्फ वोट नहीं, बल्कि “वर्चस्व की जंग” होता है। इस बार भी मैदान सजा है, चेहरे वही हैं, लेकिन चालें नई। 291 नामों की लिस्ट आई है, पर असली कहानी उन नामों के पीछे छिपी रणनीति में है जहां हर सीट एक शतरंज का खांचा है, और हर उम्मीदवार एक चाल। “291 नाम, एक मैसेज”: TMC का बड़ा ऐलान All India Trinamool Congress ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 291 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 47 अल्पसंख्यक…

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“मैं भी बंगाल की बेटी हूं…” राष्ट्रपति का तंज, ममता की गैरमौजूदगी पर नाराज़गी

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में मंच सजा था, संथाल समाज का बड़ा कार्यक्रम था और देश की राष्ट्रपति वहां मौजूद थीं। लेकिन कार्यक्रम खत्म होते-होते एक राजनीतिक संदेश हवा में तैरने लगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से ही अपनी नाराज़गी जाहिर कर दी न सिर्फ कार्यक्रम स्थल को लेकर, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गैरमौजूदगी पर भी। बातें शालीन थीं, लेकिन संदेश बेहद साफ था। संथाल सम्मेलन में पहुंचीं राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पश्चिम बंगाल पहुंचीं। यह सम्मेलन सिलीगुड़ी महकमा परिषद…

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“मुसलमानों के लिए भारत से बेहतर देश नहीं!” – शाहनवाज का बड़ा बयान

सियासत में बयान कभी-कभी सिर्फ शब्द नहीं होते, वे सीधे राजनीतिक संदेश बन जाते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता Shahnawaz Hussain ने एक बार फिर ऐसा ही बयान देकर बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि दुनिया के कई हिस्सों में लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, लेकिन भारत में मुसलमान खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को मुसलमानों के लिए सबसे बेहतर नेता तक बता दिया। भारत मुसलमानों के लिए सबसे बेहतर जगह? न्यूज़ एजेंसी से बातचीत…

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TMC Rajya Sabha Candidates 2024: मेनका पहली LGBTQ सांसद

16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए All India Trinamool Congress ने अपने चार उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee ने इस बार जो टीम चुनी है, उसमें कानून, पुलिस, संगीत और सिनेमा का अनोखा कॉकटेल दिखता है। उम्मीदवार हैं:वरिष्ठ वकील Menaka Guruswamy,बंगाल के पूर्व डीजीपी Rajeev Kumar,मंत्री और गायक Babul Supriyo,और अभिनेत्री Koel Mallick। सियासत में इसे कहते हैं: Balanced Thali Strategy। मेनका गुरुस्वामी: कोर्टरूम की आवाज, अब संसद में? सबसे ज्यादा चर्चा मेनका गुरुस्वामी की हो रही है। वही वकील जिन्होंने 2018…

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Mamata सरकार की बहानेबाज़ी पर कोर्ट का ब्रेक, SIR को फास्ट-फॉरवर्ड!

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने राज्य सरकार को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। पीठ की अगुवाई कर रहे Surya Kant ने साफ कहा कि हर दिन नए बहाने बनाकर प्रक्रिया को लटकाना स्वीकार्य नहीं है। अदालत का लहजा साफ था, संदेश और भी साफ। SIR पर क्यों मचा है सियासी संग्राम? मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतंत्र का बैकएंड सिस्टम है। यह वह इंजन है जो चुनावी गाड़ी को सही रास्ते पर रखता…

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बंगाल में ‘खेला’ से ‘केस’ तक: ED बनाम ममता, अब सुप्रीम कोर्ट में टकराव

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘खेला’ शब्द अब चुनावी नारों से आगे बढ़ चुका है। मामला अब सीधे देश की शीर्ष अदालत तक पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate ने Mamata Banerjee और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया है। I-PAC रेड से उठी चिंगारी विवाद की शुरुआत चुनावी रणनीतिकार कंपनी Indian Political Action Committee (I-PAC) और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन से जुड़ी छापेमारी से हुई। ईडी का दावा है कि जब वह कानूनी प्रक्रिया के तहत डिजिटल…

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चुनावी साल में ममता का मास्टरस्ट्रोक! DA बढ़ा, भत्ता बढ़ा… और सियासत

पश्चिम बंगाल की Mamata Banerjee government ने चुनावी साल में बड़ा दांव चलते हुए Interim Budget 2026-27 में राज्य कर्मचारियों के लिए 4% Dearness Allowance (DA) hike का ऐलान कर दिया है।अब तक 18% DA पा रहे कर्मचारियों को जल्द ही 22% DA मिलने लगेगा। बजट पेश होने के बाद इसे immediate relief के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, Central Government employees जहां 58–60% DA पा रहे हैं, वहां यह gap अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। DA Hike: Relief या Political Signal? सरकारी हलकों में…

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DA कोई दया नहीं, हक़ है! सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को पढ़ाया कानून का पाठ

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा कि महंगाई भत्ता (DA) देना सरकार की मर्जी नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। जस्टिस संजय करोल और पी.के. मिश्रा की बेंच ने सरकार की आर्थिक तंगी वाली दलीलों को सीधे खारिज कर दिया। मतलब साफ है जेब हल्की है, यह बहाना नहीं चलेगा। 2009–2019 तक का 25% DA देना होगा सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि साल 2009 से 2019 तक का बकाया DA 25% की दर से…

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